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‘हमारी मदद ज्ञानेश नहीं, गणेश जी कर रहे हैं’, कांग्रेस के आरोपों पर BJP का पलटवार, ‘फैक्ट चेक’ का दावा
BJP प्रवक्ता संबित पात्रा ने ज्ञानेश कुमार के बहाने BJP पर उठाए गए सवालों का जवाब दिया. उन्होंने कांग्रेस को इतिहास याद दिलाते हुए SIR से लेकर EVM के मुद्दे पर पलटवार किया.
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर हमलावर है. कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल CEC पर BJP को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा रहे हैं. इसी पर अब BJP ने पलटवार किया है. पार्टी के प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस पर बड़ा निशाना साधा है.
संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, BJP सांसद संबित पात्रा ने कहा, ‘हमारी कोशिश है कि हम देश के लोगों के सामने फैक्ट्स के आधार पर एक बहुत ही गंभीर मुद्दा रखें, कुछ विपक्षी पार्टियां खासकर कांग्रेस पार्टी देश में सरकार बदलने और किसी तरह राहुल गांधी को सत्ता में बिठाने की पूरी कोशिश कर रही हैं. इसके लिए भारतीय लोकतंत्र और देश की संवैधानिक संस्थाओं पर एक साथ हमला किया जा रहा है.
SIR पर उठ रहे सवालों का दिया जवाब
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संबित पात्रा ने कहा, यह प्रक्रिया कुछ महीने पहले शुरू नहीं हुई है बल्कि यह कई सालों से चल रही है. शुरू से ही कांग्रेस पार्टी ने बार-बार किसी भी तरह से राहुल गांधी को लॉन्च और रीलॉन्च करने की कोशिश की है.
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संबित पात्रा ने कहा, इस प्रक्रिया में समय-समय पर भारतीय सेना, सुप्रीम कोर्ट, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल), देश के हिंदुओं, ईवीएम मशीन पर अटैक किया गया. कुछ महीनों से चुनाव आयोग पर हमला किया जा रहा है. हमारा मानना है कि आज भी कांग्रेस पार्टी इलेक्शन कमीशन का इस्तेमाल करके देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश करने वाली है. हम तथाकथित रैली और मार्च के बारे में सुन रहे हैं. उनकी रैली होने से पहले, एक पॉलिटिकल पार्टी के तौर पर यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस मुद्दे को देश के लोगों के सामने सही तरीके से रखें और बताएं कि इलेक्शन कमीशन में क्या हो रहा है और सुप्रीम कोर्ट के सामने पूरे मामले में क्या हो रहा है.
SIR के लिए गलतफहमी और फेक न्यूज फैलाई गई
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उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से SIR को लेकर गलतफहमियां और फेक न्यूज फैलाई जा रही हैं. सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को लेकर एक याचिका दाखिल की गई थी. उस याचिका में मुख्य मांग थी कि चीफ इलेक्शन कमिश्नर को हटा दिया जाए, उन्हें बर्खास्त किया जाए. हालांकि शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
विवाद के बाद चुनाव आयोग ने फॉर्म 6 में बदलाव किया गया है. इस पर संबित पात्रा ने कहा, विपक्ष का एजेंडा है मुख्य चुनाव आयोग के खिलाफ अभियान चलाना है और उन्हें हटाना है.
राहुल गांधी के आरोपों का दिया जवाब
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संबित पात्रा ने कहा, ‘जब सुप्रीम कोर्ट ने अपना निर्णय सुनाया और नोटिस जारी किया तो राहुल गांधी की ओर से एक्स पर एक पोस्ट किया गया था. राहुल गांधी ने लिखा था, 'अब यह बात बिना किसी शक के साबित हो गई है कि ज्ञानेश कुमार ने गैरकानूनी तरीके से और एकतरफा तरीके से फॉर्म 6 में बदलाव किया था. यह उनका BJP की मदद करने के लिए अपने पद का गलत इस्तेमाल करने का एक और सबूत है, वह और हमारी डेमोक्रेसी पर इस क्रिमिनल हमले में शामिल हर कोई जिम्मेदार होगा.’
संबित पात्रा ने कहा, ‘आज, मैं एक-एक करके राहुल गांधी के झूठ का पुलिंदा खोलूंगा. इस पूरे एक्स पोस्ट में, राहुल गांधी ने चार गुमराह करने वाले शब्दों इस्तेमाल किए हैं. पहला, ‘फॉर्म 6 को गैरकानूनी तरीके से बदला गया है’ दूसरा, ‘फॉर्म 6 को एकतरफा बदला गया’ तीसरा, ‘इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया BJP की मदद करने की कोशिश कर रहा है’ और चौथा, ‘इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया का भारतीय लोकतंत्र पर क्रिमिनल हमला.’
