Advertisement
पंचर जोड़ते-जोड़ते बन गया आतंकियों का मददगार, नौशाद ने पाकिस्तान भेजी सेना की संवेदनशील जानकारी, अब तक 22 अरेस्ट
पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गैंग के सदस्यों को अलग-अलग जगह से अरेस्ट किया है. इनमें से एक सदस्य नौशाद फरीदाबाद से अरेस्ट किया गया है.
Advertisement
गाजियाबाद पुलिस ने ऐसे गिरोह पर शिकंजा कसा है. जो भारत में बैठकर पाकिस्तान को सेना की खूफिया जानकारी भेज रहे थे. पुलिस ने 22 युवकों को अरेस्ट किए है. इनमें से कोई पंचर बनाता था, तो कोई CCTV ऑपरेटर था और कोई मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाता था.
पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गैंग के सदस्यों को अलग-अलग जगह से अरेस्ट किया है. इनमें से एक सदस्य नौशाद फरीदाबाद से अरेस्ट किया गया है. नौशाद फरीदाबाद के नचौली में पेट्रोल पंप पर पंचर बनाता था.
4 से 6 हजार रुपए के लिए बेच डाला ईमान
Advertisement
बताया जा रहा है नौशाद 3 महीने से पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान चला रहा था, लेकिन दूसरी ओर वह पाकिस्तानी हैंडलर के लिए भी काम कर रहा था. वह सुरक्षा बलों, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन के वीडियो फोटोज पाकिस्तान भेजता था. वह पाकिस्तान से जुड़े कई ग्रुप में एक्टिव था. नौशाद को एक फोटो के लिए 4 से 6 हजार रुपए मिलते थे.
Advertisement
नौशाद बिहार के मुजफ्फरपुर थाना काटी क्षेत्र के अंतर्गत हरचंदा गांव का रहने वाला रहने वाला है. नौशाद इस गैंग में अकेला नहीं था बल्कि उसके जैसे अलग अलग 22 लोग थे. इस गैंग का सरना मेरठ में बैठा सुहेल था. जिसे पुलिस ने अरेस्ट कर लिया. नौशाद के अलावा अन्य लोगों को भी मथुरा समेत अलग-अलग जगहों से अरेस्ट किया गया. इनमें से एक आरोपी नाबालिग भी है. लेकिन असली मास्टरमाइंड सुहेल है जो सभी को पाकिस्तान से जुड़े ग्रुप्स से जोड़ता था.
कैसे कसा नौशाद पर शिकंजा?
Advertisement
इनपुट के आधार पर गाजियाबाद पुलिस कई बार पेट्रोल पंप पर पूछी थी. इस दौरान कई कर्मचारियों से पूछताछ की, नौशाद भी वहीं था लेकिन उससे कोई बात नहीं हुई, फिर बाद में पुलिसकर्मियों ने ही नौशाद के बारे में पूछा. जिसमें उन्हें उसकी पूरी जानकारी मिली.
यह भी पढ़ें
पुलिस ने नौशाद को अरेस्ट कर उसकी कुंडली खंगालनी शुरू कर दी. साथ में फोन भी जब्त कर लिया. नौशाद के खिलाफ पहले से देशद्रोह का मामला दर्ज है. देशविरोधी गतिविधियों में पुलिस और जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार जारी है. इससे पहले 14 मार्च को 6 लोगों को अरेस्ट किया गया था. गैंग के बारे में यह भी खुलासा हुआ है कि यह अलग-अलग जगहों पर CCTV और सोलर कैमरे लगाकर रिकॉर्ड डेटा को पाकिस्तान भेजते थे. अभी तक कि जांच में पता चला है कि गैंग ने 450 से ज्यादा फोटोज वीडियोज पाकिस्तान भेजे थे.