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ट्रंप 2.0 के एक साल पूरे… अमेरिकी राष्ट्रपति के वो 10 फैसले, जो बने वैश्विक उथल-पुथल का कारण

ट्रंप का अगला कदम क्या होगा? इस सवाल का जवाब देने में दुनियाभर के दिग्गज जियोपॉलिटिक्स एक्सपर्ट भी नाकाम रहे. ट्रंप ने अमेरिका की सत्ता दूसरी बार संभालते ही चौंकाया. डोनाल्ड ट्रंप के उन 10 फैसलों पर नजर डालते हैं. जिसने दुनिया के कई देशों को प्रभावित किया.

Doanld Trump 2.0 Decision: एक जनवरी 2026 को जब दुनियाभर में हैप्पी न्यू ईयर की गूंज थी तब एक सवाल जेहन में कौंधा. नया साल कैसा होगा? सवाल वो ही हर साल की तरह। आम सा ही था लेकिन जवाब इस बार अलग था. किसी ने कहा, ये साल कैसा होगा, ये तो डोनाल्ड ट्रंप पर निर्भर करता है. हुआ वहीं जो ट्रंप ने चाहा, 2 जनवरी की देर रात ही वेनेजुएला पर ट्रंप की एयरस्ट्राइक और राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी ने वैश्विक उथल-पुथल को तेज कर दिया. अमेरिका की सत्ता हाथ में आते ही ट्रंप ने पहले दिन से ही अपने फैसलों से लोगों को चौंकाया. अमेरिका की कुर्सी पर काबिज हुए उन्हें एक साल पूरे हो गए हैं. इन एक साल में ट्रंप के उन 10 बड़े फैसलों के बारे में जानते हैं. जिसने दुनिया को हिलाकर रख दिया. 

जो कहा वो किया नहीं, जो नहीं कहा वो तो निसंदेह किया. युद्ध रोकने की बात कही थी खुद ही युद्ध करवा दिया. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के पहले साल में उन्होंने कई बड़े और विवादास्पद फैसले लिए, जिन्होंने अमेरिकी नीतियों, अर्थव्यवस्था, विदेश नीति और वैश्विक संबंधों को प्रभावित किया. 

मास डिपोर्टेशन और इमिग्रेशन क्रैकडाउन (Mass Deportation and Immigration Crackdown)

डोनाल्ड ट्रंप ने सबसे पहले बड़े पैमाने पर अवैध आप्रवासियों की गिरफ्तारी और निर्वासन अभियान शुरू किया. National Guard को डेमोक्रेटिक शहरों में तैनात किया और दक्षिणी बॉर्डर पर national emergency घोषित की. अमेरिका ने भारी तादाद में प्रवासियों को उनके देश भेजा. अमेरिका में रह रहे भारतीय प्रवासियों को भी बेड़ियों और हथकड़ी लगाकर आर्मी प्लेन से भेजा गया था.

भारी टैरिफ और ट्रेड वॉर

ट्रंप ने दूसरा बड़ा फैसला टैरिफ को लेकर लिया. भारत, चीन, मैक्सिको समेत कई देशों पर 50% तक और उससे ज्यादा टैरिफ लगाया गया. ट्रंप के इस कदम ने दुनियाभर में ट्रेड वॉर छेड़ दिया. जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित हुआ. उन्होंने Make America Great Again और America First नीति के तहत पुरानी टैरिफ को मजबूत किया और नए लगाए. जिसे नाम दिया रेसिप्रोकल टैरिफ यानी जवाबी टैरिफ. जिसके जरिए ट्रंप ने अपनी विदेश नीति को जबरदस्ती लागू करने के टूल की तरह इस्तेमाल किया. 

फेडरल ब्यूरोक्रेसी में बड़े पैमाने पर छंटनी 

ट्रंप ने आते ही हजारों सरकारी कर्मचारियों की छंटनी, कई एजेंसियों को बंद या छोटा किया (जैसे USAID में कटौती), Department of Government Efficiency (DOGE) के जरिए swamp" को साफ करने का दावा. हालांकि कुछ ही समय में एलन मस्क के साथ क्रिएट किया गया DOGE डिपार्टमेंट बंद कर दिया गया. 