उन्होंने कहा कि क्योंकि हम BJP हैं और विपक्ष यानी राहुल गांधी कह रहे हैं कि इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने BJP को चुनाव जीतने में मदद की. हम एक स्टेकहोल्डर हैं और इसलिए पार्टी के तौर पर हम इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बताएंगे कि हम लोगों के सपोर्ट से कैसे जीते और राहुल गांधी इस पूरे मामले में कैसे झूठ बोल रहे हैं.’
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संबित पात्रा ने कहा, चुनाव आयोग ने इस मुद्दे पर एक फैक्ट-चेक किया है. इलेक्शन कमीशन ने भी इसे गलत बताया है, लेकिन यह क्यों हुआ है? कल से फॉर्म 6 को लेकर जो पूरा मामला उठा है, वो क्या है? कल, जब सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई, तो CJI जस्टिस सूर्यकांत ने एक बात कही. फॉर्म 6 को लेकर वो क्या बात थी? सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘किसी भी बदले हुए फॉर्म 6 को हमने मंजूरी नहीं दी है. साफ-साफ कहूं तो, जब रिकॉर्ड में आएगा तो हम (सुप्रीम कोर्ट) देखना चाहेंगे कि किसने बदला है.’
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसने फॉर्म 6 में किसी भी बदलाव को मंजूरी देने वाला कोई ऑर्डर जारी नहीं किया है. उसने कहा कि जब मामला रिकॉर्ड पर आएगा, तो कोर्ट देखेगा कि फॉर्म 6 में कोई बदलाव किया गया था या नहीं.
संबित पात्रा ने कहा, ‘अब राहुल गांधी का झूठ नंबर एक फॉर्म 6 के बारे में है, कि फॉर्म 6 गैर-कानूनी है. इलेक्शन कमीशन ने कहा कि फॉर्म 6 में किए गए बदलाव को सुप्रीम कोर्ट का सपोर्ट था और सुप्रीम कोर्ट ने उस बदलाव को सही ठहराया.’
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BJP सांसद ने कहा, ‘इलेक्टोरल रोल की सफाई और शुद्धता पक्का करने के लिए, अगर ऐसे बदलाव जरूरी हैं, तो इलेक्शन कमीशन अपनी सीमित शक्तियों के अंदर ऐसा कर सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने खुद अपने ऑर्डर 152 में यह कहा है. पेज 110/124। पैराग्राफ 161 में, सुप्रीम कोर्ट कहता है, 'इसलिए, सब कुछ सुनने के बाद, हम मानते हैं कि कमीशन द्वारा तय किया गया डॉक्यूमेंटेशन सिस्टम उसके संवैधानिक अधिकार को आगे बढ़ाने के लिए उसके एडमिनिस्ट्रेटिव विवेक का सोचा-समझा इस्तेमाल है.’
संबित पात्रा ने कहा, ‘सबको पता है कि एक बहुत साफ प्रेस स्टेटमेंट जारी किया गया था, जिसमें तीनों इलेक्शन कमिश्नर एक साथ बैठे थे. स्टेटमेंट में कहा गया है कि फैसला एकमत से हुआ था, जिसमें तीनों के साइन हैं, तो, यहां राहुल गांधी ने अपना दूसरा दावा किया है, कन्फ्यूजन पैदा करने की एक और कोशिश की है. अब, राहुल गांधी का तीसरा दावा देखिए. तीसरा दावा यह है कि इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया BJP की मदद करने की कोशिश कर रहा है और इलेक्शन कमीशन BJP की मदद कर रहा है.
ज्ञानेश कुमार को 19 फरवरी 2025 को नियुक्त किया गया था. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव, साथ ही कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव, उनके अपॉइंटमेंट से पहले ही हो चुके थे. यह कहना कि चुनाव आयोग के कारण BJP लोकसभा चुनाव जीती है यह सरासर गलत है क्योंकि उनकी नियुक्ति 19 फरवरी 2025 को हुई है.
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उन्होंने कहा, ‘जो राहुल गांधी ने कहा है, इसी को मानते हुए उनसे मेरा एक सवाल है कि 2014 में जब लोकसभा का चुनाव हुआ था तो उस समय वी.एस. संपत मुख्य चुनाव आयुक्त थे. क्या वी.एस. संपत, जिनकी नियुक्ति 11 जून 2012 को हुई थी और जो 15 जनवरी 2015 तक कार्यरत रहे, जिनकी नियुक्ति यूपीए ने की थी, क्या उन्होंने BJP की मदद की और क्या उनके मदद से BJP जीती? कांग्रेस इसका उत्तर दे.’
संबित पात्रा ने कहा, ‘हमारी मदद ज्ञानेश कुमार नहीं कर रहे हैं, हमारी मदद 'गणेश जी' कर रहे हैं. बुद्धि, विद्या, ज्ञान और विवेक के देवता गणेश जी हैं. देश की जनता के पास बुद्धि, विवेक, ज्ञान है और जनता जानती है कि परिवारवाद, भ्रष्टाचार, आतंकवादियों के साथ खड़े होने वाले लोगों को वोट नहीं देना है. वोट उसको देना है जिसने कहा है कि मैं देश नहीं झुकने दूंगा.’
