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‘आशीष बनकर आए तो…’, BJP नेता नितेश राणे की चेतावनी, गरबा-डांडिया महोत्सव में मुस्लिमों की एंट्री पर फिर बोला हमला
नितेश राणे ने तीखे लहजे में पहचान छिपाकर गरबा-डांडिया पंडालों में आने वालों को कड़ी चेतावनी दी. राणे ने कहा, आशीष बनकर डांडिया में घुसने वाले अब्दुल्ला के साथ पुलिस डांडिया खेलेगी.
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महाराष्ट्र में नवरात्रि और गरबा आयोजनों के दौरान मुस्लिमों की एंट्री पर फिर बवाल खड़ा हो गया. BJP नेता नितेश राणे की टिप्पणी फिर चर्चा में है. उन्होंने गरबा पंडालों में पहचान छिपाकर प्रवेश करने वालों को कड़ा संदेश दिया है.
नितेश राणे ने तीखे लहजे में पहचान छिपाकर गरबा-डांडिया पंडालों में आने वालों को कड़ी चेतावनी दी. राणे ने कहा, आशीष बनकर डांडिया में घुसने वाले अब्दुल्ला के साथ पुलिस डांडिया खेलेगी. नितेश राणे ने ये भी कहा कि डांडिया में किसी मुस्लिम ने किसी हिन्दू बहन को फंसाने की कोशिश की, उनकी तरफ देखने की कोशिश की तो पुलिस को भी डांडिया खेलना आता है. पुलिस उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी.
नितेश राणे ने दिया सख्त संदेशइससे पहले भी नितेश राणे ने गरबा पंडालों में मुस्लिमों की एंट्री पर सवाल उठाते हुए बैन करने की बात कही थी. इस बार उन्होंने सीधी चेतावनी दे डाली. राणे ने कहा,
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‘ये हमारे हिंदू त्यौहार हैं, सनातन हिंदू धर्म में, डांडिया और गरबा का अलग महत्व है, इसलिए कोई भी हिंदू जिस तरह ईद, रमजान और मुहर्रम पर कोई परेशानी नहीं खड़ी करता. उसी तरह हमारे हिंदू त्यौहार पर किसी ने भी पहचान बदलकर लव जिहाद की कोशिश की तो फिर पुलिस के साथ डांडिया खेलना पड़ेगा.’
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BJP विधायक ने की थी तिलक लगाकर आने की मांग
नवरात्रि मे हर साल की तरह इस बार भी गरबा पंडालों में मुस्लिमों की एंट्री पर सियासत गर्मा गई है. नवरात्रि शुरू होने से पहले BJP विधायक संजय उपाध्याय ने कहा था कि मुस्लिम गरबा उत्सव का हिस्सा बन सकते हैं, बशर्ते उन्हें तिलक लगाना होगा और देवी की पूजा करनी होगी. संजय उपाध्यान ने यह भी कहा कि ‘इस बार गरबा में मुस्लिमों की एंट्री नहीं होगी. जो लोग गरबा में आना चाहते हैं, वे अपनी पत्नी, बहन और बेटी के साथ आएं. साथ ही रखी गई शर्तों का पालन भी करें. गरबा स्थल लव जिहाद की जगह नहीं.’
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CM फडणवीस की पत्नी ने जताई थी असहमति
हालांकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने इस पर असहमति जताई थी. उन्होंने कहा था, मुझे नहीं पता नितेश राणे ने ऐसा क्यों कहा, चाहे गरबा हो, नवरात्रि हो, ये अपने बहुत ही सुंदर फ़ेस्टिवल्स हैं, जो जग प्रसिद्ध हैं, लोग इसे पसंद करते हैं. आस्था, श्रद्धा से कोई भी आना चाहे, चाहे अपनी फ़ैमिलीज़ को लेकर आना चाहे, तो मुझे लगता है कि जाति-धर्म का उसमें भेद नहीं रहना चाहिए.’ अमृता फडणवीस ने गरबा आयोजन स्थलों पर आई कार्ड चेक करवाने की मांग का समर्थन किया था.
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