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‘मैं और प्रधानमंत्री मोदी काम पूरा करते हैं…’ ईरान से जंग के बीच ट्रंप को क्यों याद आया भारत? समझें मायने
अमेरिका और ईरान के बीच जंग को एक महीने होने को आए. इस युद्ध के चलते मिडिल ईस्ट में भारी तनाव है. साथ ही दुनिया उर्जा संकट से भी जूझ रही है.
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US -Iran War: ईरान के साथ जारी जंग के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के लिए बड़ा संदेश दिया है. ट्रंप ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर वह किसी भी समस्या का हल निकाल सकते हैं. जंग के बीच ट्रंप का ये बयान युद्ध बेहद अहम माना जा रहा है.
अमेरिका और ईरान के बीच जंग को एक महीने होने को आए. इस युद्ध के चलते मिडिल ईस्ट में भारी तनाव है. साथ ही दुनिया उर्जा संकट से भी जूझ रही है. इस बीच भारतीय दूतावास ने डोनाल्डल ट्रंप का एक संदेश शेयर किया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने PM मोदी के लिए दिया बड़ा संदेश
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अमेरिकी दूतावास की तरफ से डोनाल्ड ट्रंप के संदेश में लिखा गया, ‘भारत के साथ हमारे पुराने संबंध और प्रगाढ़ता की ओर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मैं (डोनाल्ड ट्रंप) ऐसे दो व्यक्ति हैं जो कि किसी भी समस्या से निपट सकते हैं. इससे ज्यादा कुछ कहने की जरूरत नहीं है.
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उन्होंने ये भी कहा कि भारत के साथ हमारे अद्भुत संबंध आगे चलकर और भी मजबूत होंगे. प्रधानमंत्री मोदी और मैं दो ऐसे व्यक्ति हैं जो काम को अंजाम देते हैं, जो कि अधिकांश लोगों के बारे में नहीं कहा जा सकता.
मोदी-ट्रंप के बीच हुई थी फोन पर बात
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ट्रंप का ये बयान PM मोदी और उनके बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद आया है. 24 मार्च मंगलवार को दोनों की फोन पर बात हुई थी. भारत में मौजूद अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा था, दोनों वैश्विक नेताओं ने होर्मुज को खुला रखने की अहमियत पर जोर दिया. इसके साथ ही मिडिल ईस्ट तनाव पर भी चर्चा हुई.
PM मोदी और डोनाल्ड ट्रंप ने इस बातचीत में तनाव को कम करने, शांति और स्थिरता पर जोर दिया. US एंबेसी ने PM मोदी के लिए ट्रंप के बयान को दोहराया, प्रधानमंत्री को 'काम पूरा करने वाला लीडर' बताया.
ट्रंप से बातचीत के बाद PM मोदी ने क्या कहा था?
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ट्रंप से फोन पर बातचीत के बाद PM मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया था. जिसमें उन्होंने बताया, ‘राष्ट्रपति ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया के हालात पर विचारों का अच्छा लेन-देन हुआ. भारत जल्द से जल्द डी-एस्केलेशन और शांति बहाली का समर्थन करता है. यह सुनिश्चित करना कि होर्मुज स्ट्रेट खुला, सुरक्षित और एक्सेसिबल रहे, पूरी दुनिया के लिए जरूरी है. हम शांति और स्थिरता की कोशिशों के बारे में संपर्क में रहने पर सहमत हुए.’
इजरायल ने अमेरिका के साथ मिलकर किया था हमला
पश्चिम एशिया में 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद तनाव बढ़ा. जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी. बदले में, ईरान ने इलाके में अमेरिकी और इजरायली जगहों, इलाके की राजधानियों और सहयोगी सेनाओं को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल हमले किए. इस लड़ाई ने ग्लोबल मार्केट पर असर डाला है और एनर्जी की कीमतें इलाके के डेवलपमेंट के हिसाब से बहुत ज्यादा सेंसिटिव बनी हुई हैं.
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वहीं, भारत के साथ अमेरिका की इस शीरी जुबानी के मायने उसकी कूटनीति से भी जोड़े जा रहे हैं. दरअसल, ईरान के साथ भारत के अच्छे और दोस्ताना संबंध हैं. हाल ही में ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय जहाजों को गुजरने की इजाजत दी थी. ऐसे में ट्रंप भारत के ईरान के साथ इस रिश्ते का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं. वहीं, माना ये भी जा रहा है कि अमेरिका अपने पक्ष में भारत को विश्वास में लेने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि अन्य देशों की मध्यस्था का वॉर पर कोई खास असर नहीं दिख रहा. हालांकि देखना होगा भारत ईरान और अमेरिका-इजरायल जंग के बीच अपने रुख में कोई बदलाव करेगा या नहीं.