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7 साल बाद SCO समिट में शामिल होने चीन पहुंचे पीएम मोदी, रेड कार्पेट पर हुआ ग्रैंड वेलकम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात साल बाद चीन दौरे पर पहुंच गए हैं. चीन में पीएम मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. चीन में पीएम मोदी की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठकें भी करेंगे.

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30 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:31 AM )
7 साल बाद SCO समिट में शामिल होने चीन पहुंचे पीएम मोदी, रेड कार्पेट पर हुआ ग्रैंड वेलकम
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अमेरिका से टैरिफ विवाद के बीच पीएम मोदी का चीन दौरा हो रहा है और इसे दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है. शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मलेन में शामिल होने के लिए पीएम मोद चीन के तियानजिन पहुंच चुके हैं. 

चीन पहुंचे पीएम मोदी, हुआ जोरदार स्वागत 

सात साल बाद चीन पहुंचे पीएम मोदी रविवार (31 सितंबर) को SCO सम्मेलन में शामिल होंगे. इस दौरान PM मोदी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति पुतिन और अन्य नेताओं से भी मुलाकात करेंगे. 

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शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का अब तक का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन 31 अगस्त से 1 सितंबर तक तियानजिन में होने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन की जापान यात्रा के बाद चीन के तिंयाजिन पहुंच चुके हैं. वे रविवार को तियानजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में हिस्सा लेंगे.

पीएम मोदी ने किया ट्वीट 

चीन पहुंचते ही पीएम मोदी ने एक ट्वीट किया है, पीएम ने अपनी ट्वीट में लिखा- चीन के तियानजिन में पहुंचकर, शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान गहन चर्चा में शामिल होने और विभिन्न देशों के नेताओं के साथ बैठक करने की आशा करता हूं.

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यह समिट ऐसे समय हो रही है जब रूस-यूक्रेन और इजराइल-हमास जंग जारी है. दक्षिण एशिया और एशिया प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा तनाव बना हुआ है और ट्रंप ने ग्लोबल ट्रेड वॉर छेड़ दी है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका लगभग हर देश के साथ अपने संबंध खराब कर रहा है. ऐसे में चीनी राष्ट्रपति के लिए खुद को ग्लोबल पावर के तौर पर स्थापित करने का एक अच्छा समय है.

SCO में अब 9 सदस्य, एशिया के लिए अहम मंच 

साल 2001 में बने SCO में अब 9 सदस्य देश हैं चीन, रूस, भारत, पाकिस्तान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और ईरान. बेलारूस, अफगानिस्तान और मंगोलिया इसके ऑब्ज़र्वर हैं. ये मंच एशिया में राजनीति, सुरक्षा और व्यापार के लिए बहुत अहम माना जाता है.

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मोदी और जिनपिंग ने आखिरी बार अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में ब्रिक्स समिट के दौरान मुलाकात की थी. इस दौरान दोनों के बीच द्विपक्षीय बातचीत भी हुई थी. वहीं शी जिनपिंग आखिरी बार 2019 में भारत दौरे पर आए थे. तब दोनों नेताओं ने तमिलनाडु के महाबलीपुरम में मुलाकात थी.

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