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पश्चिम एशिया संकट से निपटने के लिए सीएम योगी की अपील, पब्लिक ट्रांसपोर्ट-रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विकल्प अपनाकर निभाएं दायित्व

पश्चिम एशिया संकट से निपटने के लिए सीएम योगी ने जनभागीदारी की अपील की है. उन्होंने कहा कि हर नागरिक का दायित्व बनता है कि वह पब्लिक ट्रांसपोर्ट और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विकल्पों को अपनाकर देश के आत्मनिर्भरता अभियान को मजबूती दे.

Image Credit: x/@myogiadityanath
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस तरह कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौरान देशवासियों ने एकजुट होकर संकट का सामना किया था, पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के बीच उसी सामूहिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय भावना के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है. यह वैश्विक संकट है, जिसका असर ईंधन, खाद्य व उर्वरक आपूर्ति पर पड़ सकता है. ऐसे समय हर नागरिक का दायित्व बनता है कि वह पब्लिक ट्रांसपोर्ट और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे विकल्पों को अपनाकर देश के आत्मनिर्भरता अभियान को मजबूती दे. मुख्यमंत्री गुरुवार को लखनऊ के होटल ताज में टाइम्स ऑफ इंडिया के "9 डिफाइनिंग इयर्स ऑफ ट्रांसफॉर्मिंग यूपी" कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे.

संकट के समय देशहित सर्वोपरि

मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी की अपील का उल्लेख करते हुए ईंधन की बचत के लिए रिन्यूएबल एनर्जी, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों, कार पूलिंग, मेट्रो, इलेक्ट्रिक व्हीकल और शटल बस जैसी व्यवस्थाओं को अपनाने का आह्वान किया. उन्होंने 7700 से अधिक गोआश्रय स्थलों में संरक्षित 15 लाख से अधिक गोवंश के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में गोबर गैस प्लांट आधारित सामूहिक किचन मॉडल विकसित करने की बात कही, जिससे एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट के समय देशहित सर्वोपरि होना चाहिए. हर नागरिक का दायित्व है कि वह राष्ट्र के साथ खड़ा होकर अपना योगदान दे. उन्होंने अधूरी जानकारी के आधार पर नकारात्मक टिप्पणी करने वालों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की अपील को पूरी गंभीरता से पढ़कर, समझकर और चिंतन-मनन के बाद ही निष्कर्ष निकालना चाहिए. देश रहेगा तो हम सब रहेंगे, प्रदेश सुरक्षित रहेगा तो हम सब सुरक्षित रहेंगे और देश समृद्ध होगा तो हम सब भी समृद्धि की ओर अग्रसर होंगे.

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बालिग होती पीढ़ी को सही जानकारी देना आवश्यक

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मुख्यमंत्री ने कहा कि बालिग होती पीढ़ी को उत्तर प्रदेश के बारे में सही जानकारी देना आवश्यक है. 500 से 1500 वर्ष पूर्व तक भारत की विश्व अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी 44-45 प्रतिशत थी, कारण था जीवन के हर क्षेत्र में सामूहिकता, समन्वय और परस्पर सहयोग. भारत के पास दुनिया की सर्वश्रेष्ठ भूमि और जल संसाधन थे. विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग प्रकार की परंपरागत खेती होती थी. खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग और हस्तशिल्प का भी उत्कृष्ट तंत्र विकसित था. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों का जाल फैला हुआ था. भारतीय कारीगर और व्यापारी विश्व बाजार तक अपनी वस्तुओं को पहुंचाते थे. खेती, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन की व्यापक संभावनाओं के कारण भारत विश्व की आर्थिक महाशक्ति बना.

आक्रमणों के बावजूद भारत अस्तित्व बचाने में सफल

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मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में आज जो आर्थिक समृद्धि दिखाई दे रही है, उसकी जड़ें मात्र 400-500 वर्ष पुरानी हैं, जबकि भारत में यह समृद्धि इससे बहुत पहले विद्यमान थी. लेकिन जब हमने अपने संसाधनों, ज्ञान और नवाचार पर विश्वास करना छोड़ दिया, रिसर्च एवं डेवलपमेंट को उपेक्षित किया तो हम पिछड़ते गए. उस समय तीर्थयात्रा पर्यटन का प्रमुख रूप थी. केदारनाथ में जलाभिषेक के लिए रामेश्वरम का जल और रामेश्वरम में अभिषेक के लिए गंगोत्री का जल ले जाने की परंपरा उत्तर और दक्षिण को जोड़ती थी. द्वादश ज्योतिर्लिंग और चार धाम पूरे देश को एक सूत्र में बांधते थे. जीवन इस तरह व्यवस्थित था कि कोई किसी पर बोझ न बने. यही कारण था कि भारत विश्व गुरु बना. हजार वर्षों के आक्रमणों, अत्याचारों और शोषण के बावजूद भारत अपने अस्तित्व और संस्कृति को बचाए रखने में सफल रहा, जो दुनिया में कम  ही देखने को मिलता है.

