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'समर्पण, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्र प्रथम की भावना...', PM मोदी को शासन में 25 साल पूरे होने पर CM योगी ने दी बधाई

सीएम योगी ने पीएम मोदी को सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे करने पर बधाई दी और उनकी जनसेवा, दृढ़ संकल्प व ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना की सराहना की.

'समर्पण, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्र प्रथम की भावना...', PM मोदी को शासन में 25 साल पूरे होने पर CM योगी ने दी बधाई
Image Source: IANS
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे करने पर बधाई दी. उन्होंने इस उपलब्धि को बेहद खुशी का पल बताया और जन-सेवा तथा 'राष्ट्र प्रथम' के सिद्धांत के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर जोर दिया. 

सीएम योगी ने एक्स पोस्ट में कहा, 'जनसेवा से राष्ट्रसेवा' को जीवन का ध्येय मानकर भारत की अस्मिता, स्वाभिमान और गौरव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर समर्पित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सरकार के मुखिया के रूप में 25 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होना हम सभी के लिए अत्यंत हर्ष का अवसर है.' उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी के सार्वजनिक पद पर 25 साल 'जनसेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता, दृढ़ संकल्प, दूरदर्शी नेतृत्व और 'राष्ट्र प्रथम' की भावना' को दर्शाते हैं.

पीएम मोदी का जीवन मज़बूत भारत की प्रेरणा देता है: सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा, 'प्रधानमंत्री का जीवन देश के लोगों को एक विकसित, आत्मनिर्भर और मजबूत भारत बनाने के लिए प्रेरित करता है.' एक वीडियो संदेश में सीएम योगी ने कहा, 'अपनी कड़ी मेहनत से पीएम मोदी की शानदार यात्रा ने हम सभी को एक नए भारत को देखने का मौका दिया है. एक ऐसा भारत जिस पर हमें गर्व है, जो सुरक्षित है और जो दुनिया का सामना करने के लिए तैयार है.' सीएम योगी ने इस उपलब्धि पर पीएम मोदी को बधाई देते हुए कहा, 'राष्ट्रसेवा के इस निरंतर पथ पर 25 शानदार साल पूरे करने पर प्रधानमंत्री को हार्दिक बधाई.'

2001 में गुजरात के सीएम से शुरू हुआ सफर

प्रधानमंत्री मोदी ने 7 अक्टूबर को सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे किए. यह उस राजनीतिक सफर का अहम पड़ाव है जो 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी नियुक्ति के साथ शुरू हुआ था. मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सरकार के प्रमुख के तौर पर लगातार 25 साल तक नेतृत्व करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए एक प्रस्ताव पारित किया. जानकारी देते चलें कि प्रधानमंत्री मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी और मई 2014 तक इस पद पर रहे. इसके बाद मई 2014 में वे प्रधानमंत्री बने और तब से इस पद पर बने हुए हैं.

बीजेपी और RSS में संगठनात्मक काम से शुरू हुआ राजनीतिक सफर

नरेंद्र मोदी का राजनीतिक उदय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बीजेपी में संगठनात्मक कामकाज के ज़रिए बहुत पहले ही शुरू हो गया था. 1987 में नरेंद्र मोदी बीजेपी की गुजरात इकाई के महासचिव बने. 1995 में गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद उनकी संगठनात्मक भूमिका का विस्तार हुआ. इसके बाद उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया और वे नई दिल्ली चले गए, जहां उन्हें कई उत्तरी राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई. 1998 में वेबीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बने, जो पार्टी के अहम संगठनात्मक पदों में से एक है.

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अक्टूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने मोदी

अक्टूबर 2001 में प्रधानमंत्री मोदी को केशुभाई पटेल की जगह गुजरात का मुख्यमंत्री चुना गया. यह राज्य के लिए एक मुश्किल समय था, क्योंकि राज्य तब भी विनाशकारी भुज भूकंप के असर और राजनीतिक व प्रशासनिक चुनौतियों से जूझ रहा था. राष्ट्रीय राजनीति में आने से पहले वे 2014 तक मुख्यमंत्री रहे.

सरकारी योजनाओं और डिजिटल गवर्नेंस पर रहा जोर

पिछले 25 सालों में पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार ने सरकारी योजनाओं को लागू करने और उन तक लोगों की पहुंच बनाने पर काफी जोर दिया है. इस दौरान टेक्नोलॉजी और डिजिटल गवर्नेंस पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के अहम हिस्से बन गए हैं. वर्ल्ड बैंक ने भी भारत के विकास के पैमानों में बड़े बदलाव देखे हैं, जैसे कि 2011-12 में अनुमानित 16.2 प्रतिशत से घटकर 2022-23 में 2.3 प्रतिशत हुई अत्यधिक गरीबी और साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार व बुनियादी सेवाओं तक पहुंच में बढ़ोतरी.

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बताते चलें कि पीएम मोदी के कार्यकाल में भारत की अंतरराष्ट्रीय पहचान भी बढ़ी है. सरकार ने अधिक कूटनीतिक जुड़ाव, प्रमुख ताकतों के साथ मजबूत संबंध और 'ग्लोबल साउथ' में भारत की अहम भूमिका पर ध्यान दिया है.

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