मुजफ्फरनगर के मोरना में मॉर्डन होगी गंगा किसान चीनी मिल, बढ़ेगी पेराई क्षमता, अन्नदाताओं को मिलेगा बड़ा फायदा
CM Yogi: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना की घोषणा पिछले साल शिक्षक दिवस पर की थी, जिस पर अब कैबिनेट ने अंतिम मुहर लगा दी है. इस फैसले से प्रदेश के करीब 15 लाख शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी लाभ उठाएंगे
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Ganga Kisan Sugar Mill: प्रदेश सरकार ने मुजफ्फरनगर जिले के मोरना इलाके में स्थित गंगा किसान सहकारी चीनी मिल को लेकर एक अहम फैसला लिया है. सरकार ने तय किया है कि इस चीनी मिल की पेराई क्षमता को धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा. अभी यह मिल रोज़ाना 2500 टन गन्ने की पेराई करती है, लेकिन पहले इसे बढ़ाकर 3500 टन प्रतिदिन किया जाएगा और उसके बाद 5000 टन प्रतिदिन तक पहुंचाया जाएगा. इसके साथ ही मिल में नई और आधुनिक तकनीक की मशीनें लगाई जाएंगी, जिससे मिल का कामकाज पहले से ज्यादा बेहतर और तेज़ हो सके.
नई मशीनों से किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
अब तक मिल में पुरानी मशीनें और जर्जर प्लांट होने की वजह से गन्ना किसानों को ज्यादा फायदा नहीं मिल पा रहा था. मिल की क्षमता कम होने के कारण गन्ने की पेराई समय पर नहीं हो पाती थी और भुगतान में भी देरी होती थी. लेकिन नई आधुनिक तकनीक से बनी मिल में गन्ने की पेराई ज्यादा तेजी से होगी. इससे किसानों का गन्ना जल्दी खरीदा जाएगा और उन्हें समय पर पैसा मिल सकेगा. पेराई क्षमता बढ़ने से किसानों की आमदनी बढ़ेगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. सरकार का मानना है कि इससे गन्ना किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य को भी पूरा करने में मदद मिलेगी.
रोजगार के नए अवसर भी होंगे पैदा
चीनी मिल के विस्तार और आधुनिकीकरण से सिर्फ किसानों को ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को फायदा मिलेगा. जब मिल की क्षमता बढ़ेगी और नई मशीनें लगेंगी, तो वहां काम करने के लिए ज्यादा लोगों की जरूरत पड़ेगी. इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे. साथ ही सहकारी चीनी मिल पर किसानों का भरोसा भी बढ़ेगा और कृषि से जुड़ी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.
शिक्षकों और कर्मचारियों को मिली बड़ी राहत
इसी बैठक में प्रदेश सरकार ने शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों के लिए भी एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है. अब प्रदेश के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके परिवार के लोग सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज करा सकेंगे. यानी इलाज के समय उन्हें जेब से पैसा नहीं देना होगा.
लगभग 15 लाख लोग होंगे लाभान्वित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना की घोषणा पिछले साल शिक्षक दिवस पर की थी, जिस पर अब कैबिनेट ने अंतिम मुहर लगा दी है. इस फैसले से प्रदेश के करीब 15 लाख शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी लाभ उठाएंगे. सरकार इस योजना पर लगभग 448 करोड़ रुपये खर्च करेगी. इससे शिक्षकों और कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी और उन्हें इलाज की चिंता से राहत मिलेगी.
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