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कौन हैं CEC ज्ञानेश कुमार? परिवार में IAS-IPS अफसरों और डॉक्टरों की भरमार, जानिए कौन क्या करता है
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार SIR प्रक्रिया को लेकर चर्चा में हैं. केरल कैडर के 1988 बैच के पूर्व IAS अधिकारी और IIT कानपुर के पूर्व छात्र रहे ज्ञानेश कुमार का परिवार सिविल सेवा और चिकित्सा क्षेत्र की प्रतिष्ठित हस्तियों से जुड़ा है.
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देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इन दिनों सुर्खियों में हैं. चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं. इसी बीच लोगों की दिलचस्पी सिर्फ उनके प्रशासनिक करियर तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवार और पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है. वजह यह है कि ज्ञानेश कुमार का परिवार शिक्षा, प्रशासन, चिकित्सा और सिविल सेवा से जुड़े कई प्रतिष्ठित नामों वाला परिवार बताया जाता है.
केरल कैडर के 1988 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी ज्ञानेश कुमार आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र रहे हैं. अपने लंबे प्रशासनिक करियर के दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से जुड़े कई अहम पदों पर जिम्मेदारियां निभाई हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त के पद तक पहुंचने से पहले भी उनका नाम प्रशासनिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के लिए जाना जाता रहा है.
सिविल सेवा में परिवार की मजबूत मौजूदगी
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ज्ञानेश कुमार की बड़ी बेटी मेधा रूपम भी भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं. उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इकोनॉमिक्स ऑनर्स की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 10 हासिल की और 2014 बैच की आईएएस अधिकारी बनीं. मेधा रूपम प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ शूटिंग में भी अपनी पहचान बना चुकी हैं. बताया जाता है कि उन्होंने राज्य स्तर पर कई उपलब्धियां हासिल की हैं. वर्तमान में वह नोएडा की जिलाधिकारी के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रही हैं. नोएडा जैसे महत्वपूर्ण जिले की प्रशासनिक कमान उनके नाम को लगातार चर्चा में बनाए रखती है. मेधा रूपम के पति मनीष बंसल भी आईएएस अधिकारी हैं. उन्होंने आईआईटी दिल्ली से बीटेक और एमटेक की पढ़ाई की. UPSC परीक्षा में उनकी ऑल इंडिया रैंक 53 रही थी. दोनों की मुलाकात आईएएस प्रशिक्षण के दौरान LBSNAA में हुई थी. मनीष बंसल वर्तमान में आगरा के जिलाधिकारी के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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छोटी बेटी भी बनीं IRS अधिकारी
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ज्ञानेश कुमार की छोटी बेटी अभिश्री ने भी सेंट स्टीफंस कॉलेज से पढ़ाई की है. उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद 2017 बैच की भारतीय राजस्व सेवा यानी IRS अधिकारी के रूप में करियर शुरू किया. वर्तमान में वह आयकर विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर तैनात हैं. अभिश्री के पति अक्षय लबरू भी सिविल सेवा से जुड़े हैं. जम्मू-कश्मीर से ताल्लुक रखने वाले अक्षय लबरू ने UPSC परीक्षा के जरिए प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई. वह 2017 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में श्रीनगर में डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट-कम-डिप्टी कमिश्नर के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. इस तरह देखा जाए तो ज्ञानेश कुमार के परिवार में एक नहीं, बल्कि कई सदस्य प्रशासनिक और राजस्व सेवाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं. यही वजह है कि जब मुख्य चुनाव आयुक्त चर्चा में आते हैं, तो उनके परिवार की पेशेवर उपलब्धियां भी लोगों का ध्यान खींचती हैं.
पिता डॉक्टर, मां योग और आध्यात्म से जुड़ी रहीं
ज्ञानेश कुमार की पारिवारिक पृष्ठभूमि केवल सिविल सेवा तक सीमित नहीं है. उनके पिता स्वर्गीय डॉ. सुबोध कुमार गुप्ता उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में मुख्य चिकित्सा अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे थे. उनकी मां सत्यावती गुप्ता योग और आध्यात्म से जुड़ी रही हैं. उनके भाई मनीष कुमार IRS अधिकारी बताए जाते हैं. वहीं उनकी बहन रोली इंदौर में स्कूल चलाती हैं. रोली के पति उपेंद्र जैन मध्य प्रदेश कैडर के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी हैं और एडीजी रैंक तक पहुंचे.
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परिवार में करीब 28 डॉक्टर होने की बात
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बताते चलें कि ज्ञानेश कुमार के परिवार को लेकर सबसे दिलचस्प जानकारी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी है. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उनके विस्तृत पारिवारिक दायरे में करीब 28 सदस्य डॉक्टर हैं. ये लोग चिकित्सा के अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं. यानी ज्ञानेश कुमार का परिवार केवल प्रशासनिक सेवा में मौजूदगी के कारण ही खास नहीं है. शिक्षा, चिकित्सा, पुलिस, राजस्व और प्रशासन जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में परिवार के सदस्यों की भागीदारी इसकी अलग तस्वीर पेश करती है. यही वजह है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की मौजूदा भूमिका के साथ-साथ उनका पारिवारिक बैकग्राउंड भी लोगों की दिलचस्पी का विषय बना हुआ है.