Advertisement
‘पहले अपने कार्यकाल का हिसाब दें अखिलेश’... भ्रष्टाचार के आरोपों पर मंत्री अनिल राजभर का करारा जवाब
अखिलेश के आरोपों पर मंत्री अनिल राजभर ने बड़ा पलटवार किया है. उन्होंने JPNIC गोमती रिवर फ्रंट से लेकर खनन तक सपा राज के कई मामले गिना दिए.
Advertisement
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल राजभर ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि सरकार पर आरोप लगाने से पहले समाजवादी पार्टी को अपने कार्यकाल के कामकाज का हिसाब देना चाहिए.
अनिल राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि हल्का आदमी ही अखिलेश यादव की तरह रोज-रोज बयानबाजी करता है. इसीलिए सपा प्रमुख की उपयोगिता खत्म हो गई है.
‘सपा भ्रष्टाचार की बात करे, यह अजूबा है’
Advertisement
अनिल राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी का भ्रष्टाचार की बात करना ही अपने आप में अजूबा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा नेता लगातार सरकार को लेकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं. मंत्री ने कहा कि जनता राजनीतिक दलों के दावों के साथ-साथ सपा के पुराने रिकॉर्ड को भी समझती है.
Advertisement
उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी मौजूदा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है, तो उसे अपने शासनकाल से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए. अनिल राजभर ने इसी सिलसिले में JPNIC, गोमती रिवर फ्रंट, आगरा एक्सप्रेसवे, सरकारी नौकरियों और खनन जैसे मामलों का जिक्र किया.
JPNIC से खनन तक के मुद्दे पर सपा को घेरा
Advertisement
मंत्री ने कहा कि सपा राज में JPNIC और गोमती रिवर फ्रंट समेत कई परियोजनाओं को लेकर सवाल उठे थे. उन्होंने खनन को लेकर भी सपा सरकार पर निशाना साधते हुए अनियमितताओं के आरोप लगाए. अनिल राजभर ने यह भी कहा कि पिछली सरकार के दौरान खनन से जुड़े मामलों में मंत्रियों को जेल जाना पड़ा। उन्होंने इन मामलों का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी से जवाब मांगा. मंत्री ने कहा कि विपक्ष को मौजूदा सरकार से सवाल पूछने का अधिकार है, लेकिन उसे अपने कार्यकाल से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए.
‘अखिलेश को सच्चाई सुनने की हिम्मत रखनी चाहिए’
मीडिया के सवालों को लेकर भी अनिल राजभर ने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि जब पत्रकार सपा सरकार के कार्यकाल या उत्तर प्रदेश के विकास से जुड़े सवाल पूछते हैं, तो पार्टी के नेता असहज हो जाते हैं.
Advertisement
यह भी पढ़ें- बुलाई थी बैठक, हो गई कुश्ती, पीडीए मतलब ‘पैसा, दबंगई और आपसी लड़ाई’: ओम प्रकाश राजभर
यह भी पढ़ें
उन्होंने कहा कि पत्रकारों के सवाल लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और राजनीतिक दलों को कठिन सवालों का भी जवाब देने की हिम्मत रखनी चाहिए. अनिल राजभर ने आरोप लगाया कि सपा नेता मीडिया के सवालों का जवाब देने के बजाय पत्रकारों को ही निशाना बनाने लगते हैं.