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रंग ला रही BJP MP राजीव प्रताप रूडी की मेहनत, धरातल पर उतरा सोनपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट; CM सम्राट ने की समीक्षा बैठक
BJP सांसद राजीव प्रताप रूडी की परिकल्पना और व्यक्तिगत मेहनत रंग ला रही है. सोनपुर ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना धरातल पर उतर रही है. इसी कड़ी में सीएम सम्राट चौधरी ने सोनपुर एवं अजगैबीनाथ धाम को लेकर प्रस्तावित परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की है.
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बिहार में हवाई संपर्क (Air Connectivity) और आधारभूत संरचना के विस्तार की दिशा में सोनपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना को लेकर महत्त्वपूर्ण प्रगति हुई है. मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को एक मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास के ‘संकल्प’ सभागार में सोनपुर एवं अजगैबीनाथ धाम प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में सारण सांसद श्री राजीव प्रताप रूडी सहित मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त श्री मिहिर सिंह तथा सिविल विमानन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.
बैठक के दौरान सोनपुर ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट की परियोजना से संबंधित टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट (TEFR), मास्टर प्लान, भूमि अधिग्रहण, एयरपोर्ट की क्षमता, कनेक्टिविटी एवं आवश्यक आधारभूत संरचनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई. भारत सरकार के रेल मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम राइट्स लिमिटेड (RITES Ltd.) द्वारा एयरपोर्ट की TEFR का प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसके उपरांत बैठक में मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त हुआ.
निर्धारित योजना के अनुसार, सोनपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण में लगभग ₹6,500 करोड़ का निवेश पीपीपी (Public Private Partnership) मोड पर किया जाएगा. परियोजना के लिए बाहरी कनेक्टिविटी की लागत राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी. इससे परियोजना के निर्माण के साथ-साथ एयरपोर्ट को आसपास के प्रमुख क्षेत्रों से जोड़ने वाली आधारभूत संरचना के विकास को भी तीव्र गति मिलेगी.
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धरातल पर उतरी सोनपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना
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सोनपुर एयरपोर्ट को भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बड़े विमानों के संचालन के अनुकूल विकसित किया जाएगा. प्रस्तावित योजना के अनुसार, यहाँ 3800 मीटर लंबाई वाले तीन रनवे का निर्माण होगा. साथ ही, आधुनिक कैट गाइडिंग सिस्टम (CAT Guiding System) दोनों दिशाओं से उपलब्ध होगा, जिससे प्रतिकूल मौसम और कम दृश्यता जैसी परिस्थितियों में भी विमान संचालन की क्षमता को बेहतर बनाया जा सकेगा.
CM सम्राट चौधरी ने की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक
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इस एयरपोर्ट को कोड-ई (Code-E) और एफ (F) श्रेणी के बड़े विमानों, जिनमें बोइंग 777 और ए-320 (A-320), ए-380 (A-380) जैसे विमान शामिल हैं, के संचालन के अनुकूल विकसित करने की योजना है. इसके लिए विमानों की लैंडिंग, टैक्सी एवं पार्किंग की आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. सोनपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को केवल यात्री हवाई अड्डे के रूप में नहीं, बल्कि एक आधुनिक कार्गो हब (Cargo Hub) के रूप में भी विकसित करने की योजना है. इससे माल परिवहन, व्यापार एवं क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एयर कार्गो की संभावनाओं को विकसित किया जा सकेगा.
एयरपोर्ट परिसर की समग्र योजना में रनवे के मध्य, उत्तर-दक्षिण दिशा के बीच कमर्शियल एरिया (Commercial Area) और एयरोसिटी हब (Aerocity Hub) विकसित करने की परिकल्पना है. इससे एयरपोर्ट के आसपास व्यावसायिक एवं आर्थिक गतिविधियों के लिए एक संगठित क्षेत्र विकसित किया जा सकेगा. इसके अतिरिक्त, निजी एवं गैर-सरकारी कॉरपोरेट्स के लिए एक अलग छोटा टर्मिनल भी प्रस्तावित है, जिससे निजी एवं कॉरपोरेट विमान संचालन को स्वतंत्र सुविधा मिल सके.
