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CM योगी पर अविमुक्तेश्वरानंद की अभद्र टिप्पणियों से आहत GST डिप्टी कमिश्नर का इस्तीफा, कहा- मुख्यमंत्री का अपमान बर्दाश्त नहीं

अयोध्या के डिप्टी GST आयुक्त प्रशांत कुमार सिंह ने योगी सरकार के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.

अयोध्या में GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में अपना इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने कहा कि वह सरकार का नमक खाते हैं और मुख्यमंत्री का इस तरह अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते. उन्होंने आगे कहा कि समाज को बांटने की साजिश रची जा रही है और भोले-भाले लोगों को मुख्यमंत्री के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है. 

उन्होंने बताया कि उचित माध्यमों से उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा भेज दिया है. उन्होंने कहा कि शंकराचार्य द्वारा मुख्यमंत्री योगी पर की गई टिप्पणी से वह मर्माहत हैं। उन्हें बहुत बुरा लगा है और वह गहरे आहत हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब वह मुख्यमंत्री का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते. 

'CM योगी के खिलाफ आरोपों से आहत'

उन्होंने कहा, 'सरकार के समर्थन में और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का विरोध करते हुए मैंने इस्तीफा दिया है। पिछले दो दिनों से मैं हमारे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के खिलाफ उनके निराधार आरोपों से बेहद आहत था. जिस सरकार से मुझे वेतन मिलता है, जिससे मेरी रोजी-रोटी और परिवार चलता है, उसके प्रति मेरी कुछ नैतिक जिम्मेदारियां हैं. चूंकि मैं यूपी कर्मचारी नियमावली के तहत बंधा हुआ हूं, इसलिए दो दिनों से इस पीड़ा को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था और अंततः राज्यपाल को इस्तीफा भेज दिया.”

इस्तीफा स्वीकार होने तक दायित्व निभाता रहूंगा: डिप्टी GST कमिश्नर

GST डिप्टी कमिश्नर ने आगे कहा, “मैं तब तक अपना सरकारी काम करता रहूंगा, जब तक मेरा इस्तीफा मंजूर नहीं हो जाता। इस्तीफा स्वीकार होने के बाद, जो भी साधन मेरे पास होंगे, उनसे समाज के लिए काम करूंगा। आज जो दर्द मुझे है, वही मैं कह रहा हूं।”

ठेला गाड़ी पर बैठकर मुख्यमंत्री को उल्टा-सीधा नहीं कह सकते: प्रशांत सिंह

इस दौरान प्रशांत सिंह ने कहा कि संविधान में विरोध करने का तरीका तय है, लेकिन ठेला गाड़ी (पालकी) पर बैठकर मुख्यमंत्री को उल्टा-सीधा नहीं कहा जा सकता.  उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हमारे अन्नदाता हैं। उनका कहना था कि ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि ये समाज में गलत माहौल बनाते हैं और समाज को आपस में बांटते हैं. उन्होंने ऐसे बयानों का विरोध किया और कहा कि इनके कारण समाज जातियों में बंटने लगता है. 

समाज के खिलाफ रची जा रही साजिश: प्रशांत सिंह

प्रशांत सिंह ने आगे कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ अनर्गल और आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं. यह सीधे तौर पर राष्ट्र, संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ है. 

उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद भोले-भाले अधिकारियों को प्रलोभन देकर सरकार के विरुद्ध खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं. यह एक सोची-समझी साजिश है, जो संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है. 

‘सामाजिक विभाजन की साजिश’

सामाजिक विभाजन की साजिश का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन बयानों के जरिए समाज में जातिवाद का जहर घोला जा रहा है और देश-प्रदेश को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कोई लगातार अपमानजनक टिप्पणियां करता रहे और मैं रोबोट की तरह सिर्फ वेतन लेता रहूं, अपने राज्य और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अपमानजनक बातें सुनता रहूं, यह मुझे स्वीकार नहीं है. 

 

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