कौन हैं JNU के प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल? जिन्हें यौन शोषण के आरोपों के बाद किया गया सस्पेंड, राहुल को भी फंसाया!
JNU में यौन उत्पीड़न के आरोपों पर सीनियर प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम को बर्खास्त कर दिया गया. जांच समिति की सिफारिश के बाद यह कार्रवाई की गई.
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देश की टॉप यूनिवर्सिटी जवाहर लाल नेहरू (JNU) अक्सर चर्चाओं में रहती है. इस बार JNU के सुर्खियों में आने की जो वजह सामने आई है उसने संसद तक हड़कंप मचा दिया. मामला JNU के प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम की बर्खास्तगी और उन पर लगे यौन शोषण के आरोपों का है. जिसने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी की मुसीबतें बढ़ा दीं.
9 अक्टूबर शुक्रवार को JNU ने अपने सीनियर प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम को बर्खास्त कर दिया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया. विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर शांतिश्री डी पंडित ने हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया, ‘स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स (सीएसएसएस) में कार्यरत प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम को विश्वविद्यालय की सेवा से बर्खास्त किया गया है.’
11 छात्राओं ने लगाए थे यौन शोषण के आरोप
आदेश में कहा गया है कि प्रोफेसर अकोइजम के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतों के बाद विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति (आईसी) ने जांच की थी. जांच पूरी होने के बाद आंतरिक समिति ने अपनी रिपोर्ट में प्रोफेसर के खिलाफ बड़ी सजा की सिफारिश की थी.
बड़ी बात ये है कि प्रोफेसर अकोइजम कांग्रेस के लोकसभा सांसद भी हैं. वे मणिपुर से सांसद हैं. यूनिवर्सिटी से प्रोफेसर की बर्खास्तगी के बाद अब मांग उठ रही है कि कांग्रेस उन्हें पार्टी से भी बाहर करे.
JNU कुलपति प्रोफेसर शांतिश्री डी पंडित की ओर से जारी लिखित आदेश में कहा गया, बर्खास्तगी से पहले उचित प्रक्रिया का पालन करने और सभी उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने के लिए आंतरिक समिति बताई है. समिति की रिपोर्ट के अनुसार, विश्वविद्यालय की ओर से प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम को तत्काल प्रभाव से विश्वविद्यालय की सेवाओं से बर्खास्तगी की सजा दी जाती है.
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में यौन उत्पीड़न के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति है. आंतरिक समिति जिसे पहले जीएसकेएएसएच के नाम से जाना जाता था, उसे ऐसे ही मामलों के लिए खास तौर पर बनाया गया है. मैनेजमेंट का कहना है कि इस कार्रवाई को विश्वविद्यालय परिसर में महिलाओं की सुरक्षा और कार्यस्थल पर गरिमा सुनिश्चित करने की दिशा में एक कड़ा संदेश माना जा रहा है.
कौन हैं प्रोफेसर अंगोमचा?
अंगोमचा बिमोल अकोइजम (Angomcha Bimol Akoijam) JNU के सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स (Centre for the Study of Social Systems), स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के प्रोफेसर हैं.
वे मणिपुर के मेइती समुदाय से हैं. उन्हें सामाजिक और राजनीतिक मनोविज्ञान और सांस्कृतिक अध्ययन के लिए जाना जाता है. वे राजनीति, संघर्ष, राष्ट्र-राज्य और अल्पसंख्यक, अंतर-समूह संबंध, जेंडर संबंध, लोकप्रिय संस्कृति/सिनेमा और शोध जैसे विषयों से जुड़े हैं.
उन्होंने 2004 में डॉक्यूमेंटरी और 2014 में फीचर फिल्म भी बनाई थी. साल 2024 के लोकसभा चुनाव में वे कांग्रेस के टिकट पर मणिपुर की इनर मणिपुर सीट से सांसद चुने गए.
छात्राओं ने अंगोमचा पर क्या आरोप लगाए?
जानकारी के मुताबिक, मई 2026 में JNU की लगभग 11 महिला छात्राओं ने उनके खिलाफ Internal Complaints Committee (ICC) में यौन उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराईं. शिकायतों में कहा गया था कि प्रोफेसर अंगोमचा ने वाइवा में मौखिक तौर पर यौन संबंधो से जुड़े सवाल पूछे और बातें की थीं.
आरोप है कि उन्होंने इससे जुड़े कई अनुचित सवाल पूछे थे.
आरोप ये भी है कि प्रोफेसर अंगोमचा ने कथित तौर पर छात्राओं से यौन संबंध की पेशकश के बदले एक्स्ट्रा मार्क्स देने की बात भी कही थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सबसे पहले एक छात्रा ने ये एक्सपीरियंस व्हाट्सऐप ग्रुप में शेयर किया था. इसके बाद अन्य छात्राएं भी आगे आईं.
प्रोफेसर अंगोमचा का क्या है पक्ष?
वहीं, अकोइजम ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए तमाम आरोपों से इंकार किया. उन्होंने इन्हें असत्यापित, जानबूझकर, अनैतिक और विच हंट यानी जानबूझकर टारगेट या शिकार बनाने वाला कदम करार दिया.
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उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आएगी और कानूनी रास्ता अपनाएंगे. कुछ फैकल्टी सदस्यों ने कुलपति के अधिकार पर सवाल उठाया कि Executive Council के बिना बर्खास्तगी का आदेश वैध है या नहीं.
BJP ने कांग्रेस को घेरा
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प्रोफेसर अंगोमचा के मुद्दे को लेकर अब कांग्रेस चौतरफा घिर गई है. BJP नेता स्मृति ईरानी ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए सवाल उठाया कि जो पार्टी पितृसत्ता खत्म करने की बात करती है वह अपने ही सांसद पर यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले में क्या कार्रवाई कर रही है.