26 जनवरी पर मस्जिद-मदरसों पर लहराएगा तिरंगा… वक्फ बोर्ड के फैसले पर कांग्रेस ने जताया ऐतराज! मचा सियासी घमासान

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड केे एक फैसले पर सियासत तेज हो गई है. बोर्ड के चेयरमैन सलीम रजा के बयान पर कांग्रेस ने सख्त नाराजगी जाहिर की है, साथ ही धार्मिक स्थलों पर तिरंगा फहराने के निर्देशों पर भी सवाल उठाए.

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24 Jan 2026
( Updated: 24 Jan 2026
05:47 PM )
26 जनवरी पर मस्जिद-मदरसों पर लहराएगा तिरंगा… वक्फ बोर्ड के फैसले पर कांग्रेस ने जताया ऐतराज! मचा सियासी घमासान

26 जनवरी को छत्तीसगढ़ के सभी मस्जिद-मदरसों कब्रिस्तान और अन्य मुस्लिम इबादतगाहों में तिरंगा फहराने के निर्देश दिए गए हैं. छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने यह अहम फैसला लिया है. सभी जिलों को इससे संबंधित निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं. 

वक्फ बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि सभी जगह तिरंगा फहराए जाने के साथ-साथ गणतंत्र दिवस पर मिठाई भी बांटी जाए. वक्फ बोर्ड का कहना है कि गणतंत्र दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और देश की एकता का प्रतीक है. इसी भावना के तहत वक्फ से जुड़ी सभी धार्मिक संस्थाओं को अपने मुख्य द्वार पर तिरंगा फहराना चाहिए, ताकि राष्ट्रीय सम्मान और एकजुटता का संदेश जाए. 

वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम रजा ने कहा, गणतंत्र दिवस को देशभक्ति, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द के साथ मनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड हमेशा संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता के पक्ष में खड़ा रहा है और आगे भी रहेगा.

बोर्ड का तर्क है कि यह पहल सामाजिक एकता को मजबूत करने के साथ-साथ उन आरोपों का भी जवाब होगी. जिसमें कहा जाता है कि मुस्लिम राष्ट्रीय पर्व नहीं मनाते. वक्फ बोर्ड उन संस्थानों को आर्थिक सहायता भी देगा. जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं. संस्थानों को 5 हजार से 7 हजार तक की मदद दी जाएगी, ताकि ध्वजारोहण के साथ-साथ मिठाई बांटी जा सके. 

धार्मिक स्थलों पर तिरंगा फहराने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल 

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के फैसले पर सियासत भी शुरू हो गई है. कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने सवाल उठाते हुए कहा, मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, गिरजाघर जैसे धार्मिक स्थलों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की व्यापक परंपरा नहीं है. राष्ट्रीय पर्वों पर स्कूलों और संस्थाओं में ध्वजारोहण होता है. 

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कांग्रेस की आपत्ति पर वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सलीम रजा ने कहा, कांग्रेस ने मुसलमानों को सिर्फ आतंकवादी बनाने का काम किया. उनका आरोप है कि कांग्रेस ने मुसलमानों को देश की एकता से दूर रखा और संदिग्ध गतिविधियों से जोड़ा. हालांकि कांग्रेस ने सलीम रजा के इन आरोपों का पलटवार करने के साथ ही कड़ी आपत्ति जताई. टीएस सिंहदेव ने सलीम रजा के बयान को कांग्रेस से जोड़ना और उसे मुसलमान आतंकवाद से लिंक करने को आपत्तिजनक माना है. कांग्रेस ने साफ किया कि मदरसों में 15 अगस्त और 26 जनवरी को ध्वजारोहण पहले से होता रहा है. टीएस सिंहदेव ने कहा, मिठाई बांटने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कांग्रेस पर लगाए गए आरोप दुर्भाग्यजनक और आपत्तिजनक हैं. आतंकवाद किसी एक दल या सरकार से नहीं जुड़ा होता. यह कुछ लोगों की विकृत मानसिकता का नतीजा है और इसे राजनीतिक लाभ के लिए जोड़ना सही नहीं है. 

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