सलमान खुर्शीद ने अनुच्छेद 370 हटाने को लेकर की PM मोदी की तारीफ, कहा-कश्मीर में बड़ी समस्या थी

खुर्शीद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद के माहौल में प्रगति हुई है. उन्होंने बाद के चुनावों में 65 प्रतिशत मतदाताओं के मतदान और केंद्र शासित प्रदेश में एक निर्वाचित सरकार के गठन का हवाला दिया.

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30 May 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:21 AM )
सलमान खुर्शीद ने अनुच्छेद 370 हटाने को लेकर की PM मोदी की तारीफ, कहा-कश्मीर में बड़ी समस्या थी

'ऑपरेशन सिंदूर' आउटरीच मिशन पर सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने इंडोनेशिया में कहा कि अनुच्छेद 370 के हटने से जम्मू-कश्मीर में लंबे समय से चली आ रही अलगाववाद की समस्या खत्म हो गई है. सलमान खुर्शीद ने यह बात इंडोनेशियाई थिंक टैंक और शिक्षाविदों के सदस्यों के साथ बातचीत में कही.

370 पर सलमान खुर्शीद ने की मोदी सरकार की तारीफ

सलमान खुर्शीद ने कहा, "कश्मीर में लंबे समय से बड़ी समस्या थी. इसका एक बड़ा हिस्सा संविधान के अनुच्छेद 370 में सरकार की सोच में झलकता था, जिससे किसी तरह यह आभास होता था कि यह देश के बाकी हिस्सों से अलग है. लेकिन, अनुच्छेद 370 को आखिरकार हटा दिया गया."

5 अगस्त, 2019 को मोदी सरकार ने खत्म किया अनुच्छेद 370

संविधान के अनुच्छेद 370 ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा दिया था, जिसे 5 अगस्त, 2019 को भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने निरस्त कर दिया. निरस्तीकरण के बाद, राज्य को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया गया. अब ये केंद्र शासित प्रदेश हैं.

जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व में एक बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ आए खुर्शीद ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद के माहौल में प्रगति हुई है. उन्होंने बाद के चुनावों में 65 प्रतिशत मतदाताओं के मतदान और केंद्र शासित प्रदेश में एक निर्वाचित सरकार के गठन का हवाला दिया.

उन्होंने कहा, "इसके बाद 65 प्रतिशत भागीदारी के साथ चुनाव हुए. आज वहां एक निर्वाचित सरकार है और इसलिए, लोगों के लिए वह सब कुछ खत्म करना उचित नहीं होगा, जिससे कश्मीर में समृद्धि आई है."

ऑपरेशन सिंदूर पर बने प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं खुर्शीद

दक्षिण-पूर्व एशिया के दौरे पर गए प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं, जिनमें भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी, बृज लाल, प्रदान बरुआ और हेमंग जोशी, तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी, सीपीआई (एम) के जॉन ब्रिटास और पूर्व भारतीय राजदूत मोहन कुमार शामिल हैं.

जकार्ता में प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को प्रमुख थिंक टैंक और शिक्षाविदों, मित्रवत विदेशी मिशनों के रेजिडेंट राजदूतों के साथ-साथ इंडोनेशिया की नेशनल मैंडेट पार्टी (पीएएन) के नेताओं के साथ व्यापक बातचीत की.

किन देशों में सलमान खुर्शीद का दौरा?

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यह चर्चा पाकिस्तान से उत्पन्न सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने के लिए भारत की रणनीतिक पहुंच की निरंतरता को चिह्नित करती है. यह समूह इंडोनेशिया, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, जापान और सिंगापुर में हितधारकों को भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' के बारे में जानकारी दे रहा है.

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