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क्या खास है इस परियोजना में?
- सोनपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट 3800 मीटर लंबाई वाले तीन रनवे और आधुनिक कैट गाइडिंग सिस्टम के साथ विकसित होगा.
- पहले चरण में ₹6,500 करोड़ का निवेश PPP मोड पर होगा, जबकि बाहरी कनेक्टिविटी की लागत राज्य सरकार वहन करेगी.
- परियोजना का फेज-1 वर्ष 2030 तक पूरा होगा, जिसकी कुल लागत ₹37,000 करोड़ होगी.
- यहाँ कोड-E और F श्रेणी के बोइंग 777 और A-320, A-380 जैसे बड़े विमानों की लैंडिंग, टैक्सी एवं पार्किंग की सुविधा होगी.
- एयरपोर्ट को एक आधुनिक कार्गो हब (Cargo Hub) के रूप में भी विकसित किया जाएगा.
- निजी एवं गैर-सरकारी कॉरपोरेट विमानों के लिए अलग छोटा टर्मिनल विकसित किया जाएगा.
- रनवे के मध्य, उत्तर-दक्षिण दिशा के बीच कमर्शियल एरिया एवं एयरोसिटी हब विकसित होगा.
- 45 से 60 मीटर ऊंचे बिहार के सबसे बड़े और आधुनिक एटीसी टावर (ATC Tower) का निर्माण होगा.
- एयरपोर्ट टर्मिनल का विकास फेज-I, फेज-II और फेज-III में किया जाएगा.
- रैयतों (भूमि मालिकों) के हित में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को गति देने के लिए पीएमयू (PMU) का गठन किया गया है.
- भारत सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम RITES Ltd. द्वारा बैठक में TEFR प्रस्तुत की गई, जिसे बैठक में अनुमोदन प्राप्त हुआ.
- एयरपोर्ट परिसर में लगभग 45 से 60 मीटर ऊंचे आधुनिक एटीसी टावर (ATC Tower) के निर्माण की योजना है.
- प्रस्तावित ATC टावर को बिहार का सबसे बड़ा एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर बनाने की योजना है, जो भविष्य में एयरपोर्ट की बढ़ती परिचालन क्षमता के अनुरूप हवाई यातायात प्रबंधन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
तीन फेज में पूरी होगी परियोजना
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एयरपोर्ट के टर्मिनल का विकास फेज-I, फेज-II और फेज-III में किया जाएगा. परियोजना के फेज-I को वर्ष 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसकी कुल लागत ₹37,000 करोड़ होगी. आगे यात्री क्षमता और परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप दूसरे एवं तीसरे चरण में टर्मिनल तथा अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा.
परियोजना के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और समन्वित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए पीएमयू (Project Management Unit) का गठन किया गया है. यह विशेष समर्पित इकाई भूमि अधिग्रहण से संबंधित विभिन्न विभागों और प्रक्रियाओं के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के साथ-साथ रैयतों से जुड़े विषयों के समयबद्ध समाधान में भी सहयोग करेगी. मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण से जुड़ी प्रक्रियाओं में तेजी लाने तथा सभी आवश्यक कार्यों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया है.
परियोजना के फेज-I को वर्ष 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य
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सोनपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकसित होने से सारण सहित आसपास के क्षेत्रों में बेहतर हवाई संपर्क, व्यापार, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और रोजगार की संभावनाओं को व्यापक बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. बड़े विमानों के संचालन, कार्गो सुविधा और एयरोसिटी हब की परिकल्पना के साथ यह परियोजना क्षेत्र की भविष्य की आर्थिक एवं परिवहन आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित की जा रही है.