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एयरफोर्स ऑफिसर से लेकर, राजनीति तक… स्कूल में बनाया था संन्यासी बनने का मन, कौन थे सुवेंदु की 'परछाई' चंद्रनाथ रथ?
41 साल के चंद्रनाथ अधिकारी के सबसे भरोसेमंद और करीबियों में से एक थे. एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने संन्यासी बनने की ठान ली थी.
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Suvendu Adhikari PA Chandranath Rath Murder: पश्चिम बंगाल में BJP के नेता सुवेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में एक चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी गई. चंद्रनाथ रथ चुनावी समर में अधिकारी के साथ साए की तरह थे. चंद्रनाथ की हत्या से सुवेंदु अधिकारी टूट गए हैं, 41 साल के चंद्रनाथ अधिकारी के सबसे भरोसेमंद और करीबियों में से एक थे. एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने संन्यासी बनने की ठान ली थी.
चंद्रनाथ के परिवार का कहना है कि वह छात्र जीवन से ही आध्यात्मिक प्रवृत्ति के थे और एक समय उन्होंने संन्यासी बनने की इच्छा भी जताई थी. चंद्रनाथ रथ एयरफोर्स में अधिकारी थे, उन्होंने पहले ही VRS लेते हुए अपनी सर्विस खत्म कर दी थी. इसके बाद कुछ समय तक कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया.
18 साल इंडियन एयरफोर्स में सर्विस दी
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करीब 18 साल तक भारतीय वायुसेना में सेवा देने के बाद रथ ने 2019 में स्थायी रूप से सुवेंदु अधिकारी के पूर्णकालिक सहयोगी और निजी सहायक के रूप में काम शुरू किया. उस समय अधिकारी, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार में मंत्री थे.
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2021 विधानसभा चुनाव से पहले जब सुवेंदु अधिकारी BJP में शामिल हुए, तब भी चंद्रनाथ रथ उनकी परछाई की तरह उनके साथ रहे. 2021 में नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को हराकर जीतने के बाद अधिकारी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बने और उन्होंने रथ को अपना निजी सहायक चुना.
TMC से जुड़ा रहा चंद्रनाथ रथ का परिवार
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पूर्वी मिदनापुर सुवेंदु अधिकारी का गृह जिला है, चंद्रनाथ भी इसी जिले से थे, उनका परिवार लंबे समय से अधिकारी परिवार के करीब रहा था. जब सुवेंदु अधिकारी टीएमसी में थे, तब यह परिवार उनके साथ ही रहा, बाद में 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सुवेंदु अधिकारी BJP में शामिल हो गए थे. पार्टी बदल गई लेकिन चंद्रनाथ रथ और उनका परिवार सुवेंदु के साथ-साथ रहा.
सुवेंदु अधिकारी के व्यस्त कार्यक्रम तय करने से लेकर फाइलों की देखभाल तक, बैठकों की तैयारी कराने से लेकर फोन संभालने तक, पिछले सात साल में चंद्रनाथ रथ सुवेंदु अधिकारी के राजनीतिक जीवन का अहम हिस्सा बन गए थे. इस साल विधानसभा चुनाव से पहले मीडिया और अधिकारी के करीबी लोगों के बीच यह चर्चा थी कि अगर पश्चिम बंगाल में BJP की सरकार बनती है और सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बनते हैं, तो चंद्रनाथ रथ निश्चित रूप से मुख्यमंत्री के कार्यकारी सहायक बनाए जाएंगे. चंद्रनाथ रथ अपने नेता सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेते हुए देखना चाहते थे, लेकिन निर्ममता से उनकी हत्या कर ये हमलावरों ने ये सपना तोड़ दिया.
रोते हुए चंद्रनाथ की मां ने क्या मांग की?
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चुनाव में अधिकारी को जिताने के लिए अपना खून-पसीना एक करने वाले की हत्या से सुवेंदु अधिकारी के लिए बड़ा नुकसान है. परिवार सदमे में है. मां हासिरानी रथ ने बेटे के हत्यारों के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग की है. उन्होंने कहा,
‘मैं चाहती हूं कि दोषियों को सजा मिले, मैं एक मां हूं, मैं नहीं चाहती कि उन्हें फांसी हो. मैं उनके लिए आजीवन कारावास चाहती हूं. उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि BJP सत्ता में आई. अगर मेरे बेटे की मौत किसी दुर्घटना में हुई होती, तो मुझे इतना दुख नहीं होताय जिस तरह से बदमाशों ने मेरे बेटे को तड़पाकर मारा, ये सब तृणमूल की रची हुई कहानियां हैं. जब से सुवेंदु बाबू ने ममता बनर्जी को हराया है, मेरे परिवार को ऐसे खतरे का सामना करना पड़ रहा है.’
चंद्रनाथ की हत्या के बाद सुवेंदु अधिकारी ने क्या कहा?
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सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि यह एक बेरहमी से की गई हत्या है. अधिकारी ने आरोप लगाया कि यह हमला पहले से ही सुनियोजित था और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. सुवेंदु अधिकारी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने चंद्रनाथ रथ की हत्या को पर्सनल लॉस माना है. उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व अभी भी सक्रिय हैं. BJP की सरकार बनने के बाद, पार्टी से जुड़ा या बिना किसी भेदभाव के सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
चंद्रनाथ रथ की हत्या कैसे की गई?
भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को चुनावी मैदान में चुनौती देने वाले भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की बुधवार देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई. बताया जा रहा है कि कोलकाता के पास मध्यग्राम इलाके में हमलावरों ने उनकी गाड़ी को रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग की. गोली लगने से चंद्रनाथ रथ की मौके पर ही मौत हो गई.
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चंद्रनाथ रथ मध्यग्राम के दोहरिया इलाके से गुजर रहे थे. वह अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में ड्राइविंग सीट के बगल वाली सीट पर बैठे थे. साथ-साथ एक कार काफी देर से उनकी गाड़ी का पीछा कर रही थी. कुछ देर बाद वह कार स्कॉर्पियो के आगे जाकर धीमी हो गई, जिसके चलते चंद्रनाथ की गाड़ी भी धीमी करनी पड़ी. इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने गाड़ी को घेर लिया और ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. हमले में चंद्रनाथ रथ की मौके पर ही मौत हो गई. सूत्रों के मुताबिक, इस वारदात को अंजाम देने के लिए चार बाइकों पर सवार आठ हमलावर पहुंचे थे. शुरुआती जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने फर्जी नंबर प्लेट लगी गाड़ियों का इस्तेमाल किया था.
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पश्चिम बंगाल में BJP ने 207 सीटों के साथ बड़ी जीत हासिल की है. इसके बाद से ही राज्य में हिंसा की घटनाएं हो रही हैं. सुवेंदु अधिकारी ने दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट से ममता बनर्जी को हराने के साथ-साथ अपनी पारंपरिक नंदीग्राम सीट से भी जीत दर्ज की.