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महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि पर PM मोदी ने किया नमन, कहा- बापू के आदर्श हैं विकसित भारत की प्रेरणा
Mahatma Gandhi Death Anniversary: इस अवसर पर सभी नेताओं ने यह संदेश साझा किया कि महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत आज भी हमारे समाज और देश के लिए उतने ही महत्वपूर्ण हैं. उनके जीवन और शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर ही हम नैतिकता, सेवा और देशभक्ति के पथ पर अग्रसर हो सकते हैं.
78th Mahatma Gandhi Death Anniversary: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी 78वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की. पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि बापू के आदर्श आज भी हमें एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं. उन्होंने कहा कि गांधीजी का जीवन और उनके कृतित्व हमेशा देशवासियों को कर्तव्य और नैतिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते रहेंगे.
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से गांधीजी की अहिंसा और मानवता के प्रति प्रतिबद्धता पर ध्यान दिलाया. उनके अनुसार, बापू ने अहिंसा को सबसे बड़ा धर्म और परम सत्य माना. उन्होंने लिखा कि "अहिंसा परमो धर्मः, अहिंसा परम सत्य है, जिससे धर्म की स्थापना होती है." पीएम मोदी ने इस संदेश को वर्तमान और भविष्य के भारत के निर्माण के संदर्भ में जोड़ते हुए कहा कि अहिंसा की शक्ति के जरिए बिना हथियार के भी दुनिया को बदला जा सकता है.
केंद्रीय मंत्रियों और राज्य नेताओं का श्रद्धांजलि संदेश
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने महात्मा गांधी के आदर्शों की सराहना करते हुए कहा कि उनका जीवन न केवल भारत बल्कि संपूर्ण विश्व को सत्य, अहिंसा और सद्भाव के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है. उन्होंने गांधीजी के जीवन को सेवा, समर्पण और नैतिक साहस का प्रतीक बताया.
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने संदेश में गांधीजी को सत्य और करुणा का अग्रदूत बताया. उन्होंने कहा कि गांधीजी ने स्वच्छता और स्वराज को भारतीय समाज की आधारशिला माना. सिंधिया ने अपने संदेश में आम जनता से अपील की कि स्वच्छ भारत और गांधीजी के सपनों के भारत के निर्माण में योगदान दें.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महात्मा गांधी के जीवन को सत्य, अहिंसा और एकता का संदेश देने वाला बताया. उनके अनुसार, गांधीजी का जीवन लोककल्याण और समाज सेवा के पावन उद्देश्यों की प्राप्ति का आदर्श उदाहरण है.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी महात्मा गांधी को त्याग, तपस्या और राष्ट्रसेवा का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जीवन हमें न्याय, समरसता और शांति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है.
गांधीजी के आदर्श आज भी प्रासंगिक
इस अवसर पर सभी नेताओं ने यह संदेश साझा किया कि महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत आज भी हमारे समाज और देश के लिए उतने ही महत्वपूर्ण हैं. उनके जीवन और शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर ही हम नैतिकता, सेवा और देशभक्ति के पथ पर अग्रसर हो सकते हैं. गांधीजी की पुण्यतिथि न केवल उनकी याद दिलाती है, बल्कि हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने और देश के विकास में योगदान देने की प्रेरणा भी देती है.