Advertisement

Loading Ad...

कोर्ट में नहीं चली माफी... गिड़गिड़ाता रहा वकील, हाई कोर्ट ने नहीं सुनी गुहार, जज ने सीधे कस्टडी का दिया आदेश

High Court Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में हाल ही में एक ऐसी घटना सामने आई जिसने सभी को चौंका दिया हैं. एक मामूली सी सुनवाई के दौरान माहौल अचानक इतना तनावपूर्ण हो गया कि जज साहब खुद गुस्से में आ गए.

Image Source: Meta AI
Loading Ad...

आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में हाल ही में एक ऐसी घटना सामने आई जिसने सभी को चौंका दिया हैं. एक मामूली सी सुनवाई के दौरान माहौल अचानक इतना तनावपूर्ण हो गया कि जज साहब खुद गुस्से में आ गए. यह मामला एक याचिका से जुड़ा था जिसमें किसी व्यक्ति के खिलाफ जारी लुक आउट नोटिस और पासपोर्ट जब्त किए जाने को चुनौती दी गई थी. सुनवाई के दौरान जस्टिस तर्लादा राजशेखर राव इस मामले को आगे के लिए टालने का विचार कर रहे थे. लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ कि कोर्ट रूम का माहौल पूरी तरह बदल गया. युवा वकील और जज के बीच बहस शुरू हो गई, जो धीरे -धीरे तीखी होती चली गई.

जज का गुस्सा फूटा, वकील को हिरासत में भेजने का आदेश

बहस के दौरान जज साहब काफी नाराज़ हो गए. उन्होंने वकील को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि क्या उन्होंने याचिका खारिज कर दी है जो वकील इस तरह बात कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि क्या वकील खुद को बहुत बड़ा सीनियर समझता है.
गुस्से में आकर जज ने पुलिस को बुलाने का आदेश दे दिया और यहां तक कह दिया कि वकील को 24 घंटे के लिए हिरासत में लिया जाए. यह सुनकर कोर्ट में मौजूद सभी लोग हैरान रह गए. आमतौर पर अदालत में ऐसी स्थिति बहुत कम देखने को मिलती है...

Loading Ad...

माफी मांगता रहा वकील, लेकिन नहीं पिघला दिल

Loading Ad...

स्थिति इतनी बिगड़ गई कि वह युवा वकील घबरा गया. उसने हाथ जोड़कर बार-बार माफी मांगी और कहा, “मुझे माफ कर दीजिए, प्लीज मिलॉर्ड।” उसकी आवाज़ में डर और बेबसी साफ झलक रही थी. उसने यह भी कहा कि वह पहले से ही दर्द में है..
लेकिन उस समय जज साहब का गुस्सा शांत नहीं हुआ. उन्होंने अन्य वकीलों की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस वकील का व्यवहार अदालत में बेहद अनुचित और ढीठ था,

बार एसोसिएशन के हस्तक्षेप से मामला शांत

Loading Ad...

जब मामला ज्यादा बढ़ गया तो बार एसोसिएशन ने बीच में आकर स्थिति को संभालने की कोशिश की. उनके हस्तक्षेप के बाद हालात कुछ शांत हुए. आखिरकार, जज साहब ने अपने ही आदेश को वापस ले लिया और वकील को हिरासत में भेजने का फैसला रद्द कर दिया गया. इससे वकील को बड़ी राहत मिली.'

फिलहाल टली सुनवाई, लेकिन सवाल बाकी

यह भी पढ़ें

इस पूरे मामले की सुनवाई अब अदालत की गर्मी की छुट्टियों के बाद तक के लिए टाल दी गई है. हालांकि, यह घटना कई सवाल छोड़ जाती है,  अदालत जैसे गंभीर और अनुशासित माहौल में ऐसा टकराव क्यों हुआ? और आखिर ऐसी क्या बात हुई जिससे जज इतना नाराज़ हो गए? यह घटना हमें यह भी दिखाती है कि अदालत में शब्दों और व्यवहार की कितनी अहमियत होती है. एक छोटी सी बहस भी कभी-कभी बड़े विवाद में बदल सकती है.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...