Advertisement

युवराज मौत केस में आया नया मोड़, वायरल वीडियो के बाद SIT ने प्रत्यक्षदर्शी से की लंबी पूछताछ

प्रत्यक्षदर्शी मुनेंद्र ने कहा कि वह किसी भी तरह के दबाव या डर में नहीं हैं और पूरी ईमानदारी के साथ अपना बयान दर्ज कराएंगे. उन्होंने साफ कहा कि जो कुछ उन्होंने देखा, वही जांच टीम के सामने रखेंगे. मुनेंद्र के साथ उनके भाई और पिता भी नोएडा अथॉरिटी कार्यालय पहुंचे

नोएडा के इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए तथ्य सामने आ रहे हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने जांच के 5वें दिन एक बार फिर नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-6 स्थित कार्यालय में डेरा डाला.

एसआईटी ने 5वें दिन प्रत्यक्षदर्शी से की गहन पूछताछ

इस दौरान एसआईटी टीम ने घटना के प्रत्यक्षदर्शी मुनेंद्र को जांच के दायरे में शामिल करते हुए उनसे विस्तृत पूछताछ की.

सूत्रों के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शी मुनेंद्र हाल ही में सामने आए एक वायरल वीडियो के बाद जांच एजेंसियों के रडार पर आए थे. इस वीडियो के सामने आने के बाद पूरे मामले में नया मोड़ आ गया और एसआईटी ने तत्काल उन्हें पूछताछ के लिए बुलाने का निर्णय लिया. तय समय पर मुनेंद्र अपने परिवार के साथ नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय पहुंचे, जहां एसआईटी के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे घटना से जुड़े हर पहलू पर सवाल-जवाब किए.

"किसी भी तरह के दबाव या डर में नहीं हैं"

प्रत्यक्षदर्शी मुनेंद्र ने कहा कि वह किसी भी तरह के दबाव या डर में नहीं हैं और पूरी ईमानदारी के साथ अपना बयान दर्ज कराएंगे. उन्होंने साफ कहा कि जो कुछ उन्होंने देखा, वही जांच टीम के सामने रखेंगे. मुनेंद्र के साथ उनके भाई और पिता भी नोएडा अथॉरिटी कार्यालय पहुंचे, जिससे यह साफ संकेत मिला कि परिवार जांच में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है.

एसआईटी सूत्रों का कहना है कि प्रत्यक्षदर्शी के बयान इस पूरे मामले की दिशा और दशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम और प्रत्यक्षदर्शी के बयान में कोई विरोधाभास तो नहीं है.इसके साथ ही, मौके पर मौजूद अन्य लोगों की भूमिका, घटनास्थल की परिस्थितियां और युवराज की मौत से पहले की गतिविधियों को भी खंगाला जा रहा है.

परिजनों ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की

गौरतलब है कि युवराज की मौत के बाद परिजनों ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की थी, जिसके बाद एसआईटी का गठन किया गया.लगातार पांचवें दिन की कार्रवाई से यह साफ है कि जांच एजेंसियां किसी भी कड़ी को नजरअंदाज नहीं करना चाहतीं.

Advertisement

Advertisement

अधिक →