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'AI उत्तर देगा, लेकिन सवाल करना अच्छी किताब सिखाएगी...', CM योगी की बच्चों को जरूरी सलाह, कहा-असफलता से सीखें, प्रयास नहीं छोड़ें
दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज के सभागार में बाल मेला सम्मान समारोह में सीएम योगी ने करीब 70 प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित किया और कहा कि अंकों के पीछे उतना ही भागें जितना मानसिक संतुष्टि दे. इस दौरान उन्होंने कहा कि स्कूल-कॉलेजों में बच्चों के लिए जरूर समाचार पत्र मंगवाएं.
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सवालों के जवाब दे सकता है और काम आसान कर सकता है, लेकिन सवाल करना अच्छी किताब ही सिखाएगी. तकनीक का उपयोग करें, लेकिन उस पर पूरी तरह निर्भर न हों. अच्छी पुस्तकें और समाचार पत्र पढ़ें और नई चीजों को जानने की जिज्ञासा बनाए रखें.
मुख्यमंत्री योगी दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज के सभागार में एक मीडिया हाउस की ओर से आयोजित बाल मेला सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने विज्ञान मॉडल, चित्रकला, निबंध समेत विभिन्न प्रतियोगिताओं के करीब 70 विजेता छात्र-छात्राओं को मेडल पहनाकर सम्मानित किया. कार्यक्रम में करीब 500 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया.
'साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी'
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मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि साढ़े नौ वर्ष पहले उत्तर प्रदेश बदनाम प्रदेश था. यूपी के नाम से लोग चौंकते थे और युवाओं के सामने पहचान का संकट था. अकेले यूपी पुलिस में दो लाख से अधिक पद खाली थे. सरकार बनने के बाद भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया और प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाई गई.
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उन्होंने कहा कि साढ़े नौ वर्षों में विभिन्न विभागों में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई. अकेले यूपी पुलिस में 2.30 लाख से अधिक भर्तियां हुई हैं. इन भर्तियों की पारदर्शिता पर कोई सवाल नहीं उठा सकता.
पहले दंगे और कर्फ्यू, अब सुरक्षित प्रदेश
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मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले हर दूसरे दिन दंगे होते थे और महीनों कर्फ्यू रहता था. आज उत्तर प्रदेश कर्फ्यू, दंगा और उपद्रव से मुक्त सुरक्षित प्रदेश है. सामर्थ्य पहले भी थी, लेकिन करने की इच्छाशक्ति नहीं थी. आज प्रयास हो रहा है तो परिणाम सामने आ रहे हैं.
उन्होंने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश देश के पिछड़े राज्यों में गिना जाता था. आज यह शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है. प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना हुई है.
120 से बढ़कर 24 हजार से अधिक स्टार्टअप
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मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप थे. आज इनकी संख्या 24 हजार से अधिक है. अब यूपी का युवा केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि स्टार्टअप के जरिए दूसरों को नौकरी देने वाला भी बन रहा है.
गोरखपुर के टेराकोटा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट से कारीगरों को बाजार मिला है. यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 2,400 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं और 90 देशों से 650 से अधिक विदेशी खरीदार पहुंचे हैं.
550 खिलाड़ियों को नौकरी, अगले सप्ताह 500 और देंगे
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मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सरकार खेलों में करियर बनाने वाले युवाओं को भी सहयोग दे रही है. ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले प्रदेश के खिलाड़ी को छह करोड़ रुपये के साथ सरकारी नौकरी दी जाती है. अब तक 550 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है और अगले सप्ताह 500 से अधिक खिलाड़ियों को फिर नौकरी दी जाएगी.
उन्होंने हॉकी खिलाड़ी ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल का उदाहरण देते हुए कहा कि पदक जीतने के बाद दोनों को सीधे पुलिस उपाधीक्षक बनाया गया.
'अंकों के दबाव में बच्चों का खेलना न हो बंद'
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मुख्यमंत्री योगी ने अभिभावकों से बच्चों पर अंकों का अनावश्यक दबाव नहीं बनाने को कहा. बोले कि अंकों के पीछे उतना ही भागें, जितना मानसिक संतुष्टि दे सके. दबाव ऐसा नहीं होना चाहिए कि बच्चे का खेलना, सोना और खाना-पीना प्रभावित हो जाए.
प्रतिष्ठित समाचार पत्र 'अमर उजाला' द्वारा आज जनपद गोरखपुर में आयोजित बाल मेला सम्मान समारोह में प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) ?ref_src=twsrc%5Etfw">September 28, 2026
हमेशा याद रखें कि आपका प्रयास आपको मंजिल तक अवश्य पहुंचाएगा। जीवन में कभी हिम्मत नहीं हारना है।
मेडल प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को… pic.twitter.com/FbF8tSmNXA
उन्होंने स्कूल-कॉलेजों में समाचार पत्र मंगवाने पर जोर दिया. कहा कि हिंदी और अंग्रेजी के समाचार पत्र पढ़ने से भाषा और व्याकरण सुधारने के साथ नई चीजों को जानने का अवसर मिलता है.
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'असफलता से सीखें, प्रयास नहीं छोड़ें'
मुख्यमंत्री योगी ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए कहा कि वह वायुसेना के फाइटर पायलट बनना चाहते थे, लेकिन सफल नहीं हुए. उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आगे चलकर मिसाइल मैन तथा देश के राष्ट्रपति बने. कवि सोहनलाल द्विवेदी की रचना कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती का उल्लेख करते हुए बच्चों से लगातार प्रयास करने को कहा.
मुख्यमंत्री ने बच्चों से अपने शहर की विरासत को जानने को भी कहा. गोरखनाथ मंदिर, गीता प्रेस, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और रामगढ़ताल का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चे वहां की व्यवस्था और इतिहास को समझें.
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'सम्मान पाने में बेटियां आगे'
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सम्मान पाने वाले बच्चों में बेटियों की संख्या अधिक है. बेटियों को अवसर मिले तो वे अपनी प्रतिभा के बल पर सब कुछ कर सकती हैं. उन्होंने सांसद रवि किशन से बच्चों को शूटिंग स्थल पर ले जाकर फिल्म निर्माण की प्रक्रिया दिखाने को भी कहा.
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सांसद रवि किशन ने कहा कि सम्मान के लिए ऐसे बच्चों को चुना गया है, जिन्होंने कुछ अलग किया है. गोरखपुर में बच्चों को आगे बढ़ने के लिए हर तरह की सुविधा उपलब्ध है.
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
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कार्यक्रम में सांसद रवि किशन शुक्ला, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा समेत शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.