हवा से गंगा तक हर संकट का जवाब तैयार, CM योगी के निर्देश पर काशी में एयर शो की फुलप्रूफ तैयारी
तैयारी में एक अलग ‘बर्ड कंट्रोल कमेटी’ भी बनाई गई है. एयर शो के दौरान पक्षियों से जुड़ी चुनौती पर यह समिति काम करेगी. सड़क और गंगा के रास्ते आवाजाही के लिए अलग ‘ट्रांसपोर्ट कमेटी (लैंड एंड रिवर)’ बनाई गई है. कंट्रोल रूम के संचालन और मेडिकल कवर की जिम्मेदारी भी अलग-अलग समितियों को दी गई है.
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चेन्नई एयर शो में अक्टूबर 2024 में सामने आई स्थिति से सबक लेते हुए काशी में एयरफोर्स डे एरियल डिस्प्ले की तैयारी की जा रही है. यहां किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए हवा, गंगा और जमीन, तीनों स्तर पर अलग रिस्पॉन्स प्लान रहेगा. एनडीआरएफ की विशेषज्ञता भी ली जाएगी. तैयारियों का पूरा खाका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखा गया है. प्रजेंटेशन देखने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारे लिए स्टेट इवेंट है. उत्तर प्रदेश डिफेंस एक्सपो और महाकुंभ में अपनी शक्ति और तैयारी दिखा चुका है. उन्होंने उसी स्तर पर एयर शो की तैयारी करने के निर्देश दिए.
वाराणसी में 22, 24 और 25 अक्टूबर को एयरफोर्स डे एरियल डिस्प्ले प्रस्तावित है. तैयारियों के प्रजेंटेशन में चेन्नई एयर शो के दौरान भीड़ की स्थिति को अलग से रखा गया. इसके बाद काशी के लिए तैयार क्राउड मैनेजमेंट प्लान बताया गया है. इससे साफ है कि चेन्नई में सामने आई स्थिति को ध्यान में रखकर यहां आपात इंतजाम किए जा रहे हैं.
हवा में हादसा हो या गंगा में, पहले से तय रहेगा रिस्पॉन्स
एयर शो के दौरान किसी आपात स्थिति में अलग-अलग विभागों को मौके पर व्यवस्था तय करने का इंतजार नहीं करना होगा. कार्ययोजना में हवा, पानी और जमीन पर होने वाली संभावित घटनाओं के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट और कंटिंजेंसी प्लान बनाने की बात है. इसके लिए एनडीआरएफ की विशेषज्ञता ली जाएगी. यानी हवा में कोई आपात स्थिति बने, गंगा में घटना हो या जमीन पर अचानक हालात बिगड़ें, तीनों के लिए पहले से रिस्पॉन्स तय रहेगा.
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इसके लिए एयरफोर्स, रेलवे, रोडवेज, जलमार्ग, जिला प्रशासन और पुलिस को आपस में जोड़ा जाएगा. कार्ययोजना में इन एजेंसियों के बीच समन्वय को प्रमुख जरूरत के रूप में रखा गया है. जरूरत पर दूसरे जिलों से मजिस्ट्रेट बुलाने और अतिरिक्त संसाधन जुटाने का भी प्रस्ताव है.
तीन कंट्रोल रूम, अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर
इमरजेंसी में सूचना मिलने से मरीज को अस्पताल पहुंचाने तक का नेटवर्क भी तैयार किया जा रहा है. इसके लिए इंटीग्रेटेड, सीएमओ और इमरजेंसी लाइन के तीन कंट्रोल रूम होंगे. अस्पताल तक एंबुलेंस की निर्बाध आवाजाही के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने की योजना है. सरकारी और निजी अस्पतालों में 170 इमरजेंसी और 44 आईसीयू बेड चिह्नित किए गए हैं.
मेडिकल बैकअप में आयोजन स्थल से 20 किमी के दायरे के सात सरकारी अस्पताल और 15 किमी के दायरे के सात निजी अस्पताल शामिल किए गए हैं. 23 ब्लड बैंक भी चिह्नित हैं. वाराणसी में 58 एंबुलेंस उपलब्ध रहेंगी. इसके अलावा दूसरे जिलों से 39 एंबुलेंस मंगाई जाएंगी. इस तरह जरूरत पड़ने पर 97 एंबुलेंस उपलब्ध होंगी.
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21 समितियों को अलग-अलग जिम्मा
एयर शो की तैयारियों के लिए 21 समितियां बनाई गई हैं. किसी समिति को घाट संभालने हैं तो किसी को कंट्रोल रूम और मेडिकल कवर. आयोजन स्थल, पीए सिस्टम, आमंत्रण और पास, स्वागत और आवास, परिवहन, वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी और मीडिया प्रबंधन की जिम्मेदारी भी अलग-अलग बांटी गई है. नमो घाट से अस्सी और रविदास घाट तक के लिए एक घाट प्रबंधन समिति और रामनगर-डोमरी क्षेत्र के लिए दूसरी समिति बनाई गई है.
पक्षियों पर नजर रखने के लिए भी अलग कमेटी
तैयारी में एक अलग ‘बर्ड कंट्रोल कमेटी’ भी बनाई गई है. एयर शो के दौरान पक्षियों से जुड़ी चुनौती पर यह समिति काम करेगी. सड़क और गंगा के रास्ते आवाजाही के लिए अलग ‘ट्रांसपोर्ट कमेटी (लैंड एंड रिवर)’ बनाई गई है. कंट्रोल रूम के संचालन और मेडिकल कवर की जिम्मेदारी भी अलग-अलग समितियों को दी गई है.