कांग्रेस को याद दिलाया इतिहास
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संबित पात्रा ने कहा, ‘के.वी.के. सुंदरम 1958 से 1967 तक इलेक्शन कमिश्नर रहे, बाद में इनको चेयरमैन ऑफ लॉ कमिशन बनाया गया. क्या यह क्रिमिनल असॉल्ट था? नागेंद्र सिंह 1972 से 1973 तक इलेक्शन कमिश्नर थे और कांग्रेस ने उन्हें पद्म विभूषण दिया था. क्या यह भारतीय लोकतंत्र पर एक क्रिमिनल हमला था? आर.के. त्रिवेदी 1982 से 1985 तक इलेक्शन कमिश्नर थे. उन्हें पद्म विभूषण दिया गया था और बाद में कांग्रेस ने उन्हें गवर्नर बना दिया. क्या यह भारतीय लोकतंत्र पर एक क्रिमिनल हमला था?
कांग्रेस के अध्यक्ष ने EVM पर हमला किया है और कहा है कि बैलेट पेपर से चुनाव कराया जाएं। जबकि राजीव गांधी देश में 61A लेकर आए थे, उन्होंने ही 1989 में Election Law Amendment Act के माध्यम से EVM को देश में introduce किया था और 2004 में पहली बार EVM द्वारा चुनाव कराया गया। तो क्या आज मार्च के दौरान राहुल गांधी, राजीव गांधी down, down के नारे लगाएंगे? जहां तक बैलेट पेपर से चुनाव का सवाल है, तो अभी-अभी त्रिपुरा में Village Committee Election के नतीजे घोषित हुए हैं। वहां 4,597 सीटों पर बैलेट पेपर से चुनाव हुए। जिसमें NDA 4,320 और कांग्रेस मात्र 14 सीट जीत पाई। राहुल गांधी जी, आपको जनता ने बैलेट पेपर पर भी रिजेक्ट कर दिया है। - डॉ. @sambitswaraj पूरा वीडियो देखें: https://t.co/vcgIsov4Is
— BJP (@BJP4India) ?ref_src=twsrc%5Etfw">October 6, 2026
BJP सांसद ने कहा, ‘कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने ईवीएम पर हमला किया है और मांग की है कि चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं. सेक्शन 61ए कौन लाया? और देश में ईवीएम किसने शुरू किया? राजीव गांधी सेक्शन 61ए लाए, क्या राहुल गांधी आज के मार्च के दौरान 'राजीव गांधी मुर्दाबाद' का नारा लगाएंगे? मैं आज राहुल गांधी से 10 सवाल पूछ रहा हूं, और मुझे उम्मीद है कि राहुल गांधी सभी 10 सवालों के जवाब देंगे. एसआईआर का विरोध करते हुए, कांग्रेस पार्टी को जवाब देना चाहिए, 2.8 करोड़ मरे हुए लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं. क्या उन्हें नहीं हटाया जाना चाहिए था?
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संबित पात्रा ने कहा, क्या राहुल गांधी और सोनिया गांधी वोट चोरी से सांसद बने हैं? वे खुद भी सांसद हैं. अगर हम वोट चोरी से सांसद बने हैं, तो क्या वे भी वोट चोरी से सांसद बने हैं? क्या कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश में सरकारें वोट चोरी से बनी हैं?
BJP सांसद ने कहा, ‘यह इंप्रेशन बनाने की बार-बार कोशिश की गई है कि SIR के जरिए 13 करोड़ लोगों के नाम हटाने की कोशिश की गई. मुझे अभी दिखाया गया है कि हिमाचल की 11 डिस्ट्रिक्ट काउंसिल में भाजपा के सपोर्ट वाले कैंडिडेट जीते हैं। यह अभी हुआ है. इन डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के चुनाव, जैसा कि मैंने आपको त्रिपुरा के चुनावों के बारे में बताया था, बैलेट पेपर से होते हैं. अब, यह देखिए, हिमाचल की 11 डिस्ट्रिक्ट काउंसिल में भाजपा के सपोर्ट वाले कैंडिडेट जीते हैं. यह कैसे हुआ? ये चुनाव बैलेट पेपर से हुए थे, है ना?
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संबित पात्रा ने कहा, ‘देश में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है कि 13 करोड़ लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित रखा जा रहा है. जब मतदाता सूची का शुद्धिकरण किया जाता है और उसमें 2.8 करोड़ लोगों को मृत पाया जाता है तो क्या मृत लोगों का नाम लिस्ट में होना चाहिए? कांग्रेस को इसका जवाब देना चाहिए. 3 करोड़ लोग अनुपस्थित हैं, क्या उनका नाम सूची में रहना चाहिए? बंगाल में 'छापा' वोट क्या होता था, हमने ये देखा है. आज लाठी के बल पर कोई बैलट पेपर से मतदान नहीं कर सकता है. क्या इसका शुद्धिकरण नहीं होना चाहिए.
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With IANS Input