Advertisement

Advertisement

राबड़ी देवी की तीन याचिकाओं पर कोर्ट ने CBI-ED से जवाब मांगा, अगली सुनवाई 6 दिसंबर को

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राजद की वरिष्ठ नेता राबड़ी देवी ने 24 नवंबर को राउज एवेन्यू कोर्ट में एक महत्वपूर्ण याचिका दाखिल कर आईआरसीटीसी घोटाला मामले की सुनवाई कर रही अदालत पर पक्षपात का आरोप लगाया और केस को किसी अन्य अदालत में स्थानांतरित करने की मांग की थी.

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में तीन महत्वपूर्ण याचिकाएं दाखिल की हैं. इन याचिकाओं में उन्होंने ईडी के दो मामले, लैंड फॉर जॉब और आईआरसीटीसी घोटाले, के साथ ही सीबीआई के लैंड फॉर जॉब मामले को वर्तमान में जज विशाल गोगने की अदालत से किसी अन्य कोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग की है.

अदालत ने जारी किया नोटिस, CBI और ED से मांगा जवाब

जिला जज की अदालत ने राबड़ी देवी की इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया है और सीबीआई एवं ईडी से जवाब मांगा है. अदालत अब इन एजेंसियों के जवाब के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय करेगी. इन याचिकाओं पर अगली सुनवाई 6 दिसंबर को निर्धारित की गई है. इससे पहले भी राबड़ी देवी ने आईआरसीटीसी से जुड़े सीबीआई मामले में कोर्ट ट्रांसफर की मांग की थी, जिसकी सुनवाई भी 6 दिसंबर को ही होनी है.

पहले भी लगाया था पक्षपात का आरोप

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राजद की वरिष्ठ नेता राबड़ी देवी ने 24 नवंबर को राउज एवेन्यू कोर्ट में एक महत्वपूर्ण याचिका दाखिल कर आईआरसीटीसी घोटाला मामले की सुनवाई कर रही अदालत पर पक्षपात का आरोप लगाया और केस को किसी अन्य अदालत में स्थानांतरित करने की मांग की थी.

राबड़ी देवी का कहना था कि अदालत पूर्व-नियोजित तरीके से केस को आगे बढ़ा रही है और उनका न्यायिक दृष्टिकोण निष्पक्ष नहीं दिख रहा है. इसी कारण उन्होंने केस ट्रांसफर की मांग की है.

जस्टिस विशाल गोगने की अदालत वर्तमान में आईआरसीटीसी घोटाले मामले में राबड़ी देवी, लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव समेत कई अन्य के खिलाफ आरोप तय किए जाने के बाद सुनवाई कर रही है. यह मामला रेल होटल आवंटन में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसमें सीबीआई ने गंभीर आरोप लगाए हैं. इससे पहले 11 नवंबर को अदालत ने उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने दैनिक सुनवाई का विरोध किया था.

क्या है आईआरसीटीसी होटल स्कैम?

आईआरसीटीसी होटल स्कैम केस में पिछले महीने इंडियन पीनल कोड के सेक्शन 420 और 120बी और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के प्रावधानों के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया गया था. यह मामला 2004 और 2009 के बीच आईआरसीटीसी होटलों के कथित तौर पर गलत लीज-आउट से जुड़ा है, तब लालू प्रसाद यादव केंद्रीय रेल मंत्री थे.

लैंड फॉर जॉब केस में क्या है आरोप?

सीबीआई के जमीन के बदले नौकरी केस में, एजेंसी का दावा है कि रेलवे में ग्रुप-डी पोस्ट के लिए कैंडिडेट ने नौकरी के बदले लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों या बेनामी कंपनियों को जमीन ट्रांसफर की. वहीं, ईडी दावा कर रही है कि इन ट्रांजेक्शनों के जरिए भ्रष्टाचार किया गया.

Advertisement

यह भी पढ़ें

Advertisement

LIVE

Advertisement

अधिक →