'दिल्ली पुलिस कभी भी उठा सकती है...', तिरंगा मार्च से पहले अभिजीत दिपके को सताने लगा गिरफ्तारी का डर, जानें क्या कहा
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच CJP ने शुक्रवार को सेंट्रल पार्क में 'लहरा दो तिरंगा' मार्च का ऐलान किया है. पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके ने दावा किया कि उन्हें दिल्ली पुलिस कभी भी हिरासत में ले सकती है.
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देश की राजधानी दिल्ली में पिछले एक हफ्ते से भी अधिक समय से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं. पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और बाद में विपक्षी INDIA ब्लॉक ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया. इस दौरान दिल्ली पुलिस ने भी कार्रवाई की. इसी कार्रवाई की कड़ी में सीजेपी नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को मंगलवार को बिना अनुमति जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के मामले में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया. इस बीच, सीजेपी ने शुक्रवार शाम दिल्ली के सेंट्रल पार्क में 'लहरा दो तिरंगा' मार्च निकालने का ऐलान किया है. इससे पहले, पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का डर सताने लगा है. क्योंकि सेंट्रल पार्क में पार्टी के इस कार्यक्रम के लिए दिल्ली पुलिस की तरफ़ से अनुमति नहीं मिली है.
अभिजीत दिपके ने क्या कहा?
सीजेपी की ओर से 'लहरा दो तिरंगा' मार्च के ऐलान के बाद गुरुवार देर रात पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि जब भी वह कहीं बाहर जाते हैं, तो बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियां उनका पीछा करती हैं. दिपके के मुताबिक, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के कर्मचारी भी उनके घर पर नजर रख रहे हैं. उन्होंने आशंका जताई कि दिल्ली पुलिस उन्हें कभी भी हिरासत में ले सकती है. प्रस्तावित मार्च को लेकर अभिजीत दिपके ने कहा कि सीजेपी के कार्यकर्ता अगले दिन शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकालेंगे और तिरंगा फहराएंगे. उन्होंने कहा कि अगर तिरंगा लहराना अपराध माना जाता है, तो ऐसा करने के लिए वह जेल जाने को भी तैयार हैं. दिपके ने अपने सहयोगियों सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें तिरंगा लहराने के मामले में गिरफ्तार किया गया है.
Delhi: CJP founder Abhijeet Dipke says, "Delhi Police and IB personnel have surrounded the house where I am currently staying. IB personnel and Delhi Police officers are roaming around all four lanes surrounding the house. Whenever I go out, vehicles without number plates follow me. When I returned just now, IB and police personnel were circling the house, talking to the watchman and gathering updates. So, Delhi Police may pick me up tonight or tomorrow morning..."
— IANS (@ians_india) October 15, 2026
CJP की क्या है मुख्य मांग?
अभिजीत दिपके ने स्पष्ट किया कि सीजेपी की मांग सरकार बदलने की नहीं, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की है. उन्होंने कहा कि इस पद पर किसी अन्य व्यक्ति की नियुक्ति स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए की जानी चाहिए. दिपके ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार अन्य चुनाव आयुक्तों की राय को भी महत्व नहीं दे रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग करना आखिर अपराध कैसे हो सकता है. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिपके ने देश की मौजूदा स्थिति पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने आरोप लगाया कि देश में आपातकाल जैसे हालात बन रहे हैं. साथ ही, उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी औपचारिक रूप से आपातकाल घोषित करने से इसलिए बच रहे हैं, क्योंकि ऐसा करने से उनकी छवि को नुकसान पहुंच सकता है.
सेंट्रल पार्क में प्रदर्शन की अनुमति नहीं: दिल्ली पुलिस
डीसीपी नेहा यादव ने बताया, 'सीजेपी ने सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए आम जनता से अपील की है कि वे 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में इकट्ठा हों और अपने साथ राष्ट्रीय ध्वज लाएं. आम आदमी पार्टी ने भी अपने कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम जनता से इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने और बड़ी संख्या में वहां पहुंचने की अपील की है.' उन्होंने कहा, 'सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति को देखते हुए शांति बनाए रखने और लोगों तथा सार्वजनिक व निजी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा पहले से ही लागू है.' डीसीपी ने कहा, 'कनॉट प्लेस और उसके आसपास के कई व्यापारिक और बाजार संघों ने अपनी दुकानों और प्रतिष्ठानों को उपद्रवी तत्वों और गैरकानूनी भीड़ से बचाने के लिए सुरक्षा की मांग की है. उनका कहना है कि ऐसी गतिविधियों से उनके कारोबार पर बुरा असर पड़ रहा है, खासकर मौजूदा त्योहारी सीजन के दौरान.'
बंद रहेगा सेंट्रल पार्क
डीसीपी ने बताया कि नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) ने भी दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर सूचित किया है कि प्रशासनिक कारणों से 16 और 17 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क बंद रहेगा. एनडीएमसी ने पुलिस से इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील सार्वजनिक पार्क के लिए उचित सुरक्षा इंतजाम करने और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को अंदर जाने से रोकने का अनुरोध किया है.
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आमजन से दिल्ली पुलिस की बड़ी अपील
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों और आम जनता से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी भीड़ या जमावड़े का हिस्सा न बनें, जो बीएनएसएस की धारा 163 के तहत जारी आदेशों का उल्लंघन करता हो. आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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बताते चलें कि सीजेपी के 'लहरा दो तिरंगा' मार्च के ऐलान और दिल्ली पुलिस की सख्ती के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है. एक ओर पार्टी शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की बात कह रही है, तो दूसरी ओर पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए लोगों से निषेधाज्ञा का उल्लंघन न करने की अपील की है. ऐसे में अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि CJP अपने मार्च को लेकर आगे क्या कदम उठाती है.