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पाकिस्तान की पोल खोलने रूस पहुंचा भारत का ऑल पार्टी डेलिगेशन, आतंकवाद के खिलाफ तैयार होगा मेगा प्लान!

डीएमके सांसद एमके कनिमोझी के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल पांच देशों की यात्रा के पहले चरण में गुरुवार की देर रात रूस की राजधानी मॉस्को पहुंचा. कनिमोझी की टीम के सदस्य रूस की संसद ड्यूमा के सदस्यों और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. इस दौरान थिंक टैंक के शीर्ष विशेषज्ञों से भी बातचीत की जाएगी.

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और पाकिस्तान पर कूटनीतिक प्रहार करने के लिए भारत का सर्वदलीय सांसदों का प्रतिनिधिमंडल दुनिया के अलग-अलग देशों में पहुंचने लगा है. इसी क्रम में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) सांसद एमके कनिमोझी के नेतृत्व वाला सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल पांच देशों की यात्रा के पहले चरण में गुरुवार की देर रात रूस की राजधानी मॉस्को पहुंचा. इस दौरान डोमोडेडोवो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भारतीय राजदूत विनय कुमार और अन्य अधिकारियों ने कनिमोई और उनकी टीम का स्वागत किया. 

एमके कनिमोझी की अगुवाई में रूस पहुंचने वाले प्रतिनिधिमंडल के सदस्य रूस की संसद ड्यूमा के सदस्यों और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. इस दौरान थिंक टैंक के शीर्ष विशेषज्ञों से भी बातचीत की जाएगी. रूस में दौरा पूरा करने के बाद भारतीय प्रतिनिधिमंडल यूनान, लातविया और स्पेन भी जाएगा. जहां आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में समर्थन जुटाएगा. इसके साथ ही पाकिस्तान की आतंकवाद परस्ती वाली सोच को उन देशों के सामने उजागर करेगा. 

आतंकवाद के खिलाफ भारत ने खोला मोर्चा 

दरअसल, डीएमके सांसद कनिमोझी की नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल सबसे पहले रूस का दौरा कर रहा है. इसको लेकर डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा, “रूस हमेशा से भारत का रणनीतिक साझेदार रहा है. हम अंतर्राष्ट्रीय मामलों की समिति के प्रथम उप-अध्यक्ष आंद्रे डेनिसन से मिलेंगे. हम रूस के उप-विदेश मंत्री से भी मुलाकात करेंगे. इसके अलावा हम थिंक टैंक और रूसी मीडिया प्रतिनिधियों से भी मिलेंगे. हम बताएंगे कि भारत में क्या हुआ और आतंकवाद से लड़ने के लिए हमें कैसे एक साथ आना है.”


किन लोगों से मुलाकात करेगी कनिमोझी की टीम 

रूसी संघ में भारत के राजदूत विनय कुमार के मुताबिक, सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के दौरे का मकसद वैश्विक समुदाय और रूसी संघ को, आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई को अवगत कराना है. इसके लिए रूस के सांसदों, विदेश मंत्रालय के अधिकारी, थिंक टैंकों और मीडिया के प्रतिनिधियों से भारतीय नेताओं की बातचीत होगी. उन्होंने आगे कहा आतंकवाद का मुकाबला करने पर भारत द्वारा किसी देश के साथ पहला संयुक्त कार्य समूह 2002 में रूसी संघ के साथ ही स्थापित किया गया था.

बताते चलें कि पहलगाम आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की हत्या की गई थी. इसके जवाब में भारत सेना ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर के हिस्सों में 9 आतंकी ठिकानों को पूरी तरह तबाह किया था. भारत की इस कारवाई में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे. इसके बाद आतंकियों के जनाजे की जो तस्वीरें सामने आई थी, उसने खुद पाकिस्तान की सेना और सरकार की आतंकवाद को समर्थन देने वाले सोच को उजागर किया था. क्योंकि आतंकियों के जनाजे में पाक सेना के अधिकारी, पुलिस और सरकार में शामिल लोग दिखाई दिए थे. भारत का प्रतिनिधिमंडल इन सब बातों और साक्ष्य को वैश्विक स्तर पर रखने के लिए विदेशी दौरे पर है. 

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