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'सियासत के सिवा भी हैं कई जरूरी काम', सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन से क्यों बनाई दूरी? खुद बताई वजह
Sonam Wangchuk: वांगचुक ने इसकी वजह बताते हुए कहा कि वह आने वाली सर्दियों की तैयारियों में व्यस्त हैं. इसके साथ ही उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों से अपील की कि वे हर हाल में शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहें.
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Jantar Mantar Protest: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन का समर्थन किया है. हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि वह इस प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पाएंगे. वांगचुक ने इसकी वजह बताते हुए कहा कि वह आने वाली सर्दियों की तैयारियों में व्यस्त हैं. इसके साथ ही उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों से अपील की कि वे हर हाल में शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहें...
CJP दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने जा रही है. संगठन का आरोप है कि मतदाता सूची में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान कई गड़बड़ियां हुई हैं. इसी मुद्दे को लेकर पार्टी देशभर में अभियान चला रही है और लोगों के बीच अपनी बात पहुंचाने की कोशिश कर रही है.
सोनम वांगचुक ने बताया, क्यों जरूरी हैं सर्दियों की तैयारियां
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सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करके अपनी बात रखी. उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से उनके काम में रुकावटें डालने और उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिशों के बावजूद वह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कामों में जुटे हुए हैं. उनके मुताबिक, लद्दाख जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में सर्दियों का मौसम आने से पहले जरूरी तैयारियां करना बेहद अहम है.
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वांगचुक ने बताया कि इन तैयारियों में पानी की समस्या से निपटने के लिए कृत्रिम ग्लेशियर बनाना भी शामिल है. इसके अलावा, ग्लेशियरों की झीलों से अचानक आने वाली बाढ़ यानी ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) के खतरे को समझने के लिए प्रयोग किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में 200 से ज्यादा ऐसी झीलें हैं, जो भविष्य में बड़े खतरे का कारण बन सकती हैं.. इसलिए समय रहते इनसे होने वाले नुकसान को कम करने के उपाय करना जरूरी है..
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प्रदर्शनकारियों से बोले वांगचुक, शांति बनाए रखना सबसे जरूरी
सोनम वांगचुक ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों को शुभकामनाएं दीं. इस दौरान उन्होंने मशहूर शायर फैज अहमद फैज की पंक्तियों का भी जिक्र किया. उन्होंने लिखा, 'और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा... राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा.'
इन पंक्तियों के जरिए वांगचुक ने यह संदेश देने की कोशिश की कि राजनीति के अलावा भी समाज में कई जरूरी मुद्दे हैं, जिन पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे अपने विरोध को शांतिपूर्ण तरीके से सामने रखें. अपनी पोस्ट के आखिर में उन्होंने लिखा, 'उम्मीद है कि हम बापू को निराश नहीं करेंगे.' महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए उन्होंने अहिंसा और शांति का संदेश दिया.
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पहले भी छात्रों के समर्थन में आंदोलन कर चुके हैं वांगचुक
सोनम वांगचुक इससे पहले भी CJP के आंदोलन में शामिल हो चुके हैं.. जुलाई में उन्होंने NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों के समर्थन में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था. उस दौरान प्रदर्शनकारी तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे.
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छात्रों के समर्थन में वांगचुक ने 26 दिनों तक भूख हड़ताल भी की थी. बाद में 23 जुलाई को उन्होंने गुरुग्राम के एक अस्पताल में अपना अनिश्चितकालीन अनशन खत्म कर दिया. उस समय केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह भी अस्पताल में मौजूद थे. वांगचुक ने बताया था कि कई मुद्दों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए उन्होंने अनशन समाप्त करने का फैसला लिया. फिलहाल, 10 अक्टूबर को होने वाले CJP के प्रदर्शन में वांगचुक खुद मौजूद नहीं रहेंगे, लेकिन उन्होंने अपने संदेश के जरिए प्रदर्शनकारियों को समर्थन दिया है. साथ ही उन्होंने एक बार फिर यह साफ किया कि किसी भी आंदोलन में शांति और अहिंसा बनाए रखना बेहद जरूरी है.