थाईलैंड में Modi ने की Yunus से मुलाक़ात, द्विपक्षिय बैठक में आपसी सहयोग और शांति पर दिया ज़ोर

शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद पहली बार BIMSTEC सम्मेलन में पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस की बैंकॉक में मुलाक़ात हुई। इस द्विपक्षिय बैठक में आपसी सहयोग और शांति पर ज़ोर दिया गया।

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04 Apr 2025
( Updated: 08 Dec 2025
06:20 PM )
थाईलैंड में Modi ने की Yunus से मुलाक़ात, द्विपक्षिय बैठक में आपसी सहयोग और शांति पर दिया ज़ोर

शेख़ हसीना सरकार के बांग्लादेश से हटने के बाद भारत के साथ बांग्लादेश के रिश्ते अच्छे नहीं थे। इसी बीच बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हुए अत्याचार से भी भारत के लोगों में ग़ुस्सा था। भारत-बांग्लादेश के रिश्तों में तल्खी के बीच बैंकॉक की धरती पर पीएम मोदी और मोहम्मद यूनुस की मुलाकात हुई है। थाईलैंड में BIMSTEC सम्मेलन के इतर दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई है। यह बैठक इसलिए खास है, क्योंकि शेख हसीना सरकार के जाने के बाद यह दोनों देशों के बीच पहली द्विपक्षीय बैठक है। 


पीएम मोदी से मिलने की यूनुस की थी इच्छा

बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस की लंबे समय से पीएम मोदी से मुलाक़ात करना चाह रहे थे। और अब आखिरकार उनकी इच्छा पूरी हो गई। वह चाहते थे कि पीएम मोदी के साथ उनकी मुलाकात और बैठक हो। तल्खी की वजह से इस मुलाकात पर सस्पेंस था। मगर पड़ोसी राज्यों से अच्छे रिश्तों की बात करने वाले भारत ने बांग्लादेश की बात मान ली। भारत ने बांग्लादेश के साथ द्विपक्षीय बैठक पर अपनी मंज़ूरी दे दी। जिसके बाद 4 अप्रैल 2025 को थाईलैंड के बैंकॉक में आयोजित BIMSTEC शिखर सम्मेलन के दौरान यूनुस ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। 


क्यों खास है मोदी-यूनुस की मुलाकात

बता दें कि दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात शेख हसीना के अगस्त 2024 में सत्ता से हटने और भारत में शरण लेने के बाद पहली बैठक थी। ये मुलाकात दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण रिश्तों में सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। जबसे शेख हसीना सरकार बांग्लादेश से गई है, तब से ही देश के भारत संग रिश्ते अच्छे नहीं हैं। मोहम्मद यूनुस की नीतियों की वजह से रिश्ते तल्ख हो चुके हैं। ऐसे में ये तल्ख़ रिश्ता अब बेहतर होने के आसार है। 


क्या दोनों देशों के रिश्तों में होगा सुधार?

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शेख हसीना की सरकार जाने के बाद बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों और भारत के साथ संबंधों में आई खटास ने खूब चर्चा बटोरा। मोहम्मद यूनुस ने पहले भारत से शेख हसीना की प्रत्यर्पण की मांग की थी। इस बीच इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग और शांति पर जोर दिया। यह बैठक इसलिए भी खास है, क्योंकि यूनुस ने हाल ही में चीन के साथ नजदीकी बढ़ाई थी। अब देखने वाली बात है कि पीएम मोदी और यूनुस के बीच मुलाकात से रिश्तों में सुधार होता है या नहीं। 

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