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बिहार में अब कागजी रिपोर्ट नहीं, जमीन पर होगी पुलिसिंग की जांच, 36 IPS अफसरों को 40 जिलों की जिम्मेदारी
बिहार में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आदेश पर 36 वरिष्ठ IPS अधिकारियों को 40 पुलिस जिलों का प्रभारी बनाया गया है. सभी अधिकारी 25 से 27 सितंबर के बीच जिलों का दौरा कर थानों की कार्यप्रणाली, गश्त, पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण की स्थिति की जमीनी समीक्षा करेंगे.
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बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आदेश पर पुलिस मुख्यालय ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला लिया है. इसके तहत एडीजी, आईजी और डीआईजी स्तर के 36 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को राज्य के 40 पुलिस जिलों का प्रभारी और नोडल अधिकारी बनाया गया है. अधिकारियों को सिर्फ कागजी रिपोर्ट देखने के बजाय जिलों में पहुंचकर पुलिसिंग की जमीनी स्थिति समझने के निर्देश दिए गए हैं.
25 से 27 सितंबर तक जिलों का दौरा
पुलिस मुख्यालय के निर्देश के मुताबिक सभी 36 अधिकारी 25 से 27 सितंबर के बीच अपने आवंटित जिलों का दौरा करेंगे. इस दौरान वे कानून-व्यवस्था, थानों की कार्यप्रणाली, पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली, गश्त और महत्वपूर्ण मामलों की स्थिति की समीक्षा करेंगे. अधिकारियों को औपचारिक दौरे के बजाय जमीन पर जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लेने को कहा गया है. इस पूरी कवायद का मकसद यह समझना है कि थाने से लेकर जिले के स्तर तक पुलिसिंग किस तरह चल रही है और अपराध नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों का असर जमीन पर कितना दिखाई दे रहा है.
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प्रीता वर्मा को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
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जिला स्तर पर समीक्षा पूरी होने के बाद सभी प्रभारी अधिकारी अपनी रिपोर्ट प्रभारी डीजीपी प्रीता वर्मा को सौंपेंगे. रिपोर्ट में कानून-व्यवस्था की स्थिति के साथ पुलिसिंग से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं और प्रमुख मामलों की जानकारी शामिल होगी. इससे पुलिJamui में लड़की के साथ कांड पर भड़के Bihar के लोग, बोले- हाफ Encounter नहीं फांसी दोस मुख्यालय को अलग-अलग जिलों की स्थिति का सीधा फीडबैक मिलने की व्यवस्था बनाई गई है.
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किस अधिकारी को मिली जिम्मेदारी?
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी व्यवस्था के तहत के. सुहिता अनुपम को पटना, आर. मल्लार बीजी को नालंदा, डॉ. अमित कुमार जैन को वैशाली और सुधांशु कुमार को दरभंगा की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं एनएच खान को मुजफ्फरपुर, डॉ. कमल किशोर सिंह को समस्तीपुर, पारसनाथ को मुंगेर और अजिताभ कुमार को गोपालगंज का प्रभारी बनाया गया है.
धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर भी सुरक्षा
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पुलिस मुख्यालय ने राज्य के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष व्यवस्था का फैसला किया है. इन स्थानों पर विशेष सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती की जाएगी. ऐसे में आने वाले दिनों में जिलों की पुलिसिंग और संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा पर वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी नजर रहने वाली है.
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कुल मिलाकर 36 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को 40 पुलिस जिलों की जिम्मेदारी सौंपना बिहार में कानून-व्यवस्था की निगरानी को जमीनी स्तर तक ले जाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. अब इन अधिकारियों की रिपोर्ट से सामने आएगा कि अलग-अलग जिलों में पुलिसिंग की वास्तविक स्थिति क्या है और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है.