Advertisement
ईरान-अमेरिका जंग के बीच भारत में महंगाई का बड़ा झटका, पेट्रोल-डीजल 3 रुपये प्रति लीटर हुआ महंगा; जानें नई कीमतें
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल महंगे हो गए हैं. शुक्रवार से पेट्रोल और डीजल के दाम में 3-3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है. दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपए और डीजल 99.67 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है.
Advertisement
Petrol-Diesel Price Hike: ईरान-अमेरिका तनाव का असर अब सीधे भारत की जेब पर दिखने लगा है. शुक्रवार सुबह देशवासियों को महंगाई का बड़ा झटका मिला, जब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक साथ 3 रुपए तक की बढ़ोतरी कर दी गई. वहीं, सीएनजी की कीमत में भी 2 रुपए प्रति किलो का इजाफा हुआ है. लंबे समय से जिस फैसले की आशंका जताई जा रही थी, आखिरकार वही हुआ. खास बात यह है कि साल 2022 के बाद पहली बार देश में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं. ऐसे में आम आदमी से लेकर ट्रांसपोर्ट सेक्टर तक हर कोई इस फैसले से प्रभावित दिखाई दे रहा है.
क्यों बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम?
दरअसल, मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका के बीच जंग जैसे हालात ने दुनिया के सामने ऊर्जा संकट खड़ा कर दिया है. कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने लगी है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं. यही वजह है कि भारत में भी अब तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ गया था. बीते कुछ दिनों से इस बात के संकेत मिल रहे थे कि ईंधन के दाम कभी भी बढ़ सकते हैं.
Advertisement
पीएम मोदी की अपील और बढ़ती चिंता
Advertisement
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील की थी. उन्होंने लोगों से ज्यादा से ज्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने, निजी वाहनों का कम उपयोग करने और जहां संभव हो वहां वर्क फ्रॉम होम कल्चर को बढ़ावा देने की बात कही थी. उस समय कई लोगों को यह केवल बचत और पर्यावरण से जुड़ी सलाह लगी थी, लेकिन अब साफ हो गया है कि सरकार पहले ही आने वाले संकट को भांप चुकी थी.
महानगरों में क्या हुए नए दाम?
Advertisement
नई कीमतों के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल अब 97.77 रुपए प्रति लीटर हो गया है, जबकि डीजल 90.67 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है. कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 108.74 रुपए तक पहुंच गई है. वहीं मुंबई में पेट्रोल 106.68 रुपए और चेन्नई में 103.67 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है. डीजल के दामों में भी लगभग 2.80 रुपए से लेकर 3.30 रुपए तक का इजाफा हुआ है. मुंबई में डीजल 93.14 रुपए और चेन्नई में 95.25 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच चुका है.
तेल कंपनियों पर बढ़ा घाटे का दबाव
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कुछ दिन पहले ही संकेत दिए थे कि तेल कंपनियां भारी नुकसान झेल रही हैं. उनके मुताबिक कच्चे तेल की कीमतें पहले जहां 64 से 65 डॉलर प्रति बैरल थीं, वहीं अब बढ़कर करीब 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं. इसकी वजह से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को रोजाना लगभग 1000 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है. सरकार के अनुसार अंडर रिकवरी का आंकड़ा करीब 1.98 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है.
Advertisement
आगे महंगाई और बढ़ने के संकेत
जानकारों का मानना है कि अगर मिडिल-ईस्ट का तनाव जल्द कम नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल और महंगे हो सकते हैं. कुछ रिपोर्ट्स में तो यह तक कहा गया था कि कीमतों में 5 रुपए से लेकर 20 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है. यही कारण रहा कि पिछले दो दिनों में कई राज्यों के पेट्रोल पंपों पर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं. दिल्ली, यूपी, बिहार, गुजरात और हरियाणा समेत कई राज्यों में लोग घबराहट में अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करवाते नजर आए.
यह भी पढ़ें
बताते चलें कि इस बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं रहेगा. आने वाले दिनों में ट्रांसपोर्ट महंगा हो सकता है, जिससे फल-सब्जियों से लेकर रोजमर्रा की कई चीजों की कीमतों पर असर पड़ सकता है. यानी यह महंगाई धीरे-धीरे हर घर के बजट को प्रभावित कर सकती है. हालांकि सरकार का कहना है कि भारत अब तक दुनिया का एकमात्र बड़ा देश था, जिसने 2022 के बाद ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की थी. लेकिन अब वैश्विक परिस्थितियों और बढ़ती लागत के बीच यह फैसला लेना जरूरी हो गया था.