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रविवार को बंद होंगे पेट्रोल पंप? सरकार ने तोड़ी चुप्पी, PIB ने बताई सच्चाई
Petrol Pump Closed on Sunday: सरकारी तेल कंपनियों ने करीब चार साल बाद ईंधन के दामों में संशोधन किया है और दोनों ही पेट्रोल व डीजल की कीमतों में लगभग तीन रूपये लीटर की बढ़ोतरी की गई है. इस बदलाव के बाद कई शहरों में लोगों ने अपने रोजमर्या के खर्चो पर असर महसूस करना शुरू कर दिया है.
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Petrol Pump Closed on Sunday: भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हाल ही में बढ़ोतरी देखी गई है. सरकारी तेल कंपनियों ने करीब चार साल बाद ईंधन के दामों में संशोधन किया है और दोनों ही पेट्रोल व डीजल की कीमतों में लगभग तीन रूपये लीटर की बढ़ोतरी की गई है. इस बदलाव के बाद कई शहरों में लोगों ने अपने रोजमर्या के खर्चो पर असर महसूस करना शुरू कर दिया है. खास बात यह है कि यह बढ़ोतरी ऐसे समय पर हुई है जब सरकार लगातार ईंधन बचाने और खपत कम करने पर जोर दे रही है.
रविवार को पेट्रोल पंप बंद होने का वायरल दावा
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही थी, जिसमें दावा किया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद कुछ राज्यों में हर रविवार को पेट्रोल पंप बंद रहेंगे. इस पोस्ट में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों का नाम भी लिया गया था.
इस दावे में यह कहा गया कि इंडियन पेट्रोल डीलर्स एग्जीक्यूटिव कमेटी ने फैसला लिया है कि इन राज्यों में हर रविवार को पेट्रोल पंप बंद रहेंगे. लेकिन इस खबर ने लोगों में भ्रम पैदा कर दिया क्योंकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं थी.
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PIB ने किया फैक्ट चेक और बताया सच
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प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने इस वायरल दावे को पूरी तरह गलत बताया है. PIB ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री की किसी भी अपील के बाद ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है कि रविवार को पेट्रोल पंप बंद रहेंगे.
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर भरोसा न करें और सिर्फ आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी को ही सही मानें. यानी यह वायरल पोस्ट पूरी तरह फर्जी निकली.
कीमतों में बढ़ोतरी और पीछे की वजह
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सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक तनाव के कारण लागत बढ़ी है. खासकर पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बाद ऊर्जा कीमतों पर दबाव बढ़ा है, जिसका असर भारत में भी देखा गया.
सूत्रों के मुताबिक, कंपनियों ने पिछले कई हफ्तों तक कीमतों में बदलाव नहीं किया था, लेकिन लगातार बढ़ती लागत के कारण अब आंशिक बढ़ोतरी करनी पड़ी है. इसका उद्देश्य कंपनियों के नुकसान को कुछ हद तक संतुलित करना बताया जा रहा है.
विशेषज्ञों और अधिकारियों की राय
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने पहले ही संकेत दिए थे कि अगर वैश्विक तनाव लंबे समय तक चलता है तो ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है. वहीं केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी यह बताया था कि तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है. कुल मिलाकर स्थिति यह है कि कीमतों में बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से जुड़ी है, जबकि सोशल मीडिया पर फैली रविवार को बंदी वाली खबर पूरी तरह झूठी साबित हुई है.