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IT कंपनी में नौकरी, AAP से नाता… कौन हैं अजिंक्य शिंदे? जिनको दिपके ने सौंपी आंदोलन की कमान
अभिजीत दिपके ने पहले से रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में बताया कि आगे प्रोटेस्ट की जिम्मेदारी अंजिक्य शिंदे संभालेंगे. इसके बाद लोगों के मन में ये ही सवाल है कि अजिंक्य शिंदे कौन हैं.
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जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने CJP फाउंडर अभिजीत दिपके समेत कई लोगों को हिरासत में ले लिया. जैसे ही दिपके का विमान दिल्ली लैंड हुआ पुलिस ने फ्लाइट के अंदर जाकर उन्हें हिरासत में ले लिया.
इस बीच अभिजीत दिपके ने पहले से रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में बताया कि आगे प्रोटेस्ट की जिम्मेदारी अंजिक्य शिंदे संभालेंगे. इस नाम के सामने आने के बाद गूगल पर एक सवाल भी काफी ट्रेंड करने लगा, आखिर कौन हैं अंजिक्य शिंदे?
कौैन हैं अंजिक्य शिंदे और क्या है दिपके से कनेक्शन?
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महाराष्ट्र के लातूर में रहने वाले अंजिक्य शिंदे ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DBATU) से बीटेक/कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की है. पुणे की एक अंतरराष्ट्रीय आईटी कंपनी में कई साल तक काम भी किया है.
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2016 में गोवा में वे आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े. उन्होंने गोवा विधानसभा चुनाव में काम किया, महाराष्ट्र टीम में सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर, पिंपरी-चिंचवाड़ कन्वीनर और महाराष्ट्र यूथ विंग के संयोजक के रूप में भूमिका निभाई. साल 2016 में ही दिपके से अंजिक्य की मुलाकात हुई थी.
अगस्त 2026 में CJP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उन्हें राष्ट्रीय संगठन प्रभारी नियुक्त किया गया. वे संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं के समन्वय और कार्यक्रमों के आयोजन संभालते हैं. उन्होंने मुंबई आंदोलन और ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान में अहम भूमिका निभाई थी.
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अब अभिजीत दिपके ने अजिंक्य शिंदे को दिल्ली में प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी है. अजिंक्य शिंदे कॉकरोच जनता पार्टी के नेशनल ऑर्गनाइजेशन इंचार्ज हैं. पार्टी में उनका काम संगठन को संभालना और कार्यक्रमों को जमीन पर उतारना है. इसमें टीम बनाना और प्रदर्शन की तैयारियों से लेकर आयोजन की व्यवस्था तक शामिल है. CJP को अभिजीत दिपके ने युवाओं से जुड़े एक आंदोलन के तौर पर खड़ा किया है.
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ क्यों हो रहा प्रदर्शन?
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दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ SIR से जुड़े करीब 14 फैसले दो अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए जाने का आरोप है. उन पर वोटर लिस्ट में बदलाव, गलत तरीके से लोगों के नाम वोटर लिस्ट में हटाने समेत कई आरोप हैं. इसके बाद ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की जाने लगी. विपक्ष ने चुनाव आयोग की एक तरफा फैसला लेने का आरोप लगाते हुए इस्तीफे की मांग की.