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SC/ST एक्ट के तहत उठाया सरकारी योजना का फायदा, जांच में निकले झूठे, अब कोर्ट ने दिए पाई-पाई वसूलने के ऑर्डर

जांच में सामने आया कि SC/ST से जुड़े 9 मामले झूठे हैं इनका इस्तेमाल सरकारी अनुदान राशि पाने के लिए किया गया था.

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संविधान में नागरिकों को कानून इसलिए दिए गए हैं ताकि वह अपने साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठा सकें, न कि उस कानून का दुरुपयोग कर फायदा उठाएं. हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं कि पिछले कुछ समय से ऐसे कई मामले सामने आए हैं. जिसमें संवैधानिक शक्ति के गलत इस्तेमाल करना नया धंधा बन गया है. नया मामला UP के हाथरस से सामने आया है. 

UP के हाथरस में SC/ST एक्ट से जुड़े 9 मुकदमे झूठे पाए गए हैं. बताया जा रहा है SC-ST एक्ट का इस्तेमाल कर सरकारी योजना का फायदा लिया गया था. योजना की राशि भी खाते में ट्रांसफर हो गई थी. इसके बाद मामला पुलिस के संज्ञान लिया है. 

पाई-पाई वसूली जाएगी 

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मामला कोर्ट के संज्ञान में आया है और आरोपियों को नोटिस भेजकर वसूली प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. जांच में सामने आया कि SC/ST से जुड़े 9 मामले झूठे हैं इनका इस्तेमाल सरकारी अनुदान राशि पाने के लिए किया गया था. 

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हाथरस के अलग-अलग थानों में दर्ज मामलों में सामने आया कि किसी आरोपी को डेढ़ लाख रुपए मिले तो किसी को एक लाख, तो किसी को 75 हजार अनुदान राशि मिली. हाथरस के अलग-अलग इलाकों से ये मामले सामने आए हैं. 

वहीं, आरोप ये भी है कि इस मामले में कोर्ट में गलत सबूत भी पेश किए गए. जिस पर अलग से कार्रवाई की जाएगी. अब प्रशासन इस बात की भी जांच कर रही है कि लिस्ट में और भी तो ऐसे नाम नहीं हैं. जिन्होंने SC/ST एक्ट का गलत इस्तेमाल कर सरकारी योजना का लाभ लिया है. ऐसे लोगों को चिन्हित कर, जांच के बाद उनसे एक-एक पाई वसूलने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. 

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कुछ दिनों पहले बिहार में SC/ST एक्ट के तहत झूठे केस में फंसाने वाली गैंग का पर्दाफाश हुआ था. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में इस पर बड़ा खुलासा हुआ था. ये गैंग बिहार में SC/ST एक्ट का गलत इस्तेमाल कर फर्जी केस लगाने का ठेका लेती थी. ये रैकेट बकायदा शिकायतकर्ता, पीड़ित और गवाह तक की व्यवस्था करवाती थी.

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