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'कांग्रेस दिशाहीन...देश सुरक्षित हाथों में...', सोनिया गांधी की आंख-कान-नाक रहे अहमद पटेल के बेटे फैसल ने की PM मोदी की तारीफ

कभी कांग्रेस के सर्वे सर्वा और सोनिया गांधी की आंख-नाक और कान कहे जाने वाले दिवंगत अहमद पटेल के बेटे फैसल ने कहा कि देश की सुरक्षा, सुरक्षित हाथो में है. उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों के कारण भारत में शांति है, सिक्योरिटी सुनिश्चित है.

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12 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:41 AM )
'कांग्रेस दिशाहीन...देश सुरक्षित हाथों में...', सोनिया गांधी की आंख-कान-नाक रहे अहमद पटेल के बेटे फैसल ने की PM मोदी की तारीफ
Image: Faisal Patel / Ahmed Patel (File Photo)

कांग्रेस में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. ऑपरेशन सिंदूर, ट्रंप के साथ टैरिफ विवाद और डेड इकोनॉमी वाला बयान...कई ऐसे मौके आए हैं जब पार्टी के नेताओं ने राहुल गांधी की राय और सोच से अलग लाइन ली है और अलग तरह का बयान दिया है. इसी बीच शशि थरूर के बाद अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और दिवंगत अहमद पटेल के बेटे फैसल पटेल ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर सराहना की है. 

'चुनौतियां मौजूद लेकिन देश की बागडोर सुरक्षित हाथों में'
कभी कांग्रेस के सर्वे सर्वा और सोनिया गांधी की आंख-नाक और कान कहे जाने वाले दिवंगत अहमद पटेल के बेटे फैसल ने कहा कि देश की सुरक्षा, सुरक्षित हाथो में है. उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों के कारण भारत में शांति है, सिक्योरिटी सुनिश्चित है. उन्होंने आगे कहा कि जो नेता वर्तमान में भारत की बागडोर संभाले हुए हैं, जैसे नरेंद्र मोदी, एस जयशंकर, अमित शाह, राजनाथ सिंह और सुधांशु त्रिवेदी, वे सभी अपनी भूमिका को गंभीरता से निभा रहे हैं. उन्होंने यह भी माना कि देश महंगाई और बेरोजगारी जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है, लेकिन सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को नकारा नहीं जा सकता.

'कांग्रेस दिशाहीन, रणनीति में स्पष्टता की कमी'

जब उनसे पूछा गया कि कांग्रेस ने उन्हें कोई विशेष जिम्मेदारी क्यों नहीं दी, तो उन्होंने कहा कि पार्टी इस समय स्पष्ट दिशा के अभाव से जूझ रही है. उनका मानना है कि कांग्रेस एक अलग ही दुनिया में उलझी हुई है और उसकी रणनीति में स्पष्टता की कमी है. उन्होंने कहा कि बीजेपी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह पूरे राजनीतिक परिदृश्य पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश करती है, और विपक्ष की हर ताकत को कमजोर करना चाहती है. चाहे आम आदमी पार्टी हो या कोई अन्य दल, सभी कहीं न कहीं बीजेपी के प्रभाव से भयभीत हैं.

'कांग्रेस में उचित सलाह देने वालों की कमी'

ANI को दिए गए एक इंटरव्यू में फैसल पटेल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मेहनती बताया और यह भी कहा कि कांग्रेस में शशि थरूर, डीके शिवकुमार, रेवंत रेड्डी, दीपेंद्र हुड्डा और सचिन पायलट जैसे कई कुशल और समझदार नेता हैं. पटेल ने स्पष्ट किया कि पार्टी के भीतर संगठनात्मक स्तर पर समस्याएं हैं और निर्णय लेने वाली टीम को उचित सलाह नहीं मिल रही है. उनका यह भी कहना था कि नेतृत्व के आस-पास जो लोग हैं, वे स्थायित्व नहीं रखते और लगातार बदलते रहते हैं, जिससे वरिष्ठ नेताओं की बातों को अनसुना कर दिया जाता है.

'ऑपरेशन सिंदूर’ में पीएम मोदी का नेतृत्व निर्णायक...सेना ने देश को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला'

प्रधानमंत्री मोदी के प्रशासनिक नेतृत्व को लेकर फैसल पटेल ने कहा कि वे कांग्रेस का हिस्सा जरूर हैं, लेकिन पार्टी की कई नीतियों से उनकी असहमति है. उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सेना ने बेहद जटिल परिस्थितियों में देश को बाहर निकाला और इस मिशन में प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व निर्णायक रहा. उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर के प्रति भी गहरा सम्मान जताया और कहा कि मौजूदा सरकार का संचालन जिस तरह से हो रहा है, वह काबिले तारीफ है.

'फैसल पटेल का बीजेपी में जाने से इनकार'

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं, तो उन्होंने इस संभावना से इनकार किया. फैसल पटेल ने कहा कि वे फिलहाल जनसेवा पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता का मानना था कि लोगों की सेवा करने के लिए राजनीति में होना अनिवार्य नहीं है. फैसल पटेल ने बताया कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उनकी सीट आम आदमी पार्टी को दे दी गई थी, उस समय वे और उनकी बहन कांग्रेस से टिकट की आशा कर रहे थे. लेकिन अंततः पार्टी गुजरात की सभी 26 सीटों पर चुनाव हार गई.

कांग्रेस में युवा को नहीं मिल रहा उचित स्थान

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने कांग्रेस से कभी नाता नहीं तोड़ा और अब भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से उनके संबंध अच्छे हैं. हालांकि उन्हें कभी आगे आने का अवसर नहीं मिला. फैसल पटेल ने कहा कि वे पहले अपने पिता के साथ ही सैम पित्रोदा और गुरदीप सप्पल जैसे नेताओं के साथ भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं. उनका मानना है कि कांग्रेस को युवा नेतृत्व को उचित स्थान न देना भारी पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि वे अल्पसंख्यकों, क्षेत्रीय दलों और प्रवासी भारतीय समुदायों के साथ कांग्रेस के संपर्क को सुदृढ़ करने के लिए हमेशा तत्पर हैं.

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