PM मोदी ने एक साथ 5 देशों को फोन मिलाकर ऐसा क्या कहा? झुकने को मजबूर हो जाएंगे US-ईरान!
मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भारत ने कूटनीतिक एक्टिविटी बढ़ा दी है. फ्रांस, कतर समेत 5 देशों ने PM मोदी ने बात की है. जिसमें होर्मुज संकट और डिप्लोमैसी पर बात की.
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अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव ने दुनिया के सामने कई चिंताएं खड़ी कर दी हैं. जंग के 20 दिनों में अमेरिका-ईरान ने क्या हासिल किया? इससे बड़ा सवाल ये है कि क्या गंवाया. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर दिया. जिससे दुनिया के सामने तेल और गैस का संकट खड़ा हो गया. ऐसे में भारत ने कुटनीतिक मोर्चे पर अपनी तैयारी शुरू कर दी है. PM मोदी ने एक दिन में पांच देशों के टॉप लीडर्स से मुलाकात की है.
जिन पांच देशों के लीडर्स से PM मोदी ने बात की है उनमें कतर, फ्रांस, जॉर्डन, ओमान और मलेशिया के प्रेसिडेंट, प्रधानमंत्री और शीर्ष नेता शामिल हैं. पांच देशों के नेताओं से PM मोदी ने फोन पर बात की और हालातों पर चिंता जताई. ईरान पर अमेरिका के हमलों के बाद मिडिल ईस्ट भयंकर तनाव का सामना कर रहा है. PM मोदी ने शांति पर जोर दिया और हालात पर चिंता जताई. इस दौरान उन्होंने एनर्जी स्टेशन पर हमले को भी निंदनीय बताया.
ईद की बधाई के साथ कूटनीति पर जोर
PM मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मिडिल ईस्ट के देशों से बातचीत के बारे में बताया. उन्होंने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से हुई बातचीत के बारे में बताया. PM मोदी ने उन्हें ईद की शुभकामनाएं दी और भारतीय क्षेत्र के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की. इस दौरान उन्होंने कतर में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की. PM मोदी ने भारतीयों की देखरेख और सहयोग के लिए अमीर शेख तमीम बिन हमद का आभार जताया. साथ ही उम्मीद जताई कि क्षेत्र में जल्द ही शांति और स्थिरता कायम होगी.
Spoke with my brother, H.H. Sheikh Tamim bin Hamad Al Thani, the Amir of Qatar, and conveyed warm Eid greetings to him and the people of Qatar.
Reiterated that we stand in solidarity with Qatar and strongly condemn the attacks on the region’s energy infrastructure.
Expressed…— Narendra Modi (@narendramodi) March 19, 2026
जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला को बताया भाई
PM मोदी ने जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला से टेलीफोन पर हुई चर्चा के बारे में बताया. उन्होंने लिखा, ‘मैंने फोन पर मेरे भाई जॉर्डन के महामहिम राजा अब्दुल्ला द्वितीय को ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दीं. हमने पश्चिम एशिया में बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई की और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए संवाद और कूटनीति की जरूरत पर बल दिया. पश्चिम एशिया में ऊर्जा अवसंरचना पर हमले निंदनीय हैं और इनसे अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है. भारत और जॉर्डन माल और ऊर्जा के निर्बाध पारगमन के प्रति प्रतिबद्ध हैं.’
Conveyed advance Eid wishes to my brother, His Majesty King Abdullah II, the King of Jordan, over phone.
— Narendra Modi (@narendramodi) March 19, 2026
We expressed concern at the evolving situation in West Asia and highlighted the need for dialogue and diplomacy for the early restoration of peace, security and stability in…
PM मोदी ने जॉर्डन में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए किंग अब्दुल्ला की तारीफ की और आभार जताया.
फ्रांस के राष्ट्रपति मैंक्रो से क्या हुई बात?
PM मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी फोन पर लंबी बातचीत की. इस दौरान उन्होंने साफ तौर पर तनाव को कम करने पर जोर दिया. दोनों ने युद्ध नहीं कूटनीति पर जोर दिया.
PM मोदी ने बातचीत के बारे में बताते हुए X पर लिखा, मैंने अपने प्रिय मित्र, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से पश्चिम एशिया की स्थिति और तनाव कम करने की तत्काल आवश्यकता के साथ-साथ संवाद और कूटनीति की ओर लौटने के बारे में बात की. हम इस क्षेत्र और उससे परे शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए अपने घनिष्ठ समन्वय को जारी रखने के लिए तत्पर हैं.
Spoke with my dear friend, President Emmanuel Macron, on the situation in West Asia and the urgent need for de-escalation, as well as a return to dialogue and diplomacy.
We look forward to continuing our close coordination to advance peace and stability in the region and…— Narendra Modi (@narendramodi) March 19, 2026
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने मोदी के ट्वीट का जवाब देते हुए उन्हें ‘प्रिय मित्र’ कहा. मैक्रों ने लिखा, ‘भारत और फ्रांस क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं.’
उन्होंने PM मोदी के शांति के प्रयासों की तारीफ की. मैक्रों ने कहा, हमारी कोशिशों के केंद्र में हमेशा डिप्लोमेसी रहेगी. दोनों नेताओं ने माना कि इस क्षेत्र में स्थिरता लाना न केवल उनके देशों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है.
दरअसल, भारत पर पूरी दुनिया की निगाहें हैं, क्योंकि इजरायल और ईरान दोनों से ही भारत के रिश्ते काफी दोस्ताना और मजबूत हैं. ऐसे में भारत के करीबी दोस्त मिलकर इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए समन्वय को बनाए हुए हैं.
जब UAE के राजदूत ने जताया था विश्वास
ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी भीषण युद्ध के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पहले राजदूत हुसैन हसन मिर्जा ने विश्वास जताया था कि PM मोदी के एक फोन कॉल मात्र से ही यह तनाव दूर हो सकता है. UAE के राजदूत का कहना था कि PM मोदी ग्लोबल लीडर हैं और वे ईरान और इजरायल दोनों से बात कर युद्ध रोकने की ताकत रखते हैं.
इस दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित और स्वंतत्र आवाजाही पर जोर दिया. वहीं, तनाव के PM मोदी ने पहली बार मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बातचीत की. जिसमें संवाद, कूटनीति के जरिए तनाव को कम कर शांति और स्थिरता बहाल करने पर जोर दिया गया.
20 दिनों से जारी जंग
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इजरायल और अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था. इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और टॉप कमांडर मारे गए. अमेरिका और ईरान के बीच उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर चल रही बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई. जिसके बाद अमेरिका ने ईरान पर अटैक किया. अलग-अलग रिपोर्ट में ईरान में 10 मार्च तक 1300 लोगों के मारे जाने का दावा किया गया. वहीं, मिडिल ईस्ट के अन्य देशों में भी बड़ी जनहानि हुई है.
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