पालम में AAP–BJP नेताओं के बीच झड़प, Arvind Kejriwal को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने का आरोप
राजधानी दिल्ली के पालम इलाके में हुए दर्दनाक अग्निकांड में कश्यप परिवार के 9 लोगों की मौत के बाद अब सियासत चरम पर है. पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं के बीच भारी हंगामा और हिंसक झड़प हुई.
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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पालम इलाके में उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब आम आदमी पार्टी (आप) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेताओं के बीच तीखी झड़प हो गई. यह विवाद उस वक्त हुआ, जब आप के राष्ट्रीय संयोजक और अरविंद केजरीवाल और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे.
पालम में AAP–BJP नेताओं के बीच तीखी झड़प
घटना के दौरान आप प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज भी मौजूद थे, जिन्होंने भाजपा और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि ये लोग यहां सिर्फ राजनीति कर रहे हैं. शोक जताने जैसा यहां क्या है? जब आप अपने ही विभाग की कमियों को स्वीकार नहीं कर सकते, तो आप क्या बताने आए हैं? आप सब कुछ छिपा रहे हैं, तो यहां दुख जताने क्यों आए हैं?
दिल्ली पुलिस पर भी निशाना साधते हुए सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि पुलिस पूरी तरह से गुंडागर्दी कर रही है. स्थानीय पुलिस इस इलाके को पूरी तरह बर्बाद करना चाहती है. स्थानीय एसएचओ इसमें शामिल है.
पालम का हादसा बेहद दर्दनाक है। फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंची, और उनकी हाइड्रोलिक लिफ्ट भी काम नहीं कर रही थी। अगर समय पर कार्रवाई की गई होती, तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
— AAP (@AamAadmiParty) March 19, 2026
मैं शोकाकुल परिवार से मिलने और अपनी संवेदनाएँ व्यक्त करने आया था, लेकिन यहाँ BJP के गुंडे सहानुभूति… pic.twitter.com/QzlndH5Rgu
पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे केजरीवाल को रोके जाने का आरोप
इसी बीच अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर घटना को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि वह पालम में पीड़ित परिवार से मिलने और कश्यप जी के दुख में शामिल होने गए थे, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें मिलने से रोक दिया और बदसलूकी की.
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केजरीवाल ने पोस्ट में लिखा, "पालम में पीड़ित परिवार से मिलने गया था, कश्यप जी के दुख में शामिल होने के लिए गया था, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं ने वहां हमें मिलने से रोका, बदसलूकी की, कुर्सियां फेंकीं, ये कैसे लोग हैं? मानवता खत्म हो चुकी है इन लोगों में. सरकार की नाकामी और लापरवाही ने 9 लोगों की जान ले ली. फायर ब्रिगेड की हाइड्रोलिक लिफ्ट तक नहीं खुली, लोग घंटों मदद के लिए पुकारते रहे और तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया और ऊपर से शोक संतप्त परिवार के घर पर ये लोग गुंडागर्दी कर रहे हैं? ये अमानवीयता की पराकाष्ठा है."
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