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‘CM योगी ही असली धुरंधर...’, पूजा पाल के बयान से गरमाई UP की सियासत, सपा पर बोला बड़ा हमला
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सियासी दल ‘आधी आबादी’ को साधने में जुटे हैं.समाजवादी पार्टी ने महिलाओं को 40 हजार सालाना देने का वादा किया, तो बीजेपी ने महिला आरक्षण और सुरक्षा को मुद्दा बनाया. वहीं पूजा पाल के बयान से सपा पर हमले तेज हो गए हैं.
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उत्तर प्रदेश में अगले साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी अभी से तेज हो गई है. इस बार चुनावी मैदान में सबसे बड़ा फोकस ‘आधी आबादी’ यानी महिलाओं पर है. चाहे विपक्ष की समाजवादी पार्टी हो या सत्ताधारी बीजेपी, दोनों ही दल महिलाओं को अपने पक्ष में करने के लिए बड़े-बड़े दांव चल रहे हैं. राजनीतिक गलियारों में साफ दिख रहा है कि इस बार महिला वोटर ही चुनाव का रुख तय कर सकती हैं. यही वजह है कि वादों से लेकर आरोप-प्रत्यारोप तक सब कुछ इसी के इर्द-गिर्द घूम रहा है.
सपा ने किया महिलाओं को हर साल 40 हजार देने का ऐलान
अखिलेश यादव ने महिलाओं को साधने के लिए बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अगर उनकी सरकार बनती है, तो घर की मुखिया महिला को हर साल 40 हजार रुपये दिए जाएंगे. यह वादा सीधे तौर पर आर्थिक मदद से जुड़ा है, जो महिलाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया जा रहा है. सपा इसे ‘पीडीए’ रणनीति का हिस्सा मान रही है, जिसमें ‘ए’ यानी आधी आबादी को खास महत्व दिया जा रहा है. हाल ही में सपा ने महिलाओं को सम्मानित कर यह संदेश देने की कोशिश भी की कि पार्टी उनके साथ खड़ी है.
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बीजेपी का पलटवार
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सपा के इस ऐलान के बाद बीजेपी भी एक्टिव मोड में आ गई है. पार्टी ने महिला सुरक्षा को बड़ा मुद्दा बनाते हुए सपा शासनकाल के दौरान हुए अपराधों को याद दिलाना शुरू कर दिया है. इसके साथ ही बीजेपी 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को लेकर भी अपनी रणनीति तैयार कर रही है. ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लागू करने की बात कर बीजेपी महिलाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है.
महिला वोटर क्यों बन रही हैं गेमचेंजर
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राज्य में महिला मतदाताओं की संख्या करोड़ों में है और पिछले चुनावों में उनकी भागीदारी लगातार बढ़ी है. यही कारण है कि सभी पार्टियां इस वर्ग को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत लगा रही हैं. एक तरफ सपा कैश ट्रांसफर का वादा कर रही है, तो दूसरी तरफ बीजेपी अपनी योजनाओं और सुरक्षा के मुद्दे को आगे बढ़ा रही है.
पूजा पाल के बयान से गरमाई सियासत
इस बीच, विधायक पूजा पाल ने सपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उस दौर में अतीक अहमद को संरक्षण मिला था. उन्होंने यह भी दावा किया कि फिल्म ‘धुरंधर 2’ में अतीक और सपा के बीच संबंधों से जुड़े कई पहलुओं को उजागर किया गया है. पूजा पाल के मुताबिक, सपा शासन के दौरान अतीक ने देश को दीमक की तरह नुकसान पहुंचाया और नकली नोटों के कारोबार में भी उसकी भूमिका रही. साथ ही उन्होंने सीएम योगी की तारीफ करते हुए कहा कि वो असली धुरंधर हैं उनकी सरकार ने अतीक और मुख्तार जैसे अपराधियों के नेटवर्क को खत्म करने का काम किया.
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सपा का पलटवार भी तेज
पूजा पाल के आरोपों के बाद सपा ने भी जवाबी हमला किया. पार्टी प्रवक्ताओं ने सवाल उठाया कि अगर इतनी शिकायतें थीं, तो पहले पार्टी में क्यों रहीं. इस बयानबाजी से साफ है कि चुनाव नजदीक आते-आते सियासी टकराव और तेज होने वाला है.
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बताते चलें कि यूपी की सियासत इस वक्त पूरी तरह महिला वोटर के इर्द-गिर्द घूम रही है. वादे, योजनाएं और आरोप सब कुछ इसी दिशा में केंद्रित है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि महिलाएं किस पार्टी पर भरोसा जताती हैं. क्योंकि 2027 की सत्ता की चाबी कहीं न कहीं ‘आधी आबादी’ के हाथ में ही नजर आ रही है.