2017 से पहले उत्तर प्रदेश को बना दिया था प्रश्न प्रदेश

मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को प्रश्न प्रदेश बना दिया गया था. युवाओं के सामने पहचान का संकट था, व्यापारी पलायन कर रहे थे, किसान आत्महत्या कर रहे थे, त्योहारों के समय दंगे-फसाद होते थे, गुंडागर्दी और माफिया राज था. भाई-भतीजावाद, भ्रष्टाचार और सरकारी उदासीनता चरम पर थी. बिजली, सड़क, सिंचाई और बाजार की कोई व्यवस्था नहीं थी. परंपरागत उद्यम बंद हो रहे थे. इसी निराशा और अराजकता के माहौल में 2017 में जनता ने प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार को आशीर्वाद दिया. सरकार बनते ही हमने पहले एक महीने तक केवल मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ शाम छह बजे से रात बारह बजे तक बैठक की. हर विभाग का प्रेजेंटेशन लिया गया और कार्ययोजना तैयार की गई. खजाना खाली था, कर्मचारियों के वेतन के लिए भी पैसे नहीं थे, लेकिन हमने स्पष्ट नीति बनाई कि कोई भाई-भतीजावाद नहीं, कोई क्षेत्रवाद नहीं, कोई परिवारवाद नहीं. आज उत्तर प्रदेश में विकास केवल लखनऊ, वाराणसी या गोरखपुर तक सीमित नहीं है. सभी 75 जनपदों और 58,000 ग्राम पंचायतों में समान विकास हो रहा है. सभी जगह एक समान बिजली पहुंच रही है. अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति सख्ती से लागू है. भ्रष्टाचार पर भी जीरो टॉलरेंस है.

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बीमारू से भारत की विकास यात्रा का इंजन बना उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक्सप्रेसवे में यूपी का हिस्सा देश का 60 प्रतिशत है. पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे बन चुके हैं. भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट जेवर (नोएडा) बनकर तैयार है और 15 जून से उड़ानें शुरू हो रही हैं. देश की पहली रैपिड रेल दिल्ली-मेरठ के बीच चल रही है. राष्ट्रीय जल मार्ग सक्रिय हैं. फोर-लेन सड़कों और अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी का जाल बिछा है. कृषि वृद्धि दर 8 से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है. किसानों को मुफ्त सिंचाई, बेहतर बीज, तकनीक और बाजार की गारंटी दी जा रही है. गन्ना किसानों का 92 प्रतिशत भुगतान हो चुका है. चीनी मिलें घाटे से लाभ में आई हैं और अब इंटीग्रेटेड शुगर कॉम्प्लेक्स बन रही हैं. उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं, बल्कि भारत की विकास यात्रा का इंजन बन चुका है. 

जब सरकार सोती है तो इंस्पेक्टर राज चलता है

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मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले यूपी के एमएसएमई क्षेत्र के बारे में कोई सोचता भी नहीं था. सब कुछ भगवान भरोसे था क्योंकि सरकार चादर तानकर सो रही थी. जब सरकार सोती है तो इंस्पेक्टर राज चलता है. कारीगर हतोत्साहित और प्रताड़ित होकर पलायन कर चुका था या जैसे-तैसे गुजारा कर रहा था. लेकिन आज प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई यूनिट सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं, जिनमें लगभग तीन करोड़ लोगों को रोजगार मिला है. प्रदेश के पास आज 75,000 एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है. इन्वेस्टमेंट की पहली शर्त सुरक्षा, दूसरी शर्त लैंड बैंक और तीसरी शर्त स्पष्ट नीति है. अब यूपी में पॉलिसी पैरालिसिस नहीं है. हमने 34 सेक्टरों के लिए अलग-अलग सेक्टोरल पॉलिसी बनाई है. अब नीति भी है, नीयत भी है और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की इच्छाशक्ति भी. परिणाम यह है कि उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बेहतरीन निवेश गंतव्य बन चुका है.

युवाओं को यूपी में ही मिल रहा रोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जो 65 लाख युवा उद्योगों में काम करने के लिए दूसरे राज्यों में जाते थे, आज उन्हें यूपी में ही रोजगार मिल रहा है. सरकारी नौकरी एक सपना हुआ करती थी, लेकिन हम 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दे चुके हैं. हम उन राज्यों में शामिल हैं, जिन्होंने नकल और पेपर लीक को संज्ञेय अपराध की श्रेणी में डालकर आजीवन कारावास और दोषी की संपत्ति जब्त करने जैसी कड़ी सजाओं का प्रावधान किया है. महाकुंभ में 66-67 करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर आस्था की डुबकी लगाने आए. पूरे वर्ष भर यूपी के विभिन्न स्थलों पर कुल 156 करोड़ पर्यटक आए. यह यूपी की नई ताकत है जो होटल-रेस्टोरेंट, स्थानीय दुकानदारों, टैक्सी संचालकों व अन्य सेवा प्रदाताओं को रोजगार प्रदान करती है.

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महिलाएं अब रात 12 बजे भी बेखौफ घर आ सकती हैं

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मुख्यमंत्री ने कहा कि आज युवाओं के सामने पहचान का संकट नहीं है. पहले यूपी का नाम सुनकर लोग दस कदम पीछे हट जाते थे, आज वे यूपी वालों को सम्मान की नजर से देखते हैं. महिलाएं अब बिना किसी भय के शाम 6 बजे, 8 बजे, 10 बजे या रात 12 बजे भी घर लौट सकती हैं. नाइट शिफ्ट में महिलाएं ऑफिस और उद्योगों में काम कर रही हैं. बेटियां निडर होकर स्कूल जा रही हैं. हमने प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना बढ़ाया है. वर्ष 2017 में यह 43,000 रुपये थी, जो आज बढ़कर 1,20,000 रुपये से अधिक हो चुकी है. प्रदेश का वार्षिक बजट 2.5 लाख करोड़ के आसपास था, जो आज 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये का हो गया है. जीएसडीपी 12 लाख करोड़ से बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये हो गई है. इस दौरान हमने कोई नया टैक्स नहीं लगाया, बल्कि विकास के साथ-साथ गरीब कल्याणकारी योजनाओं को भी तेज किया. 65 लाख गरीबों को आवास, 2.61 करोड़ को शौचालय, 15 करोड़ को मुफ्त राशन और 10 करोड़ को आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. आज बैंक भी यूपी में सबसे अधिक निवेश कर रहे हैं क्योंकि उन्हें विश्वास है कि यहां पैसा सुरक्षित है.

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