अतीक अहमद से लेकर राहुल-अखिलेश तक… लखनऊ में दशानन के पोस्टर में नेताओं-माफिया के ‘चेहरे’, सियासी पारा हाई
दशहरे से पहले लखनऊ की सड़कों पर लगे दशानन के पोस्टर ने विवाद बढ़ा दिया. पोस्टर में विपक्ष के कई नेताओं और माफिया हैं, जिनके साथ ‘सनातन भारत के विरोधी रावण’ लिखा है.
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दशहरे में ज्यादा दिन नहीं बचे हैं, एक तरफ रावण के पुतले अंतिम रूप ले रहे हैं तो दूसरी ओर सड़कों पर दशानन वाले पोस्टर नजर आने लगे हैं. इसी कड़ी में लखनऊ की सड़क पर लगा दशानन वाला एक पोस्टर काफी चर्चा में है. जिसने UP का सियासी पारा बढ़ा दिया. क्योंकि इसमें रावण के सिर की जगह नेताओं की तस्वीरें हैं. जिन पर विवाद बढ़ गया.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के 1090 चौराहे समेत कई प्रमुख स्थानों पर 'सनातन रक्षा संगठन' ने विवादित पोस्टर लगाए हैं. इन पोस्टरों में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं के साथ माफिया और गैंगस्टर्स की तस्वीरें लगाई गई हैं.
एलन मस्क, जॉर्ज सोरोस भी शामिल
पोस्टर में माफिया अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी, सपा नेता आजम खान, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई लोगों की तस्वीरें हैं. इन सभी को पोस्टर में ‘सनातन भारत के विरोधी रावण’ और ‘सनातन भारत का दुश्मन’ बताया गया है. पोस्टर में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, टेस्ला के मालिक एलन मस्क और जॉर्ज सोरोस जैसे चेहरे भी थे.
सपा कार्यकर्ताओं ने फाड़े पोस्टर
इसे लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखी गई. सपा कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर इन पोस्टरों को फाड़ दिया. इस पूरे मामले पर समाजवादी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे भारतीय जनता पार्टी की साजिश बताया है. अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा,
‘2027 के विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे BJP की घबराहट बढ़ रही है. इसलिए वो ऐसी चीजें करवा रही है.’
अवधेश प्रसाद ने यह भी कहा कि BJP अखिलेश यादव की बढ़ती लोकप्रियता और विश्वसनीयता को लेकर चिंतित है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, उनकी घबराहट बढ़ती जा रही है. इसीलिए पोस्टर, झूठे बयानों और गुमराह करने वाले दावों के जरिए ऐसी हरकतें की जा रही हैं. हालांकि, उनकी ये सारी कोशिशें नाकाम रहेंगी, जनता सब समझती है.’
वहीं, लखनऊ में सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने सनातन रक्षा संगठन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि यह संगठन BJP के इशारे पर काम कर रहा है. फखरुल हसन ने कहा, ‘ये संगठन पहले एक राजनीतिक संगठन था, जिस पर ईडी की कार्रवाई हुई थी. ईडी की कार्रवाई के बाद ही भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर नया संगठन बना लिया गया. ये BJP के लिए काम करता है. एजेंसियों से बचने के लिए काम करता है.’
उन्होंने आगे कहा, ‘विपक्ष को कैसे बदनाम किया जाए, इसके लिए BJP के पास इसी तरह के हथियार हैं. यह निचले स्तर की राजनीति है. जनता ने 2024 के लोकसभा चुनाव में सबक सिखाया था और 2027 में BJP को उत्तर प्रदेश से साफ कर देंगे.’
सपा नेता डॉ. इंद्रसेन ने भी इस पोस्टर विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि BJP का ये जो कृत्य है, वह बताता है कि उनके अंदर कितनी गंदगी भरी है. वह समाज को कितना गिराना चाहते हैं.
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उन्होंने कहा, ‘भगवान राम ने धन-संपत्ति छोड़कर अपने पिता के सम्मान के लिए वन गमन किया था. वन में उन्होंने भील, केवट समेत सभी जातियों को गले लगाया और उसी के बल पर लंका पर विजय हासिल की. BJP के लोग भगवान राम के आदर्शों पर नहीं चलते और धर्म का सिर्फ सियासी लाभ लेने की जुगत में रहते हैं.’