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बंगाल-बिहार के बाद अब 16 राज्यों की बारी, SIR की शुरू करो तैयारी; चुनाव आयोग ने जारी किया शेड्यूल
चुनाव आयोग ने SIR के तीसरे चरण की घोषणा की है, जिसके तहत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जाएगा. इस प्रक्रिया के बाद अधिकांश देश SIR के दायरे में आ जाएगा, जबकि हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कार्यक्रम बाद में होगा.
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पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद अब चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने अपनी अगली बड़ी तैयारी शुरू कर दी है. चुनाव आयोग ने गुरुवार को स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR के तीसरे चरण का ऐलान कर दिया. इस चरण में 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण (SIR) किया जाएगा. खास बात यह है कि इस बार दिल्ली भी इस प्रक्रिया में शामिल है, जहां अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को जारी की जाएगी.
देश के ज्यादातर हिस्से SIR के दायरे में
चुनाव आयोग के मुताबिक तीसरा चरण पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर लगभग पूरा देश SIR प्रक्रिया के दायरे में आ जाएगा. आयोग ने बताया कि इन तीनों क्षेत्रों में मौसम और हिमपात की स्थिति को देखते हुए कार्यक्रम बाद में तय किया जाएगा. इस चरण में ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मणिपुर, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली और तेलंगाना समेत कई राज्यों में यह अभियान चलाया जाएगा.
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घर-घर पहुंचेंगे बूथ लेवल अधिकारी
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चुनाव आयोग के अनुसार तीसरे चरण में करीब 3.94 लाख बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं से घर-घर जाकर संपर्क करेंगे. इससे पहले पहले और दूसरे चरण में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 59 करोड़ मतदाताओं को कवर किया जा चुका है. आयोग ने बताया कि पूरी प्रक्रिया में लाखों चुनाव कर्मी और राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट भी शामिल रहेंगे. माना जा रहा है कि इस अभियान का मकसद मतदाता सूची को और ज्यादा पारदर्शी और अपडेट बनाना है, ताकि आने वाले चुनावों में किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना कम हो सके.
जानें अपने राज्य का SIR शेड्यूल
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बहरहाल, SIR के तीसरे चरण के साथ देश के ज्यादातर राज्यों में मतदाता सूची को अपडेट करने का बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है. चुनाव आयोग की इस कवायद को आने वाले चुनावों से पहले बेहद अहम माना जा रहा है, जिससे वोटर लिस्ट और ज्यादा सटीक और पारदर्शी बन सके.