सीएम धामी का विपक्ष पर निशाना, बोले- सिर्फ बयान से नहीं चलेगा काम, सबूत और परिणाम भी जरूरी
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य में महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों और होमस्टे योजनाओं का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि इन पहलों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं.
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन केवल बयान देने से काम नहीं चलता. दावों के समर्थन में सबूत और परिणाम भी होने चाहिए.
सीएम धामी का विपक्ष पर निशाना
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन सिर्फ बयान देना काफी नहीं है. अपने दावों को साबित करने के लिए प्रमाण और परिणाम भी होने चाहिए. कुछ लोगों ने विरोध करना ही अपना उद्देश्य बना लिया है."
उनकी यह टिप्पणी लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में आई है.
विपक्षी नेताओं का प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा. इस दौरान नेताओं ने कनॉट प्लेस में दोपहर का भोजन किया. इससे पहले बुधवार को उन्होंने एक लोकप्रिय दक्षिण भारतीय रेस्तरां में भोजन किया था. भोजन के बाद सांसद फिर से राजघाट पहुंचे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा.
पंचायती राज प्रतिनिधियों से मिले सीएम धामी
इस बीच, मुख्यमंत्री धामी ने गुरुवार को हरिद्वार में पंचायती राज प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं पर चर्चा की.
उन्होंने कहा, "आज हमारे सभी पंचायती राज प्रतिनिधि यहां मौजूद हैं. उनके साथ चर्चा की जा रही है और उनके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है. हमारे राज्य के विकास में पंचायती राज की महत्वपूर्ण भूमिका है, क्योंकि राज्य का 70 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र और आबादी इससे जुड़ी हुई है. ग्रामीण क्षेत्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए."
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव स्वच्छ और स्वस्थ हों, इसी दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है.
गांव-गांव तक पहुंचेगा अंत्योदय का विजन
उन्होंने कहा, "हम लगातार इस पर कार्य कर रहे हैं. कई योजनाएं चलाई गई हैं. हमने चर्चा की कि छोटे-छोटे क्षेत्रों में गांवों का विकास कैसे किया जाए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'अंत्योदय' के विजन को पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंचाया जा सकता है. इस सोच को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में पंचायती राज की अहम भूमिका है, इसलिए हम क्षेत्र की जरूरतों और प्राथमिकताओं के अनुसार काम कर रहे हैं."
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मुख्यमंत्री धामी ने राज्य में महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों और होमस्टे योजनाओं का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि इन पहलों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं.