लंदन में भारतीयों ने ध्रुव राठी को नहीं दिया फ्री पास, भारत को लेकर किया प्रदर्शन, तुरंत हुआ काउंटर प्रोटेस्ट, खूब नारेबाजी
लंदन में प्रवासी भारतीयों ने ध्रुव राठी के प्रदर्शन के जवाब में सामने से प्रोटेस्ट किया और जमकर नारेबाजी की. इस दौरान पुलिस को मामले में दखल देना पड़ा और दोनों गुटों को दूर करना पड़ा.
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भारत में कानूनी मामले में फंसने से बचने के लिए यूट्यूबर ध्रुव राठी ने आव ना देखा ताव, झट से से विदेश निकल लिए और अब वहां से सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा ले रहे हैं. ध्रुव राठी कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने के अपने ऐलान के तहत 9 अक्टूबर को भारत पहु्ंचे थे. हालांकि 10 अक्टूबर को सीजेपी के प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही उन्हें गुरुग्राम स्थित घर से हिरासत में ले लिया गया.
भारत छोड़कर भागे, लंदन में ध्रुव राठी ने किया प्रदर्शन
इसके बाद एक और कानूनी मामला जो वर्षों से चल रहा था, बार-बार नोटिस दिया जा रहा था, लेकिन राठी हाजिर नहीं हो रहे थे. ऐसे में उनके देश आने के बाद मामला फिर शुरू हुआ, नोटिस घर पर चस्पा कर दिया गया, इसके बाद उन्हें कानूनी झमेले में फंसने से पहले ही भारत छोड़ना पड़ गया. इसके बाद वो लंदन पहुंचे और प्रदर्शन का ऐलान किया.
इसके बाद ध्रुव राठी ने लंदन के पार्लियामेंट स्ट्रीट में भीड़ भी इकट्ठी कर ली. इस दौरान उन्होंने कहा कि देखिए यह वही देश है जिसने हमें कभी गुलाम बनाया था, लेकिन आज हम उसकी संसद के बाहर खड़े होकर बोल रहे हैं. यही लोकतंत्र है.
ध्रुव राठी को प्रवासी भारतीयों ने दिया जवाब
इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला और दोनों गुटों को दूर किया. राठी ने कहा, अपने देश में हमें विरोध प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं है. लेकिन जिस देश ने हम पर शासन किया आज हम उसकी संसद के सामने खड़े हैं. देख लीजिए इसे कहते हैं लोकतंत्र. उन्होंने कहा, दिल्ली में 35 हजार से ज्यादा जवान लगाए गए कि लोग इकट्ठे ना हो पाएं. 7 हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया. ऐक्टिविस्ट और जर्नलिस्ट को पीटा गया और मुझे अपने घर से किडनैप कर लिया गया.
ध्रुव राठी के प्रदर्शन में हुई जमकर नारेबाजी
हालांकि इस दौरान माहौल उस वक्त गरमा गया जब ध्रुव राठी के प्रदर्शन के खिलाफ भी लोग एकजुट हो गए और काउंटर प्रोटेस्ट शुरू हो गया और खूब नारेबाजी शुरू हो गई. हालांकि इसके बाद पुलिस ने मामले को संभाला और दोनों गुटों को टेंशन बढ़ने से पहले ही अलग कर दिया, एक-दूसरे से दूर किया. राठी ने इस दौरान दावा किया कि उन्हें उन्हीं के घर में किडनैप किया गया. उन्होंने अपने भारत दौरे को लेकर आगे दावा किया कि उन्हें और सीजेपी वालों को विरोध-प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी गई. एक ओर अपना देश, और दूसरी ओर ब्रिटेन है, जिसने सालों तक हम पर शासन किया, लेकिन आज उसकी संसद के सामने हम खड़े हैं, इसे ही असली लोकतंत्र कहा जाता है.
ध्रुव राठी ने क्या आरोप लगाया?
उन्होंने आगे कहा कि, दिल्ली में 35 हजार से ज्यादा जवान लगाए गए कि लोग इकट्ठे ना हो पाएं. 7 हजार से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया. ऐक्टिविस्ट और जर्नलिस्ट को पीटा गया और मुझे अपने घर से किडनैप कर लिया गया. इस दौरान राठी ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वो अपने रिश्तेदारों को भी समझाएं. उन्होंने आगे कहा कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दे दें, प्रदर्शन अभी बंद हो जाएंगे. इसके अलावा उन्होंने कथित जवाबदेही की मांग की. राठी ने आगे कहा कि ऐसे मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की जाए जिसे विपक्ष और प्रधानमंत्री दोनों ने साथ में चुना हो. हम बस जिम्मेदारी चाहते हैं कि अगले चुनाव निष्पक्ष हों और सबको वोट डालने का अधिकार मिले.
राठी के संबोधन से पहले 'इंकलाब जिंदाबाद' और 'वंदे मातरम' के नारे लगाए गए तथा भारतीय संविधान की प्रस्तावना पढ़ी गई. कहा जा रहा है कि इस प्रदर्शन का आयोजन इंडियन ओवरसीज कांग्रेस की युवा शाखा ने किया था. इसे 'सेव डेमोक्रेसी', स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की ब्रिटेन इकाई और साउथ एशिया सॉलिडेरिटी ग्रुप समेत प्रवासी भारतीयों के कई संगठनों का समर्थन प्राप्त था. हालांकि इस दौरान एक जवाबी प्रदर्शन भी किया गया. इंडिया डायस्पोरा (आईडी), यूके ने जवाबी प्रदर्शन के लिए 'लंदन के सभी भारत प्रेमी लोगों से अपील' जारी की थी. आईडी-यूके के संस्थापक हृदेश गुप्ता ने कहा, ''ब्रिटेन में भारतीय प्रवासी समुदाय एक मजबूत, एकजुट और विकसित भारत के दृष्टिकोण में (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी जी और उनकी सरकार के साथ मजबूती से खड़ा है.''
