अचानक ऐसा क्या हुआ जो राहुल गांधी के खिलाफ लोकसभा में प्रस्ताव लाने से पीछे हटी सरकार, किरेन रिजिजू ने खुद बताई वजह
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रीजीजू ने कहा कि पीएम मोदी के खिलाफ कथित असंसदीय टिप्पणी के मामले में सरकार राहुल गांधी के खिलाफ अलग से प्रस्ताव नहीं लाएगी. उन्होंने बताया कि बीजेपी सांसद द्वारा पहले ही विशिष्ट प्रस्ताव का नोटिस दिए जाने के कारण सरकार अपना प्रस्ताव पेश करने से बचेगी.
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केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रीजीजू ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ असंसदीय भाषा के इस्तेमाल के आरोप में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध अपना प्रस्ताव लाने की योजना फिलहाल छोड़ दी है. इसके पीछे की वजह यह है कि बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे पहले ही इस मुद्दे पर एक विशिष्ट प्रस्ताव लाने का नोटिस दे चुके हैं.
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चूंकि एक सदस्य ने निजी तौर पर प्रस्ताव का नोटिस दे दिया है, इसलिए सरकार अलग से प्रस्ताव लाने से बचेगी. उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में आगे की प्रक्रिया को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से सलाह ली जाएगी. अभी यह तय नहीं हुआ है कि प्रकरण को 'विशेषाधिकार समिति' को भेजा जाएगा, आचार समिति को सौंपा जाएगा या सीधे सदन में चर्चा के लिए लाया जाएगा.
राहुल गांधी के खिलाफ निशिकांत दुबे ने दिया नोटिस
इस पूरे घटनाक्रम ने संसद के भीतर राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को कहा था कि उन्होंने राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने और उन्हें आजीवन चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करने की मांग करते हुए एक विशिष्ट प्रस्ताव का नोटिस दिया है. उनके इस कदम ने सियासी बहस को नई दिशा दे दी है. विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहा है, जबकि सत्तापक्ष इसे संसदीय मर्यादा का सवाल मान रहा है.
बजट सत्र का पहला चरण आज हुआ संपन्न
इसी बीच संसद के बजट सत्र का पहला चरण शुक्रवार को संपन्न हो गया. लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही नौ मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई है. लोकसभा में विपक्षी सदस्यों ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार हंगामा किया, जिसके कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका. सदन की कार्यवाही पहले एक बार स्थगित हुई और बाद में दोपहर 12 बजकर छह मिनट पर नौ मार्च सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
सदन में PM मोदी नहीं दे पाए थे भाषण
बताते चलें कि दो मार्च से राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई थी. बीजेपी के दो सदस्यों के भाषण के बाद जब राहुल गांधी ने अपनी बात रखनी शुरू की, तभी उनकी एक टिप्पणी को लेकर हंगामा खड़ा हो गया. शोर-शराबे के कारण चर्चा आगे नहीं बढ़ सकी और प्रधानमंत्री मोदी का जवाब भी नहीं हो सका. हालांकि इसी सप्ताह आम बजट पर विस्तृत चर्चा हुई और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को उसका जवाब दिया.
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बताते चलें कि अब सबकी निगाहें नौ मार्च पर टिकी हैं. क्या यह मामला समिति के पास जाएगा या सीधे सदन में गूंजेगा, यह फैसला संसदीय प्रक्रिया तय करेगी. लेकिन इतना साफ है कि आने वाले दिनों में संसद का माहौल और भी तीखा हो सकता है. देश की राजनीति एक बार फिर बहस और मर्यादा के बीच संतुलन खोजती नजर आ रही है.
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