जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

आम्रपाली ग्रुप मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की बड़ी कार्रवाई, दिल्ली के महारानी बाग में 54.71 करोड़ की संपत्ति अटैच

आरोप है कि आम्रपाली ग्रुप ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कई हाउसिंग प्रोजेक्ट लॉन्च किए और होमबायर्स से 36 महीने के अंदर फ्लैट देने और पक्का रिटर्न का वादा कर बड़ी रकम इकट्ठा की. हालांकि प्रोजेक्ट अधूरे रह गए और होमबायर्स को न तो फ्लैट मिला और न ही पैसा वापस किया गया.

Author
10 Oct 2026
( Updated: 10 Oct 2026
06:04 PM )
आम्रपाली ग्रुप मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की बड़ी कार्रवाई, दिल्ली के महारानी बाग में 54.71 करोड़ की संपत्ति अटैच
Image Credit: IANS
Advertisement

आम्रपाली ग्रुप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है. लखनऊ जोनल ऑफिस ने दिल्ली के महारानी बाग में 54.71 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति को अटैच किया है.   

आम्रपाली ग्रुप केस में ईडी की कार्रवाई

यह प्रॉपर्टी मेसर्स सुरभि एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर रजिस्टर्ड है. इसे प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत अटैच किया गया है. अटैच की गई प्रॉपर्टी का नंबर ए-3 (नया), महारानी बाग, नई दिल्ली है. ईडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर इस कार्रवाई की जानकारी दी है.

18 एफआईआर के आधार पर शुरू हुई जांच

ईडी की जांच यूपी पुलिस और दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज की गई 18 एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी. ये एफआईआर आम्रपाली ग्रुप की कंपनियों और उसके डायरेक्टर्स/प्रमोटर्स के खिलाफ अलग-अलग धाराओं के तहत दर्ज की गई थीं.

Advertisement

5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम डायवर्ट करने का आरोप

आरोप है कि आम्रपाली ग्रुप ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कई हाउसिंग प्रोजेक्ट लॉन्च किए और होमबायर्स से 36 महीने के अंदर फ्लैट देने और पक्का रिटर्न का वादा कर बड़ी रकम इकट्ठा की. हालांकि प्रोजेक्ट अधूरे रह गए और होमबायर्स को न तो फ्लैट मिला और न ही पैसा वापस किया गया. इस मामले में हुई फॉरेंसिक ऑडिट में पाया गया कि 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की होमबायर्स की रकम को आम्रपाली ग्रुप ने डायवर्ट कर दिया था.

अनिल कुमार शर्मा के परिवार के जरिए भी भेजी गई रकम

Advertisement

जांच में सामने आया कि होमबायर्स के पैसों को शेल और ग्रुप कंपनियों में डायवर्ट किया गया और डायरेक्टर्स ने प्रोफेशनल फीस के नाम पर उसे निकाल लिया. इसी रकम का एक हिस्सा सीधे और आम्रपाली ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल कुमार शर्मा के परिवार के सदस्यों के जरिए मेसर्स सुरभि एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड को लोन के रूप में भेजा गया और उसी पैसे का इस्तेमाल महारानी बाग वाली प्रॉपर्टी के लिए किया गया.

यह भी पढ़ें

इसी वजह से इस प्रॉपर्टी को अपराध से अर्जित आय के रूप में पहचाना गया और अस्थायी रूप से अटैच कर दिया गया. ईडी ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें