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आदिवासी विकास के लिए 25 हजार करोड़ का आवंटन, क्लस्टर मॉडल से होगा गांवों का विकास: CM फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि केंद्र सरकार ने आदिवासी क्षेत्रों के लिए दो योजनाएं बनाई हैं, जिनसे इन इलाकों में विकास की रफ्तार तेज हो रही है.
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार ने संसदीय संकुल विकास परियोजना के जरिए आदिवासी विकास के लिए 25 हजार करोड़ रुपए आवंटित किए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार इस पहल के तहत तैयार कार्य योजनाओं को लागू करेगी.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस संसदीय संकुल विकास परियोजना के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे.
क्लस्टर के आधार पर होगा गांवों का विकास
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उन्होंने कहा कि इस पहल से आदिवासी इलाकों में सामाजिक बदलाव लाने में मदद मिलेगी. गांवों में रोजगार के अवसर पैदा करने, पलायन रोकने और लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया जाएगा.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों का विकास करना, नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और पलायन को रोकना है.
सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचे
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उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को आपस में जोड़कर लागू करने की जरूरत है. इसके साथ ही अलग-अलग गांवों पर ध्यान देने के बजाय गांवों के समूह यानी क्लस्टर बनाकर एकीकृत तरीके से उनका विकास किया जाना चाहिए.
इस पहल के तहत ऐसे कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिनसे लोगों के जीवन में स्पष्ट और वास्तविक बदलाव लाया जा सके.
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अवधारणा को पांच से छह साल पहले सामने लाया गया था और अब इसे लागू किया जा रहा है.
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उन्होंने कहा कि नंदुरबार जिले में इस पहल के उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं. इससे कृषि क्षेत्र को काफी लाभ मिला है और लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार हो रहा है.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि केंद्र सरकार ने आदिवासी क्षेत्रों के लिए दो योजनाएं बनाई हैं, जिनसे इन इलाकों में विकास की रफ्तार तेज हो रही है.
उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू कर अपेक्षित परिणाम हासिल किए जा सकते हैं.
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सीएम फडणवीस ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचना चाहिए. इसके लिए योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रभावी निगरानी लगातार की जानी चाहिए.
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इस अवसर पर आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री भारती पवार, विधायक रविंद्र चव्हाण और योगेश सागर, कार्यान्वयन संस्था के गजानन डांगे, संसदीय संकुल परियोजना के समन्वयक वी. सतीश समेत अन्य लोग मौजूद रहे.