पेरिस क्लाइमेट एग्रीमेंट और WHO से वापसी

दूसरे कार्यकाल के पहले हफ्तों में Paris Agreement, WHO और UN Human Rights Council से अमेरिका को बाहर किया.  जीवाश्म ईंधन (कोयला, तेल) उत्पादन को बढ़ावा दिया. 

विदेशी सैन्य हमलों में तेजी

खुद को शांतिदूत घोषित कर नोबेेल विजेता सेे उनका पुरस्कार पाने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने शुरुआत में ही 500 से ज्यादा हवाई और ड्रोन हमले किए. इन देशों में ईरान न्यूक्लियर साइट पर अटैक, यमन, नाइजीरिया, इराक, सीरिया, सोमालिया, वेनेजुएला जैसे देश शामिल हैं. इसमें ईरान के 3 परमाणु ठिकानों पर भी हमला भी शामिल था. 

एनर्जी और स्पेस में बड़े कदम 

डोनाल्ड ट्रंप 2.0 में अमेरिकी उर्जा को और बड़ा आकार देने में तेजी आई. इसके तहत ड्रिलिंग बढ़ाई गई और कोयला पुनरुद्धार (coal Revival) को प्राथमिकता दी गई. इसके साथ-साथ Space superiority के लिए lunar outpost और nuclear reactors on moon की योजना तैयार की. 

जस्टिस डिपार्टमेंट में बड़ा बदलाव

1500 से ज्यादा कैदियों को माफी और शस्त्रीकरण रोकने के नाम पर पुनर्गठन (Restructured) किया. 

DEI प्रोग्राम्स का अंत और सोशल पॉलिटिक्स 

ट्रंप ने फेडरल स्तर पर विविधता, समानता, समावेशन (Diversity, Equity, Inclusion)) प्रोग्राम्स खत्म किए, लिंग पहचान की मान्यता को वापस लिया गया (Gender identity recognition rolled back) साथ ही गर्भपात की गोलियां बैन करने की कोशिश की.

क्रिप्टोकरेंसी और आर्थिक सुधार पर जोर 

  • द्विदलीय क्रिप्टो बिल (Bipartisan crypto bill) पास कराया
  • ब्याज दरें (Interest rates) कम करने की कोशिश
  • वन बिग ब्यूटीफुल बिल One Big Beautiful Bill से tax cuts और हेल्थ केयर में बदलाव 

हालांकि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले इन फैसलों को लेकर अमेरिकियों में विरोधाभास है. कई लोगों का मानना है कि इन फैसलों ने अमेरिका की आर्थिक नीतियों को कमजोर किया है. 

वेनेजुएला पर मिलिट्री ऑपरेशन 

वेनेजुएला पर अटैक, वो फैसला जो ऊपर लिखी बात को सच साबित करता है. नए साल की शुरुआत यानी 3 जनवरी 2026 को अमेरिका में Operation Absolute Resolve के तहत वेनेजुएला पर एयरस्ट्राइक कर दी. इसके बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अरेस्ट कर लिया. इसके पीछे अमेरिका का मकसद वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर नियंत्रण बढ़ाना और अंतरिम प्रशासन बनना था. 

ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद 

दूसरे देशों में अंशाति मचाना और उनके संसाधनों को तबाह करना ट्रंप की हमेशा से मंशा रही है, लेकिन डेनमार्क के अर्धस्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड पर कब्जा करना इस बार उनकी जिद बन गया. दूसरे देश की जमीन को हथियाने के लिए ट्रंप युद्ध स्तर तक पहुंच गए. ट्रंप का कहना है कि रूस या चीन को रोकने के लिए यह जरूरी कदम है. हालांकि डेनमार्क ने भी साफ कर दिया कि ट्रंप अपने इस मकसद में कामयाब नहीं होंगे. ऐसे में अब सबकी नजर ट्रंप के अगले कदम पर है, वेनेजुएला के बाद क्या डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड की सफेद बर्फीली जमीन पर नए तनाव को जन्म देंगे. 

 

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