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ट्रंप के टैरिफ वॉर के बीच भारत का मास्टरस्ट्रोक, यूरोप ने मिलाया हाथ, अब दुनिया देखेगी अब तक की सबसे बड़ी डील

ndia-EU Trade Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया में टैरिफ वॉर छेड़ा हुआ है, इसी बीच भारत यूरोपीय यूनियन के साथ मिलकर सबसे बड़ी व्यापारिक डील की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया में टैरिफ वॉर छेड़ा हुआ है, यहां तक कि उन्होंने यूरोपीय देशों को भी नहीं बख्शा. ट्रंप भारत पर लगातार टैरिफ लगाकर अपनी मनमानी करना चाहते हैं, लेकिन हाई टैरिफ के बाद भी भारत की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) में दम दिख रहा है और तेजी से आगे बढ़ रही है. 

भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच बड़ी डील

ट्रंप ने दुनिया के कई देशों पर टैरिफ थोपा है और आर्थिक दबाव बनाकर अपनी मनमानी करनी चाही है. लेकिन इसी बीच अब दुनिया के कई देश व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए अब दूसरे रास्ते तलाश रहे हैं. बीते कुछ दिनों में ओमान से लेकर न्यूज़ीलैंड समेत अन्य कई ट्रेड डील करने के बाद अब भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच एफटीए (India-EU FTA) होने वाला है. 

भारत के लिए ये डील क्यों है खास?

भारत का यूरोपीय यूनियन के साथ ये व्यापारिक डील इसलिए भी खास है, क्योंकि इसका संभावित दायरा बहुत व्यापक है. इस डील से भारत के लिए यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों वाले बाज़ार तक अधिक पहुँच बनेगा और निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा. ये डील अमेरिका की मनमानी को भी कमजोर करेगा, और विश्व मंच पर भारत के पास डील के लिए कई विकल्प होंगे. 

बातचीत अब अंतिम पड़ाव पर

भारत का यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत साल 2007 से ही चल रही है. बीच में लगभग एक दशक तक ये बातचीत ठप भी हो गई थी. लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि ये अपने अंतिम पड़ाव पर है. ये डील महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, डिजिटल शासन और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती में सहयोग पर केंद्रित है.

ट्रंप ने यूरोपीय देशों को भी दी धमकी

आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप साल 2025 से ही लगातार दुनिया के कई देशों को टैरिफ से डरा रहे हैं. सबसे पहले तो उन्होंने उन देशों पर 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाया, जिनके ईरान के साथ व्यापारिक रिश्ते हैं. फिर ग्रीनलैंड पर कब्जे का जब यूरोपीय देशों ने विरोध किया तो ट्रंप ने 8 यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ़ की वॉर्निग दे डाली, जो 1 फरवरी से लागू होने वाला है. वहीं, 1 जून से इसे बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने की भी बात कही है. ऐसे में जो यूरोपीय देश अमेरिका के दोस्त माने जाते हैं. उन्हें भी अब ये लगता है कि डोनाल्ड ट्रंप किसी के सगे नहीं हैं. 

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