'प्रवासी भारतीय होने पर गर्व...', PM मोदी के सामने बोले EU काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा, दिखाया अपना ओवरसीज कार्ड
India-EU Trade Deal LIVE: "EU काउंसिल का अध्यक्ष हूं लेकिन प्रवासी भारतीय भी हूं...", India-EU Trade Deal साइन होने के बाद हुई पीसी में अपना ओवरसीज कार्ड दिखाते हुए यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने PM मोदी के सामने कहा कि उन्हें भारत और गोवा की पहचान के लिए गर्व है.
Follow Us:
16वें भारत-EU समिट के दौरान भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच फ्री ट्रेड डील का ऐलान कर दिया. इस दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधि और नेता शामिल रहे. साझी PC के दौरान यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने कुछ ऐसा कहा जिसे सुन पीएम मोदी भी खुश हो गए और अपनी हंसी नहीं रोक पाए. दरअसल डेनमार्क के पूर्व पीएम और वर्तमान में EU परिषद के अध्यक्ष ने खुद को प्रवासी भारतीय बताया.
उन्होंने इस दौरान कहा कि गोवा से जुड़ी पहचान मेरे लिए गर्व की बात, मैं प्रवासी भारतीय हूं. उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा, “कल हमें भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनने का सौभाग्य मिला. यह भारत की विविधता का बेहद प्रभावशाली प्रदर्शन था. आज का दिन भी ऐतिहासिक है. आज हम व्यापार, सुरक्षा और लोगों के बीच आपसी रिश्तों को लेकर अपने संबंधों में एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं.”
कोस्टा ने आगे कहा कि "मैं यूरोपीय परिषद का अध्यक्ष हूं, लेकिन साथ ही मैं एक ओवरसीज इंडियन सिटिजन भी हूं. इसलिए, जैसा आप समझ सकते हैं, मेरे लिए इसका एक खास भावनात्मक मतलब है. मुझे अपनी गोवा से जुड़ी पहचान पर बहुत गर्व है, जहां से मेरे पिता का परिवार आया है. यूरोप और भारत के बीच का रिश्ता मेरे लिए सिर्फ आधिकारिक नहीं, बल्कि निजी भी है."
भारत के इतिहास की सबसे बड़ी ट्रेड डील
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) का ऐलान किया. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह एफटीए केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का नया ब्लूप्रिंट है. प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि इस एफटीए में ईयू के 27 देश शामिल हैं. साथ ही इसे भारत के इतिहास का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट बताया.
भारत की इकोनॉमी को होगा बड़ा फायदा
प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक, यह ऐतिहासिक समझौता हमारे किसानों और हमारे छोटे उद्योगों के लिए यूरोपीय मार्केट तक पहुंच को आसान बनाएगा, मैन्युफैक्चरिंग में नए अवसर पैदा करेगा और हमारे सर्विसेज सेक्टर के बीच सहयोग को और मजबूत करेगा.
FTA से क्या-क्या होगा?
इसके अलावा, यह एफटीए भारत और यूरोपीय संघ के बीच निवेश को बढ़ावा देगा, नए नवाचार साझेदारियों को प्रोत्साहित करेगा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करेगा. यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह साझा समृद्धि का खाका प्रस्तुत करता है.
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत और यूरोपीय संघ सहयोग विश्व के लिए अच्छा कदम है. बहुपक्षवाद और अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों का सम्मान हमारी साझा परंपरा है. हम एक मत हैं कि आज की चुनौतियों का समाधान करने के लिए वैश्विक संस्थानों में सुधार आवश्यक है. हम इंडो-पैसिफिक से लेकर कैरेबियन तक ट्राइ-लैटरल प्रोजेक्ट्स का विस्तार देंगे. इससे सस्टेनेबल एग्रीकल्चर, क्लीन एनर्जी और महिला सशक्तिकरण को समर्थन मिलेगा.
80 अरब यूरो है India-EU के बीच ट्रेड
प्रधानमंत्री के मुताबिक, मौजूदा समय में भारत और यूरोपीय संघ के बीच द्विपक्षीय व्यापार 80 अरब यूरो का है और करीब 8 लाख भारतीय यूरोप के अलग-अलग हिस्सों में रहते हैं. भारत और ईयू द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए करीब एक दशक से बातचीत कर रहे थे. दोनों पक्षों की ओर से इस मदर ऑफ ऑल डील बताया गया. इस समझौते से दुनिया के 2 अरब लोगों को फायदा होगा और विश्व की करीब 25 प्रतिशत अर्थव्यवस्था पर इसका असर देखने को मिलेगा.
भारत-ईयू FTA से लेदर, टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बिग बूस्ट
इतना ही नहीं भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मंगलवार को हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) देश के अधिक श्रम उपयोग वाले सेक्टर्स जैसे लेदर एंड फुटवियर, जेम्स एवं ज्वैलरी और टेक्सटाइल इंडस्ट्री से बड़ी सौगात लेकर आया है. अब यह सेक्टर जीरो ड्यूटी पर यूरोप के 27 देशों में आसानी से निर्यात कर पाएंगे.
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई पोस्ट में कहा गया कि भारत-ईयू एफटीए से देश के अधिक श्रम उपयोग वाले सेक्टर्स को बढ़ावा मिलेगा और उनके निर्यात में तेज वृद्धि देखने को मिलेगी.
पोस्ट में बताया गया कि इस ट्रेड डील से यूरोप को भारत के टेक्सटाइल और अपैरल निर्यात पर जीरो ड्यूटी लगेगी. इससे भारतीय निर्यातकों को ईयू के 263 अरब डॉलर के टेक्सटाइल बाजार में सीधे प्रवेश मिलेगा. इससे भारतीय निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और भारतीय बुनकरों का सशक्तिकरण होगा.
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत-ईयू एफटीए से लेदर एंड फुटवियर पर ड्यूटी जीरो हो गई है, जो कि पहले 17 प्रतिशत थी. इससे भारतीय निर्यातकों को यूरोप के 100 अरब डॉलर के बाजार में जीरो ड्यूटी पर निर्यात के मौके मिलेंगे.
रत्न और आभूषण उद्योग को भी फायदा
इसके साथ ही, इस एफटीए से रत्न और आभूषण उद्योग को भी फायदा होगा. इससे यूरोप के 79 अरब डॉलर के प्रीमियम मार्केट में नए अवसर खुलेंगे. वहीं, भारतीय निर्यातकों को यूरोप के 2 ट्रिलियन डॉलर के इंडस्ट्रियल बाजार में प्राथमिकता के आधार पर डायरेक्ट एंट्री मिलेगी.
भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) का ऐलान करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह एफटीए केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि साझा समृद्धि का नया ब्लूप्रिंट है. प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक, यह ऐतिहासिक समझौता हमारे किसानों और हमारे छोटे उद्योगों के लिए यूरोपीय मार्केट तक पहुंच को आसान बनाएगा, मैन्युफैक्चरिंग में नए अवसर पैदा करेगा और हमारे सर्विसेज सेक्टर के बीच सहयोग को और मजबूत करेगा.
Advertisement
यह भी पढ़ें
Advertisement