'CJP मतलब-कन्फ्यूज्ड जनता पार्टी'
वहीं बीते दिन सीजेपी के खिलाफ भी लंदन में प्रदर्शनों का आयोजन किया गया था. लंदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में रैली करने वाले भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों की आलोचना करते हुए इस संगठन को 'कन्फ्यूज्ड जनता पार्टी' करार दिया और प्रदर्शन में पाकिस्तान, बांग्लादेश और फिलिस्तीन के लोगों की मौजूदगी पर सवाल उठाया.
लंदन में रहने वाले एक प्रवासी सदस्य ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, "हम यहां पीएम मोदी और भारत के समर्थन में इकट्ठा हुए हैं. अगर आप मेरे सामने देखें तो सीजेपी के ये सभी लोग, जिसे 'कॉकरोच जनता पार्टी' कहा जा रहा है, वास्तव में एक 'कन्फ्यूज्ड जनता पार्टी' हैं क्योंकि उन्हें खुद भी नहीं पता कि वे क्या कर रहे हैं."
#WATCH | United Kingdom | People supporting and opposing the Chief Election Commissioner and the Cockroach Janta Party gathered in Parliament Square, London. https://t.co/4SaNvjO15T
— ANI (@ANI) October 17, 2026
लंदन में भारतीय प्रवासियों का सीजेपी के खिलाफ प्रदर्शन
प्रतिभागी ने कहा, "यहां पाकिस्तानी हैं, बांग्लादेशी हैं और यहां तक कि फिलिस्तीनी भी हैं. इसका उनसे क्या लेना-देना है? यह भारत से संबंधित विरोध प्रदर्शन है. हम 'भारत माता की जय' कहते हैं, लेकिन वे नहीं कहते." समुदाय के एक अन्य सदस्य ने कहा कि भारतीय राजनीति देश के भीतर ही रहनी चाहिए, जहां उसके मतदाता रहते हैं.
एक अन्य सदस्य ने कहा, “मेरी राय में सारी भारतीय राजनीति भारत के भीतर ही रहनी चाहिए, क्योंकि जो लोग वोट दे सकते हैं वे वहीं रहते हैं. यह मेरी पहली बात है. दूसरी, अगर उन्हें यह सरकार पसंद नहीं है तो उन्हें अपनी विचारधारा के आधार पर उस सरकार को वोट देना चाहिए जिसका वे समर्थन करते हैं. तीसरा, उन्हें देश के बाहर भारत की छवि को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए.” अन्य सदस्य ने कहा, “हम यहां अपने जीवंत लोकतंत्र के समर्थन में हैं, जिसने पीएम मोदी को तीन बार चुना है.”
विदेशी फंडिंग से हो रहे प्रदर्शन!
एक प्रतिभागी ने आरोप लगाया, “ये सभी गतिविधियां विदेशी फंडिंग से संचालित हैं और इसका पर्दाफाश हो चुका है. उनमें चुनाव लड़ने और लोकतांत्रिक तरीके से जीतने की हिम्मत नहीं है.”
London, UK: A rally was held in support of Prime Minister Narendra Modi, with a large number of people gathering and raising slogans in his support. https://t.co/k1tVBa22Sx
— IANS (@ians_india) October 17, 2026
लंदन में भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्य भारतीय उच्चायोग के बाहर प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में रैली कर रहे थे, तिरंगा लहरा रहे थे और प्रधानमंत्री के पक्ष में नारे लगा रहे थे. सभा में भारतीय समुदाय के सदस्यों ने 'मोदी, मोदी', 'भारत माता की जय' और 'जय श्री राम' जैसे नारे लगाए, प्रधानमंत्री और भारत सरकार के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया.
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Notice something? 👀 Supporter of BHAGODA Dhruv. 🏃♂️💨😄 Different protest. Different flags. Same faces. Every time there's an anti-India event in London, the slogans change and the colours change, but the crowd doesn't. 🏳️ Meanwhile, we British Indians hold one flag, every time, with pride: the tiranga. 🇮🇳 And we stand with the country we live in: the Union Jack. 🇬🇧 Two flags. One heart. No confusion. ❤️ #BritishIndians #DhruvRathee #CJPProtests
— British Indians Voice 🇮🇳🇬🇧 (@BritIndianVoice) October 17, 2026
भारत के लिए लंदन में हुआ प्रदर्शन
प्रतिभागियों ने कहा कि वे विदेश में भारत की छवि की रक्षा करने और उन प्रदर्शनों का विरोध करने के लिए एकत्र हुए थे, जो उनकी राय में, विदेशी धरती पर देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे.
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समर्थन का यह प्रदर्शन भारत में कांग्रेस-नीत इंडिया गठबंधन और कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शनों के बीच आया, जो चुनाव आयोग को चुनावी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर निशाना बना रहे हैं. विपक्षी समूहों ने इस प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है.