कांग्रेस में नेहा बोरा को लेकर शुरू हुई कलह! राहुल गांधी ने अपने ही नेताओं को सुनाई खरी-खरी, बोले- आप गलत पार्टी में हैं
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान नेहा बोरा को राहुल गांधी के साथ विपक्षी मार्च में प्रमुखता मिलने पर कांग्रेस के छात्र और युवा संगठनों में नाराजगी की चर्चा है. इस बीच राहुल गांधी ने युवा नेताओं को संदेश दिया कि पार्टी में सिर्फ श्रेय लेने के मकसद से आने वालों के लिए कांग्रेस सही जगह नहीं है.
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राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के बीच वामपंथी छात्र नेता नेहा बोरा लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद नेहा बोरा कई बार पुलिस को चकमा देकर नारेबाजी करने में सफल रहीं. इसी बीच, जब राहुल गांधी विपक्षी दलों के सांसदों के साथ मार्च करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने जा रहे थे, तब उन्होंने नेहा बोरा को अपने वाहन के आगे खड़ा किया. उस वाहन में अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव समेत विपक्ष के कई अन्य नेता भी मौजूद थे. राहुल गांधी की ओर से नेहा बोरा को दी गई इस तवज्जो को लेकर अब कांग्रेस पार्टी के भीतर घमासान शुरू होने की चर्चा है.
दरअसल, कांग्रेस के छात्र और युवा संगठनों के कुछ नेताओं के बीच नेहा बोरा को मिल रही अहमियत को लेकर नाराजगी की बात सामने आ रही है. इस बीच राहुल गांधी ने युवा नेताओं को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जो लोग पार्टी में सिर्फ श्रेय लेने के मकसद से आ रहे हैं, उनके लिए कांग्रेस सही जगह नहीं है. उन्होंने कहा कि पार्टी ने देश में दशकों तक काम किया, लेकिन कभी उसका श्रेय लेने पर जोर नहीं दिया. ऐसे में संगठन से जुड़े नेताओं को भी व्यक्तिगत क्रेडिट की उम्मीद छोड़कर काम पर ध्यान देना चाहिए.
कांग्रेस के भीतर नेहा को लेकर क्यों बढ़ी नाराजगी
जानकारी देते चलें कि12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए विपक्षी मार्च में नेहा बोरा को मिली प्रमुखता को लेकर एनएसयूआई के कुछ नेताओं के असंतुष्ट होने की बात सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को हुए इस मार्च के दौरान पार्टी नेतृत्व ने नेहा बोरा को गांधी परिवार और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ एक ही बस में जगह दी थी. संगठन के कुछ नेताओं को यह बात रास नहीं आई. इस घटनाक्रम के बीच कांग्रेस के कुछ नेताओं ने वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े लोगों के पार्टी में आने और यहां राजनीतिक अवसर हासिल करने के चलन पर भी सवाल उठाए हैं. उनका मानना है कि इस मुद्दे पर संगठन के भीतर चर्चा की जरूरत है.
कांग्रेस मुख्यालय में हुई बैठक
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और सेवा दल से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा के दौरान यह संदेश दिया. इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल हुईं. इनके अलावा भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब और एनएसयूआई के अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने भी बैठक में हिस्सा लिया.
संघर्ष को सम्मान का प्रतीक मानें युवा नेता
बैठक में शामिल एक नेता के हवाले से बताया गया कि राहुल गांधी ने हालिया प्रदर्शनों के दौरान कार्यकर्ताओं को झेलनी पड़ी परेशानियों और पुलिस की कार्रवाई का जिक्र किया. ये प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किए गए थे. राहुल गांधी ने कहा कि इस तरह के संघर्ष कार्यकर्ताओं को कमजोर करने के बजाय और मजबूत बनाते हैं. उन्होंने पैर टूटने का उदाहरण देते हुए कहा कि इसे सिर्फ चिकित्सकीय आपात स्थिति के तौर पर नहीं देखना चाहिए, बल्कि संघर्ष और सम्मान के प्रतीक के रूप में भी याद रखना चाहिए.
राहुल गांधी ने युवाओं से क्या कहा?
राहुल गांधी ने युवा नेताओं को यह भी समझाया कि युवा कांग्रेस और एनएसयूआई जैसे संगठन केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं. यहां काम करने से नेतृत्व क्षमता विकसित होती है, अनुशासन और त्याग की भावना मजबूत होती है और मुश्किल परिस्थितियों में डटे रहने का हौसला मिलता है. उन्होंने युवाओं से इस अनुभव का पूरा लाभ उठाने, लगातार सीखने और खुद को भविष्य में बड़ी जिम्मेदारियां संभालने के लिए तैयार करने का आह्वान किया.
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बताते चलें कि नेहा बोरा को विपक्षी मार्च में मिली प्रमुखता अब कांग्रेस के छात्र और युवा संगठनों के भीतर चर्चा का विषय बन गई है. राहुल गांधी ने युवा नेताओं को श्रेय की राजनीति से दूर रहकर संघर्ष, अनुशासन और संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देने का संदेश दिया है. अब देखना होगा कि पार्टी के भीतर उठ रहे असंतोष पर आगे क्या रुख सामने आता है.