'वे शिवसेना के 'रिजीम चेंज' को नहीं रोक पाए', CM फडणवीस का उद्धव ठाकरे पर तंज, कहा-कभी पूरे नहीं होंगे मंसूबे
भारत में 'रिजीम चेंज' को लेकर उद्धव ठाकरे के बयान पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने तीखा हमला बोला है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ख़ुद तो शिवसेना में 'रिजीम चेंज' को नहीं रोक पाए, अब किसकी बात कर रहे हैं.
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शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की ओर से 'रिजीम चेंज' का समर्थन किए जाने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तंज कसा है. सीएम फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि वे शिवसेना के 'रिजीम चेंज' को नहीं रोक पाए, वे दूसरी कौन सी 'रिजीम चेंज' की बात कर रहे हैं, इसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है.
'शिवसेना में 'रिजीम चेंज' तो रोक नहीं पाए'
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "जब उनकी (उद्धव ठाकरे) पार्टी ने हिंदुत्व और बाला साहेब ठाकरे के विचारों से दूरी बनाई, तभी पार्टी के भीतर मतभेद बढ़े. जो लोग बाला साहेब के विचारों पर चलना चाहते थे, उन्होंने अलग होकर असली शिवसेना का गठन किया."
'संविधान से लड़ना बंद कर देना चाहिए'
उन्होंने आगे कहा, "मैं पहले भी स्पष्ट कर चुका हूं कि किसी को भी भारत के संविधान से टकराव की राजनीति नहीं करनी चाहिए. देश में सभी फैसले संविधान और संसदीय व्यवस्था के तहत ही लिए जाएंगे. लोकतंत्र में निर्णय सड़कों पर नहीं, बल्कि चुनावों के माध्यम से जनता द्वारा किए जाते हैं...इन्हें भारत के संविधान से लड़ना बंद कर देना चाहिए."
#WATCH | Nagpur, Maharashtra: On Shiv Sena (UBT) chief Uddhav Thackeray’s backing of ‘regime change’ remarks, CM Devendra Fadnavis says, "Firstly, if Uddhav Thackeray could not prevent a 'regime change' within the Shiv Sena itself, I fail to understand what other 'regime change' he is referring to. When his party abandoned Hindutva and discarded the ideals of the 'Hindu Hriday Samrat' and Shiv Sena chief, Balasaheb Thackeray, it caused such an upheaval within his own ranks that those who wished to remain true to Balasaheb’s vision formed the 'real' Shiv Sena. Most importantly, I have stated quite clearly: stop challenging the Constitution of India. Decisions here will be made in Parliament, in accordance with the Constitution—not on the streets..."
— ANI (@ANI) October 18, 2026
'भारत में फैसले संसद में होंगे, सड़क पर नहीं'
देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "अभी पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार है और फिर वो चुनकर आएगी. लेकिन अगर वे 'रिजीम चेंज' करना चाहते है तो चुनाव में ही उतरना होगा. लोगों का दिल जीतना होगा और चुनाव जीतने होंगे. जो ख्वाब देख रहे हैं कि देश में भी संविधान को नकार कर नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान जैसी 'रिजीम चेंज' करेंगे तो उनके मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे. भारत में डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर का संविधान है."
संजय राउत ने क्या कहा था?
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा, "क्या लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन की मांग करना कोई अपराध है? यहां एक तानाशाही सरकार चल रही है और वह भी अवैध तरीकों से. इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त 'माफिया' ज्ञानेश कुमार की मदद ली जा रही है, जो भाजपा के एजेंट हैं. चुनावों में घोटाले हुए हैं अगर हम इस सरकार को हटाकर बदलाव लाना चाहते हैं, तो यह राष्ट्रीय हित का मामला है."
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संजय राउत ने आगे कहा, "लोकतंत्र को बचाने के लिए ऐसा करना जरूरी है. चाहे प्रशांत भूषण हों, राहुल हों, उद्धव हों या ममता बनर्जी, हम सभी एक सुर में बोलेंगे. हम सत्ता परिवर्तन चाहते हैं. हम 6 महीने के भीतर महाराष्ट्र और पूरे देश में यह बदलाव लाएंगे."