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सात समंदर पार गूंजा दीपोत्सव, अयोध्या की भव्यता देखने ऑस्ट्रेलिया से आए शेन, बोले- अद्भुत है
ऑस्ट्रेलिया निवासी शेन मलेशिया में भारतीय समुदाय के बीच दिवाली की तैयारियां देखकर अयोध्या के दीपोत्सव से परिचित हुए. रामनगरी की भव्यता देखने की इच्छा उन्हें सात समंदर पार भारत खींच लाई. राम की पैड़ी पर दीपोत्सव की तैयारियां, जगमगाती रोशनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखकर वह अभिभूत हैं. उनके लिए अयोध्या की यह यात्रा भारत की आध्यात्मिक विरासत को करीब से महसूस करने का अनूठा अनुभव है.
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मलेशिया में दिवाली की तैयारियां देखीं तो मन में अयोध्या को देखने की इच्छा जाग उठी. रामनगरी के दीपोत्सव की भव्यता के बारे में सुना तो सात समंदर पार ऑस्ट्रेलिया से यहां चले आए. अब राम की पैड़ी पर बैठकर जब शेन दीपोत्सव की तैयारियों को निहारते हैं तो उनकी आंखों में चमक और चेहरे पर प्रसन्नता देखते ही बनती है. सड़कों पर बिखरी रोशनी, जगमगाते चौक, एलईडी स्क्रीन, दीपों की सजावट और धार्मिक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजी अयोध्या उन्हें किसी अद्भुत संसार जैसी प्रतीत हो रही है. शेन के शब्दों में, अयोध्या का यह अनुभव अद्भुत और अविश्वसनीय है.
मलेशिया में सुनी रामनगरी की महिमाऑस्ट्रेलिया निवासी शेन भारत की आध्यात्मिक यात्रा पर निकले हैं। इससे पहले वह मलेशिया में थे, जहां भारतीय समुदाय के बीच दिवाली की तैयारियां देखकर उन्हें इस पर्व और अयोध्या के दीपोत्सव के बारे में जानकारी मिली. शेन ने बताया कि मलेशिया में ही अयोध्या की चर्चा सुनी थी. इसके बाद रामनगरी में दिवाली किस तरह मनाई जाती है, यह देखने की इच्छा हुई. उन्होंने कहा कि अयोध्या आकर बहुत अच्छा लगा. यहां का वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर है. दीपोत्सव की तैयारियां और रोशनी देखकर वह आश्चर्यचकित हैं. उनके लिए यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा को करीब से महसूस करने का अवसर है.
रोशनी, लोकनृत्य और सांस्कृतिक छटा ने मोहा मन
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रामनगरी की सड़कों पर सजी रोशनी और चौक-चौराहों पर दिखाई दे रही सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी शेन को खूब भा रही हैं. लता मंगेशकर चौक की भव्य सजावट, एलईडी स्क्रीन पर दिखाई जा रही झलकियां और विभिन्न स्थानों पर प्रस्तुत किए जा रहे धार्मिक एवं लोकनृत्य अयोध्या की सांस्कृतिक विविधता को जीवंत कर रहे हैं. शेन ने बताया कि यहां की तैयारियां बेहद शानदार हैं. अलग-अलग संस्कृतियों और परंपराओं को एक साथ देखकर उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है। दीपोत्सव के माध्यम से जिस तरह भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत सामने आ रही है, वह उनके लिए बेहद सुखद अनुभव है. उन्होंने अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था की भी सराहना करते हुए कहा कि वह ऑस्ट्रेलिया से आए हैं, लेकिन यहां खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर रहे हैं. शेन के अनुसार, अयोध्या बहुत सुंदर शहर है और यहां का वातावरण मन को सुकून देने वाला है.
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श्रीराम मंदिर के बाद वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर चमकी रामनगरी
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शेन सोमवार तक अयोध्या में रहेंगे और दीपोत्सव तथा दिवाली की भव्यता को करीब से देखने के बाद वाराणसी की यात्रा करेंगे. भारत की आध्यात्मिक यात्रा पर निकले शेन के लिए रामनगरी की यात्रा विशेष बन गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या का विकास जिस गति से हुआ है, उसने रामनगरी की पहचान को वैश्विक स्तर पर विस्तार दिया है. भव्य मंदिर, विकसित होती आधारभूत सुविधाएं, सुसज्जित सड़कें, सांस्कृतिक आयोजन और दीपोत्सव की विश्वव्यापी ख्याति विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित कर रही है. मलेशिया में अयोध्या का नाम सुनकर ऑस्ट्रेलिया से पहुंचे शेन इस बदलती रामनगरी की तस्वीर हैं. सात समंदर पार तक पहुंची दीपोत्सव की गूंज बता रही है कि अयोध्या अब केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि विश्व की आध्यात्मिक यात्रा का प्रमुख पड़ाव बन रही है.
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बताते चलें कि शेन की यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि अयोध्या की आस्था और दीपोत्सव की भव्यता अब सरयू के तट तक सीमित नहीं, बल्कि सात समंदर पार दुनिया के अलग-अलग देशों तक अपनी पहचान बना रही है. मलेशिया में सुनी गई रामनगरी की महिमा ने ऑस्ट्रेलिया से उन्हें यहां तक खींच लाया। दीपों की जगमगाहट, संस्कृति की जीवंत छटा और राम नाम से सराबोर वातावरण ने उनके मन पर ऐसी छाप छोड़ी है, जिसे वह अपने साथ लेकर लौटेंगे. यही अयोध्या के दीपोत्सव की असली चमक है, जो सिर्फ शहर को रोशन नहीं करती, बल्कि दुनिया भर के लोगों के दिलों में भारत की आध्यात्मिक विरासत के प्रति श्रद्धा और आकर्षण का दीप भी प्रज्वलित करती है.