जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

भदोही को फिर मिलेगी संत रविदास के नाम से पहचान, योगी कैबिनेट की मुहर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में जिले का नाम 'संत रविदासनगर भदोही' करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई.

Author
09 Oct 2026
( Updated: 09 Oct 2026
03:48 PM )
भदोही को फिर मिलेगी संत रविदास के नाम से पहचान, योगी कैबिनेट की मुहर
Image Credit: UPID
Advertisement

भदोही जिले को एक बार फिर संत शिरोमणि गुरु रविदास के नाम से पहचान मिलेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में जिले का नाम 'संत रविदासनगर भदोही' करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई. समाजवादी पार्टी की सरकार में जिले के नाम से संत रविदास का नाम हटाकर केवल भदोही कर दिया गया था. अब योगी सरकार ने संत रविदास का नाम दोबारा जोड़ने के साथ भदोही की ऐतिहासिक पहचान भी बरकरार रखने का निर्णय लिया है. इस फैसले के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं. इसे दलित और राजभर समाज, दोनों को साधने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है.

दीपावली से पहले उज्ज्वला लाभार्थियों को योगी सरकार की सौगात, मिलेगा मुफ्त सिलेंडर
 
कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि जिले का नाम संत रविदासनगर भदोही होगा. सरकार ने भारतीय संत परंपरा और सामाजिक सुधार में संत रविदास के योगदान को इस निर्णय का आधार बनाया है. नए नाम में संत रविदास के सम्मान के साथ भदोही की पहचान भी शामिल रहेगी.
 
सपा सरकार में हटाया गया था संत रविदास का नाम
भदोही के नामकरण का राजनीतिक इतिहास रहा है. वर्ष 1997 में मायावती सरकार ने जिले का नाम संत रविदास नगर किया था. वर्ष 2014 में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा सरकार ने जिले का नाम बदलकर केवल भदोही कर दिया था. अब योगी सरकार ने संत रविदास का नाम फिर शामिल करने का निर्णय लिया है.
 
दलित और राजभर समाज को संदेश
संत रविदास दलित समाज की आस्था और सामाजिक चेतना के प्रमुख प्रतीक हैं. वहीं भदोही की ऐतिहासिक पहचान भार राज से जुड़ी मानी जाती है. राजभर समाज इस विरासत को अपनी परंपरा से जोड़कर देखता है. ऐसे में जिले के नए नाम में संत रविदास और भदोही, दोनों को स्थान देने का राजनीतिक महत्व है. इसे दोनों समुदायों की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को सम्मान देने के साथ राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है.

यह भी पढ़ें

‘प्रदेश डुबाओ एलायंस’ में सैफई या सिफारिश से मिलती थी नौकरी, एनडीए का मतलब ‘नौकरी देंगे एलायंस’: CM योगी
 
राजस्व संहिता के तहत होगा नाम परिवर्तन
प्रदेश सरकार के अनुसार, नाम परिवर्तन का निर्णय उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की संशोधित धारा 6(2) के तहत लिया गया है. इस प्रावधान के अंतर्गत राज्य सरकार अधिसूचना जारी कर किसी राजस्व क्षेत्र का नामकरण कर सकती है. प्रस्ताव को केंद्र सरकार के 11 सितंबर 1953 के संबंधित परिपत्र के अनुरूप भी बताया गया है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें