‘पंजाब में गैंगस्टरों के लिए अब कोई जगह नहीं’ CM मान के नेतृत्व में ऑपरेशन प्रहार
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब में गैंगस्टरों के लिए अब कोई जगह नहीं है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस ने गैंगस्टरों के खिलाफ सीधा और निर्णायक एक्शन शुरू कर दिया है. मंगलवार से पूरे प्रदेश में गैंगस्टरों के खिलाफ जंग की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है.
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पंजाब की भगवंत मान सरकार में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने 'ऑपरेशन प्रहार' की प्रशंसा की. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया और बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब पुलिस ने मंगलवार से 'ऑपरेशन प्रहार' शुरू किया है, जिसका मकसद पंजाब को फिर से सुरक्षित बनाना है.
12,000 पुलिसकर्मी गैंगस्टरों के खिलाफ मैदान में
वीडियो में उन्होंने कहा कि करीब 2,000 टीमें, जिनमें 12,000 पुलिस अधिकारी और सभी सीनियर अफसर मैदान में हैं. इन टीमों का लक्ष्य उन गैंगस्टरों और उनके गुंडों को पकड़ना है, जो हमारे प्रांत में तबाही मचाना चाहते हैं या जिनकी योजनाएं पंजाब और देश के खिलाफ हैं. ऑपरेशन पूरे 72 घंटे तक चलेगा और मुख्यमंत्री मान इसे खुद मॉनिटर कर रहे हैं.
हरजोत सिंह ने पंजाब पुलिस की मेहनत की सराहना की और मुख्यमंत्री भगवंत मान को धन्यवाद दिया, जिन्होंने गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त निर्देश दिए हैं. उनका कहना है कि पुलिस दिन-रात काम कर रही है और यह ऑपरेशन बहुत जरूरी था.
उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के दौरान अमृतसर में एक एनकाउंटर हो चुका है और फतेहगढ़ में भी एनकाउंटर जारी है. हरजोत सिंह ने आम लोगों से अपील की कि वे इस अभियान में पुलिस का साथ दें ताकि पंजाब को गैंगस्टरों से मुक्त किया जा सके और इसे एक सुरक्षित पंजाब बनाया जा सके.
"पंजाब में गैंगस्टरों के लिए अब कोई जगह नहीं है"
वहीं, मीडिया से रूबरू होते हुए पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब में गैंगस्टरों के लिए अब कोई जगह नहीं है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस ने गैंगस्टरों के खिलाफ सीधा और निर्णायक एक्शन शुरू कर दिया है. मंगलवार से पूरे प्रदेश में गैंगस्टरों के खिलाफ जंग की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है.
डीजीपी ने बताया कि हाल ही में जो हाई प्रोफाइल कार्रवाई हुई थीं, वे इंटर-स्टेट ऑपरेशन्स से जुड़ी थीं और इन सबको मुख्यमंत्री मान ने खुद मॉनिटर किया. इसके बाद मुख्यमंत्री के साथ गहन मंथन हुआ, जिसमें एक पूरा रोडमैप तैयार किया गया. मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिए कि पंजाब में गैंगस्टरिज्म किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उसी के तहत पुलिस ने अपनी रणनीति बनाई और उस पर अमल शुरू हो गया.
पंजाब में शुरू हुआ 'ऑपरेशन प्रहार'
डीजीपी के मुताबिक, पहले चरण में 72 घंटे का बड़ा ऑपरेशन लॉन्च किया गया है. इसमें करीब 12 हजार पुलिस अधिकारी शामिल हैं, जो लगभग 2 हजार जगहों पर एक साथ रेड कर रहे हैं. खास तौर पर उन गैंगस्टरों पर शिकंजा कसा जा रहा है जो विदेशों में बैठे हैं और यह समझते हैं कि वे वहां सुरक्षित हैं. पुलिस उनके पंजाब में मौजूद साथियों, रिश्तेदारों और सपोर्ट सिस्टम को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर रही है.
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक तरफा हमला नहीं, बल्कि मल्टी-प्रॉन्गड अटैक है. गैंगस्टरों के पूरे नेटवर्क को तोड़ा जाएगा चाहे वह फाइनेंसिंग हो, हथियारों की सप्लाई हो, लॉजिस्टिक्स हो या फिर उन्हें शरण देने वाले लोग हों. मुख्यमंत्री खुद इस पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं.
डीजीपी ने बताया कि विदेश में बैठे गैंगस्टरों को वापस लाने के लिए एक खास सेल बनाई गई है, जिसकी अगुवाई आईजी रैंक के अधिकारी आशीष चौधरी कर रहे हैं. इस सेल में स्टेट और सेंट्रल एजेंसियों के अफसर मिलकर काम करेंगे. अभी तक 23 गैंगस्टरों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुके हैं या प्रक्रिया में हैं और बाकी 37 गैंगस्टरों के दस्तावेज पूरे कर अगले तीन महीनों में उनके खिलाफ भी रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जाएंगे.
उन्होंने कहा कि पंजाब में अब ऑर्गेनाइज्ड क्राइम के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी होगी. क्रिमिनल फाइनेंसिंग, मनी लॉन्ड्रिंग, प्रॉपर्टी अटैचमेंट और हर कानून का पूरी ताकत से इस्तेमाल किया जाएगा. गैंगस्टरों की अवैध संपत्तियां जब्त होंगी और उनके पूरे इकोसिस्टम को खत्म किया जाएगा.
एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन 24 घंटे एक्टिव रहेगी
डीजीपी ने यह भी बताया कि आम लोगों की भागीदारी के लिए एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन शुरू की गई है, जो 24 घंटे एक्टिव रहेगी. लोग बेझिझक सूचना दे सकते हैं, उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी.
इसके अलावा पंजाब सरकार ने 10 करोड़ रुपए का रिवॉर्ड फंड भी बनाया है. अगर कोई व्यक्ति किसी अपराधी या गैंगस्टर के बारे में ऐसी जानकारी देता है, जिससे उसकी गिरफ्तारी या ठिकाने तक पहुंचने में मदद मिलती है, तो उसे इनाम मिलेगा. एसएसपी स्तर पर 1 लाख, डीआईजी और पुलिस कमिश्नर स्तर पर 1.5 लाख, एडीजीपी और एजीटीएफ स्तर पर 2 लाख और डीजीपी स्तर पर अधिकतम 10 लाख रुपए तक का इनाम दिया जा सकता है.
साथ ही एनडीपीएस एक्ट के तहत भी इनाम तय किए गए हैं, जैसे एक किलो हेरोइन पकड़ने पर 60 हजार रुपए और प्रॉपर्टी फ्रीज करवाने पर 40 हजार रुपए का इनाम.
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